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तबलीगी जमातियों के मामले में 3 जिलों के कप्तान तलब:हाईकोर्ट ने पूछा- अभी तक क्यों नहीं पेश की केस डायरी और चार्जशीट; अब अगली सुनवाई 15 को

प्रयागराज3 महीने पहले
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याचिकाकर्ताओं की तरफ से एडवोकेट अदील अहमद ने बहस की। 15 जुलाई 2021 को मामले की अगली सुनवाई होगी। - Dainik Bhaskar
याचिकाकर्ताओं की तरफ से एडवोकेट अदील अहमद ने बहस की। 15 जुलाई 2021 को मामले की अगली सुनवाई होगी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले साल जेल में बंद रखे गए विदेशी तबलीगी जमातियों के मामले में यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए गए हैं। हाईकोर्ट ने 3 जिलों के पुलिस कप्तानों को तलब किया है। इनमें शाहजहांपुर, हापुड़ और मऊ जिलों के कप्तान शामिल हैं। तीनों को 15 जुलाई को हलफनामे के साथ कोर्ट में मौजूद रहने का आदेश दिया गया है।

पूछा- अभी तक हाईकोर्ट के आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ?
इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस अजय भनोट की सिंगल बेंच इस चार्जशीट मामले की सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि पुलिस कप्तानों को यह बताना होगा कि जमातियों के मामले में कोर्ट में अब तक चार्जशीट और केस डायरी क्यों पेश नहीं की गई? इसके अलावा तीनों कप्तानों को यह भी बताना होगा कि 8 जून 2021 के हाईकोर्ट के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया?

मऊ जिले में जमातियों के खिलाफ धारा 307 लगाने का कारण पूछा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि मऊ जिले के एसपी को यह भी बताना होगा कि जमातियों के खिलाफ IPC की धारा 307 क्यों लगाई गई? मालूम हो कि पिछले साल मार्च महीने में नई दिल्ली में हुई मरकज में विदेशी और भारतीय जमाती शामिल हुए थे। जांच में इनमें से कई पॉजिटिव निकले थे।

इसके बाद जमातियों पर जानबूझकर रोक के बाद भी इस तरह के आयोजन करने और कोरोना फैलाने का आरोप लगा था। शाहजहांपुर और हापुड़ जिले में जेल में रह चुके विदेशी जमातियों के खिलाफ महामारी एक्ट और फॉरनर्स एक्ट के साथ ही आईपीसी की धाराओं में भी केस दर्ज हुआ था।

जमातियों ने पुलिस की चार्जशीट को दी थी चुनौती
जमातियों ने हाईकोर्ट में पुलिस चार्जशीट को चुनौती देते हुए केस रद्द किए जाने की अपील की थी। यह मामला थाईलैंड के रहने वाले 18 विदेशी जमातियों से जुड़ा हुआ है। पिछले साल शाहजहांपुर और हापुड़ में नौ-नौ थाइलैंडी जमाती गिरफ्तार किए गए थे। इसके अलावा दो जिलों में भारतीय जमातियों की भी गिरफ्तारी हुई थी।

मऊ जिले से जुड़े मामले में कोई विदेशी जमाती नहीं है। विदेशी और भारतीय जमातियों की तरफ से दाखिल अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है। यह सुनवाई जस्टिस अजय भनोट की सिंगल बेंच कर रही है। याचिकाकर्ताओं की तरफ से एडवोकेट अदील अहमद ने बहस की। 15 जुलाई 2021 को मामले की अगली सुनवाई होगी।

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