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पूर्व सैनिक के उत्पीड़न मामले में एसआईटी का गठन:राज्य सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल किया हलफनामा, अधिकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई

प्रयागराज3 महीने पहले
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अब इस मामले की सुनवाई 16 जुलाई को होगी। - Dainik Bhaskar
अब इस मामले की सुनवाई 16 जुलाई को होगी।
  • पूर्व सैनिक सरदार रेशम सिंह और उनके परिवार की महिलाओं के पुलिस उत्पीड़न का मामला

पूर्व सैनिक सरदार रेशम सिंह और उनके परिवार की महिलाओं के पुलिस उत्पीड़न व पिटाई मामले में राज्य सरकार ने सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिया है। सरकार ने कोर्ट को बताया कि इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की गई है। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर होगी पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी भी होगी। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी। जस्टिस सूर्य प्रकाश केसरवानी और जस्टिस गौतम चौधरी की खंडपीठ ने की इस मामले की सुनवाई की।

पुलिस ने पूर्व सैनिक व महिलाओं को बेरहमी से पीटा था

हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में पूर्व सैनिक ने पुलिस पर खुद और परिवार की महिलाओं की बेरहमी से पिटाई किए जाने का आरोप लगाया था। पूर्व सैनिक ने याचिका में कड़ी कार्रवाई किए जाने और इंसाफ दिलाए जाने की मांग की है।

3 मई को पीलीभीत से लखीमपुर खीरी जाते समय हुई थी घटना

रेशम सिंह अपनी मां और दो बहनों के साथ 3 मई को पीलीभीत से लखीमपुर खीरी जा रहे थे। अपने दिवंगत जीजा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए वे परिवार के साथ निकले थे। उसी समय पुलिस ने उन्हें रोक लिया। रोकने का कारण पूछने पर पूर्व सैनिक व उसके परिवार की जमकर पिटाई कर दी थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इसके बाद पुलिस इस मामले की लीपापोती करने में जुट गई थी। पूर्व सैनिक ने पुलिस पर उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं करने का भी आरोप लगाया था।

डीजीपी से मांगा था व्यक्तिगत हलफनामा

12 जुलाई को हुए इस मामले की सुनवाई में कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा था कि पुलिस पर लगे आरोप 'बहुत खेदजनक' स्थिति को दर्शाते हैं।

कोर्ट ने एडवोकेट जनरल को इस मामले में पेश होने और पीडि़त परिवार की मदद करने को कहा साथ ही प्रदेश के डीजीपी से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था।

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