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प्रयागराज में तस्करी का तहखाना मिला:DCM में बने तहखाने में छिपाकर उड़ीसा से संगमनगरी लाया गया 45 लाख का गांजा; दो गिरफ्तार

प्रयागराज11 दिन पहले
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मादक पदार्थों की तस्करी में शुक्रवार को प्रयागराज में STF, नारकोटिक्स ब्यूरो और हंडिया पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। - Dainik Bhaskar
मादक पदार्थों की तस्करी में शुक्रवार को प्रयागराज में STF, नारकोटिक्स ब्यूरो और हंडिया पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है।

मादक पदार्थों की तस्करी में शुक्रवार को प्रयागराज में STF, नारकोटिक्स ब्यूरो और हंडिया पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने 45 लाख रुपए कीमत का गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे का वजन 4 क्विंटल 70 किलो है। दो तस्कर पकड़े गए हैं। तस्करों ने गांजे को बड़े शातिराना अंदाज में DCM में छिपाया था। तस्करों ने DCM में तहखाना बना रखा था। इसी तहखाने में गांजा छिपाकर रखा गया था। ये खेप उड़ीसा से लाई गई थी।

STF के सीओ नावेंदु सिंह की टीम ने शुक्रवार को प्रयागराज जनपद के हंडिया कोतवाली अंतर्गत बासुपुर रोड पर वाराणसी की तरफ से आ रहे DCM को रोककर तलाशी ली। उसके पीछे बने एक तहखाने में गांजे की बोरियां बरामद हुई। भदोही के ज्ञानपुर थाना क्षेत्र के हरबंशपुर निवासी DCM ड्राइवर कमलेश यादव और गांजा तस्कर हंडिया के बिगहिया निवासी रूपम सिंह को मौके से गिरफ्तार किया गया।

खेप लाने वाले की हर माह 40 से 50 हजार की कमाई

पकड़े गए तस्कर कुशल सिंह ने बताया कि एक महीने में तीन से चार खेप गांजा उड़ीसा से लाता है और सारा का सारा माल महीने भर में खत्म हो जाता है। यह तो सिर्फ एक तस्कर का ब्योरा है। ऐसे कई तस्कर यहां अभी भी सक्रिय हैं। हाई स्कूल पास कुशल सिंह ने बताया कि एक खेप में उसे सारा खर्चा काटकर के 10 हजार मिलते हैं। इसी तरह चालक को भी सारे खर्चे के बाद 10 हजार रुपए दिए जाते हैं। इस तरह से वह महीने में 40 से 50 हजार रुपए आराम से कमा लेता है।

स्पेशल तहखाने को सरसरी निगाह से पकड़ना मुश्किल
पूछताछ में कुशल सिंह ने बताया कि वह गांजे की खेप उड़ीसा से लेकर आ रहा था। उसकी जिम्मेदारी सिर्फ उड़ीसा से गांजे की खेप प्रयागराज तक पहुंचाना है। इंस्पेक्टर अतुल सिंह ने बताया कि कंटेनर में एक विशेष प्रकार का था तहखाना बनाया गया है जिसे अमूमन पकड़ा नहीं जा सकता। इसके लिए विशेष निगरानी की जरूरत पड़ती है।