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TGT परीक्षा में हाईटेक साल्वर गैंग का भंडाफोड़:STF ने परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया, नकल कराने की हाईटेक डिवाइस भी बरामद

प्रयागराज2 महीने पहले
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एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए सातों अभियुक्त। - Dainik Bhaskar
एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए सातों अभियुक्त।

संगम नगरी में बीएड परीक्षा के बाद शनिवार को टीजीटी परीक्षा 2021 में भी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नकल का भंडाफोड़ कर दिया। नकल कराने वाले गिरोह के शातिर सरगना सहित 7 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की गिरफ्तारी महर्षि पतंजलि तिराहा से शनिवार को की गई है। गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

पिछले 6 सालों से साल्वर गैंग चला रहा सरगना

गिरफ्तार किया गया साल्वर गैंग का सरगना धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि वह इस काम में पिछले छह सालों से संलिप्त है।

शुरुआत उसने डॉक्टर केएल पटेल के साथ की थी। बाद में उसने खुद का साल्वर गैंग बना डाला। धर्मेंद्र ने बताया कि उसकी गैंग में 8 से 10 लोग शामिल हैं। उनका काम सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर आउट कराना और मूल परीक्षार्थी के स्थान पर साल्वर गैंग के सदस्य को बैठाकर परीक्षा पास कराना है।

अभियुक्तों के पास से बरामद कार।
अभियुक्तों के पास से बरामद कार।

टीजीटी परीक्षा में 12 से 15 लाख रुपए तय है रेट

नकल कराने के लिए हर परीक्षा का अलग-अलग रेट तय है। टीजीटी परीक्षा के लिए हर अभ्यर्थी से 12 से 15 लाख रुपए तय हुआ था। धर्मेंद्र ने बताया कि उसने सिपाही भर्ती, सुपरटेट, सीटेट व रेलवे भर्ती की परीक्षा में भी अपने साल्वर बैठाए हैं। धर्मेंद्र ने बताया के उसे जनवरी 2020 में हुए टेट परीक्षा के दौरान पकड़ लिया गया था। बाद में वह जमानत पर छूट गया। इसके बाद शनिवार को वह अपने साथियों के साथ मिलकर टीजीटी 2021 की परीक्षा में नकल कराने की पूरी तैयारी में था कि परीक्षा प्रारंभ होने से पहले ही एसटीएफ ने उसे पकड़ लिया।

गैंग में उत्तराखंड के एजी ऑफिस का एडिटर भी शामिल

पूछताछ में गिरफ्तार दूसरे अभियुक्त आशीष सिंह पटेल ने बताया कि वह 2014 से इस गैंग का सदस्य है। उसने बताया कि गिरफ्तार सदस्यों के साथ ही साथ अमित वर्मा, एडिटर एजी ऑफिस, उत्तराखंड भी उसके गैंग में शामिल हैं। वह प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर आउट कराकर देते हैं। इस बार भी उन्होंने प्रश्नपत्र की उत्तर कुंजी देने के लिए कहा था, लेकिन उसके पहले ही एसटीएफ ने उसे धर लिया। दूसरे अभियुक्त संजय कुमार पटेल, सुभाष सिंह पटेल, मनीष सिंह पटेल, राहुल कनौजिया, दिनेश कुमार पटेल ने बताया कि सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के केंद्र पर सेटिंग करने के साथ-साथ नकल कराने का काम करते हैं। इसके साथ साथ परीक्षार्थी की जगह साल्वर बैठाते हैं।राहुल कनौजिया का कहना है कि वह परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक व अन्य से मिलकर मूल अभ्यर्थियों के पास नकल की पर्ची और नकल के अन्य सामग्री भिजवाने का काम करता है।

शिवकुटी थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट

फिलहाल सभी गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ शिवकुटी थाना में धारा 419, 420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी को जेल भेज दिया गया है।

पुलिस उपाधीक्षक, एसटीएफ नवेंदु सिंह ने बताया कि एसटीएफ के उप निरीक्षक अनिल कुमार सिंह, धर्मेंद्र सिंह, मुख्य आरक्षी संजय कुमार सिंह, अश्वनी कुमार सिंह, प्रभंजन पांडे, आरक्षी सुनील कुमार, अजय कुमार, रोहित सिंह, पुनीत कुमार पांडे, आरक्षी अखंड प्रताप पांडे की टीम ने प्रयागराज के तेलियरगंज में संयुक्त रूप से छापा मारकर सभी सातों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

किन की हुई गिरफ्तारी

  1. धर्मेंद्र कुमार उर्फ डीके पुत्र जोखन लाल, निवासी ग्राम वादी का पुरा, कमला नगर, सोरांव प्रयागराज।(सरगना)
  2. आशीष सिंह पटेल, पुत्र राम बहादुर पटेल, निवासी ग्राम गहमर, शंकरगढ़ प्रयागराज। (सरगना-पेपर आउट कराना)
  3. संजय कुमार पटेल पुत्र चिरंजीलाल निवासी सलेमपुर उर्फ कमईपुर होलागढ़, प्रयागराज (सरगना)
  4. सुभाष सिंह पटेल पुत्र जोखू लाल, निवासी नूरपुर, छेदी का पुरा, नसरथपुर सोरांव प्रयागराज। (कैंडीडेट लाना)
  5. मनीष पटेल कृपा शंकर, ग्राम ढेलहा, कतरौली फूलपुर प्रयागराज। (कैंडीडेट लाना)
  6. राहुल कनौजिया, पुत्र छोटेलाल निवासी ग्राम कुसेटा, कतरौली, थाना फूलपुर, प्रयागराज (सेंटर पर सेटिंग करना)
  7. दिनेश कुमार पटेल पुत्र शंभू नाथ, निवासी ग्राम सराय सुल्तान, बहरिया, प्रयागराज। काम-कैंडिडेट लाना

क्या क्या हुआ बरामद

गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से 9 ब्लूटूथ डिवाइस, 25 सिल्वर एक्साइड बैटरी, दो लैपटॉप, 12 मोबाइल, तीन आधार कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस, एक पैन कार्ड, 11 विभिन्न बैंकों के चेक, 15 अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्रों की छाया प्रति, 22 परीक्षार्थियों के शैक्षणिक मूल प्रमाण पत्र, एक आईसीआईसीआई बैंक का डेबिट कार्ड, एक एसबीआई का ग्रीन कार्ड, एक चार पहिया वाहन, दो मोटरसाइकिल, एक फर्जी परिचय पत्र जिसपर जिला अपराध निरोधक समिति लिखा था। इसके अलावा 65 हजार रुपये नकद बरामद किया गया है।

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