वैक्सीन नहीं लगवाने वालों की जान मुश्किल में:भर्ती मरीजों में ज्यादा गंभीर वही, जिन्होंने दोनों डोज नहीं ली; वैक्सीनेटेड को कम खतरा

प्रयागराज/ लखनऊ6 महीने पहले
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अभी तक कोविड वैक्सीन न लगवाने वालों के लिए यह बुरी खबर है। अब तक जो मरीज अस्पताल पहुंचे हैं, हमने उनकी सेहत की पड़ताल की तो पता चला कि जिन्होंने कोरोना की वैक्सीन नहीं लगवाई थी वे ज्यादा मुश्किल में हैं। मेरठ में 19 मरीज भर्ती हैं। इनमें सिर्फ 9 ने ही दोनों डोज लिए हैं। वाराणसी में भर्ती हुए सभी मरीज वैक्सीनेटेड हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि जो वैक्सीनेटेड हैं, वे जल्दी रिकवर कर रहे हैं।

प्रयागराज में लेवल थ्री के एसआरएन अस्पताल के ICU में इन मरीजों का इलाज भी चल रहा है। यह मरीज BiPAP मशीन पर रखे गए हैं। यहां कोविड के आठ मरीज भर्ती हैं और इसमें चार मरीजों ने वैक्सीन तो लगवाई थी लेकिन बाकी चार ने वैक्सीनेशन नहीं कराया था। एसआरएन अस्पताल के नोडल डा. सुजीत कुमार वर्मा ने बताया कि आठ मरीजों में तीन जो BiPAP पर हैं उनमें दो ने वैक्सीनेशन नहीं कराया था।

वैक्सीन लगवाने वाले मरीजों को ज्यादा खतरा नहीं
फिजिशियन डॉ. सुजीत कुमार बताते हैं कि अस्पताल में भर्ती मरीजों में जिन्होंने वैक्सीन लगवा रखी है उन्हें ज्यादा खतरा नहीं है। वैक्सीन लगवाने वाले एक मरीज को भी बाईपैप मशीन रखा गया है लेकिन वह हार्ट अटैक के मरीज हैं और उनको कोविड हो गया।

भर्ती आठ मरीजों का यह हिस्ट्री

  • 62 वर्षीय मरीज को हार्ट अटैक आया था। इन्होंने वैक्सीन तो लगवाई थी फिर भी कोविड पॉजिटिव हो गए। हार्ट की वजह से परेशानी बढ़ी तो BiPAP मशीन पर रखकर इलाज किया जा रहा है।
  • 65 वर्षीय मरीज को सीओपीडी की पुरानी बीमारी है। निमोनिया भी है। वैक्सीन नहीं लगवाई थी अब BiPAP मशीन पर इलाज चल रहा है। पुरानी बीमारी की वहज से सांस लेने में तकलीफ ज्यादा है।
  • 60 वर्षीय महिला मरीज ने भी वैक्सीन नहीं लगवाई थी, निमोनिया की शिकायत हुई और हालत गंभीर होने पर इन्हें भी BiPAP मशीन पर रखा गया है।
  • 58 वर्षीय महिला ने वैक्सीनेशन तो कराया था लेकिन ब्रेन हेमरेज की वजह से कोविड की चपेट में आ गईं। आक्सीजन सपोर्ट पर इलाज च रहा है।
  • करीब 70 वर्षीय मरीज का पैर फ्रैक्चर था ऑपरेशन के पहले कोविड जांच पाजिटिव आ गया, इन्होंने भी वैक्सीन लगवा रखी थी। इन्हें ज्यादा खतरा नहीं है।
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