गंगा के विभिन्न घाटों से सैंपल कलेक्ट किया:जांच में प्रदूषित मिला गंगा का पानी, हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर चल रही है सुनवाई, सौंपेंगे रिपोर्ट

प्रयागराज4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
गंगा में प्रदूषण की निगरानी खुद हाईकोर्ट कर रहा है। - Dainik Bhaskar
गंगा में प्रदूषण की निगरानी खुद हाईकोर्ट कर रहा है।

हाईकोर्ट में गंगा प्रदूषण पर दायर जनहित याचिका पर चल रही सुनवाई के तहत शुक्रवार को गंगा के विभिन्न घाटों से सैंपल कलेक्शन के बाद उसकी जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने हैं। जांच में पानी में प्रदूषण मिला है। पानी से झाग भी उठ रहा था। अब यह रिपोर्ट हाईकोर्ट के सामने प्रस्तुत की जाएगी।

हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर हो रही सुनवाई

गंगा जल की गुणवत्ता व शुद्धता की जानकारी के लिए गंगा प्रदूषण जनहित याचिका के अधिवक्ता विजय चंद्र श्रीवास्तव, एडवोकेट सुनीता शर्मा, प्रदूषण जनहित याचिका के याची योगेन्द्र कुमार पांडे व इलाहाबाद दुर्गा पूजा समिति के सचिव डॉक्टर पीके राय ने शुक्रवार को गंगा के विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्थानों पर जल का सैंपल भी लिया गया।

गंगा निरीक्षण टीम का कहना है कि जल के सैंपल की जांच करवाकर उच्च न्यायालय के समक्ष अगली सुनवाई की तिथि पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जायेगी। निरीक्षण टीम ने प्राथमिक जांच में यह पाया है कि विभिन्न स्थानों पर गंगा जल का रंग काला है। यही नहीं जगह जगह झाग के बुलबुले उठ रहे हैं। ऐसी स्तिथि में प्रशासन का यह दावा कि गंगा भक्तों व संतों को शुद्ध जल नहाने और पीने को मिलेगा इसमें शंका है। जांच टीम का कहना है कि प्रशासन का दावा फेल साबित हो रहा है।

प्रशासन पर भेदभाव का आरोप

उधर, हर्ष चैतन्य ब्रह्मचारी महराज टीकरमाफी ने प्रशासन पर भेद- भाव का आरोप लगाते लगाया है। उनका कहना है कि कोविड प्रोटोकॉल के अनर्गत सभी संत व महात्माओं को समान रूप से सुविधा नहीं दी जा रही है। उन्होंने माघ मेला प्रशासन से समान रूप से सुविधा देने की मांग की है।

खबरें और भी हैं...