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प्रयागराज में जेल से गैंगस्टर लड़ेगा प्रमुखी का चुनाव:सपा ने मुजफ्फर को बनाया अपना उम्मीदवार, आवेदक और प्रस्तावकों ने ब्लाक प्रमुख पद का भरा पर्चा

प्रयागराज4 महीने पहले
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समाजवादी पार्टी ने मुजफ्फर को कौढि़हार ब्लॉक प्रमुख पद का उम्मीदवार घोषित किया है। - Dainik Bhaskar
समाजवादी पार्टी ने मुजफ्फर को कौढि़हार ब्लॉक प्रमुख पद का उम्मीदवार घोषित किया है।
  • पुलिस ने पर्चा दाखिल करने से पहले मुजफ्फर पर की गैंगस्टर की कार्रवाई, गौ तस्करी में भी जा चुका है जेल

संगम नगरी के कौढि़हार ब्लॉक प्रमुख का चुनाव दिलचस्प हो गया है। यहां ब्लाक प्रमुखी चुनाव को लेकर तेज हुई सियासत के बीच समाजवादी पार्टी ने गैंगस्टर मुजफ्फर पुत्र मुख्तार को अपना उम्मीदवार बनाया है। उसपर गौ तस्वकरी जैसे कई संगीन आरोप हैं। पर्चा दाखिल करने से एक दिन पहले ही पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की है। हालांकि सपा इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बता रही है।

पर्चा दाखिल करने से एक दिन पहले पुराने मामले में कोर्ट में किया सरेंडर
नवाबगंज के चपरी गांव के मुजफ्फर और पुलिस के बीच चूहा-बिल्ली का खेल चल रहा है। मुजफ्फर को सपा ने कौड़िहार से ब्लाक प्रमुख का प्रत्याशी बनाया। इसके बाद पुलिस ने पर्चा दाखिल करने से पहले बुधवार को मुजफ्फर के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई कर दी। पुलिस की मंशा मुजफ्फर भांप गया और इससे पहले कि पुलिस उसतक पहुंच पाती उसने फूलपुर थाने में दर्ज एक पुराने मामले में अदालत में सरेंडर कर दिया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया।

आवेदन और प्रस्तावकों ने दाखिल किया मुजफ्फर का पर्चा
जेल में बंद होने के कारण वह खुद तो पर्चा दाखिल नहीं कर सका, लेकिन सपा के टिकट पर गुरुवार को आवेदक और प्रस्तावकों ने उसका पर्चा दाखिल कर दिया। पुलिस के रिकार्ड में मुजफ्फर के खिलाफ फूलपुर, नवाबगंज, कौशाम्बी, खागा फतेहपुर समेत कई जगहों पर 15 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं

फूलपुर से खुली हिस्ट्रीशीट, चर्चा का विषय बनी सीट
मुजफ्फर की हिस्ट्रीशीट फूलपुर जनपद से खुली है। जिस नाटकीय ढंग से उसने चुनाव लड़ने की तैयारी की, समाजवादी पार्टी ने उसे अपना उम्मीदवार बनाया, पुलिस ने कार्रवाई की और सरेंडर कर जेल गया यह चर्चा का विषय बना रहा।

आपराधिक रिकार्ड के बाद भी जीत गया बीडीसी
मुजफ्फर पर गौ तस्करी जैसे संगीम आरोपों में कुल 15 मुकदमे दर्ज हैं। बावजूद इसके वह ग्राम पंचायत चुनाव में हाथ आजमाता है और उसे क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव में विजय हासिल होती है। नवाबगंज इंस्पेक्टर योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि मुजफ्फर ने 2002 में दर्ज एक मामले में अदालत में आत्म समर्पण कर देता है।

राजनीतिक द्वेष में की गई कार्रवाई
उधर, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष योगेश यादव का कहना है कि राजनीति स्वार्थ और द्वेष के कारण उसपर पुलिस कार्रवाई कर रही है। यह सब योगी के इशारे पर हो रहा है। उसपर मुकदमे लिखे जा रहे हैं। एसपी यमुनापार धवल जायसवाल ने बताया कि मुजफ्फर के खिलाफ कई मुकदमे हैं , लेकिन उसने एक पुराने मुकदमे में सरेंडर कर दिया है। उसे नैनी जेल भेजा गया है।

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