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दिव्यांग भाजपा नेता की गर्भवती बहन के साथ मारपीट:प्रयागराज में ससुरालियों ने पीटने के बाद सीढ़ी से दे दिया धक्का, चार माह का गर्भ गिरा, पीड़ित परिवार ने DIG से लगाई न्याय की गुहार

प्रयागराज2 महीने पहले
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सोनी देवी की फोटो। - Dainik Bhaskar
सोनी देवी की फोटो।

प्रयागराज में एक दिव्यांग भाजपा कार्यकर्ता की गर्भवती बहन को ससुरालियों ने मारपीट कर सीढ़ी से धक्का दे दिया। जिससे युवती का गर्भ गिर गया। उसके बाद भी ससुराल वालों ने उसे घर से निकाल दिया। घायल युवती का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद दहेजलोभियों के खिलाफ पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नही की जा रही है। जिससे पीड़ित परिवार डरा सहमा हुआ है। मंगलवार को इस संबंध में डीआईजी से शिकायत करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

25 नवम्बर को हुई थी शादी
प्रयागराज के नैनी के रहने वाले संत प्रसाद दिव्यांग है। वह भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) से जुड़े है। उनके पिता अपना काम धंधा करते है। उनकी बहन सोनी देवी की शादी 25 नवम्बर 2020 को सौरभ वर्मा पुत्र मुन्ना लाल निवासी पूरा दलेल, अल्लापुर, जार्जटाउन प्रयागराज के साथ हुई थी।

शादी में सोनी के घरवालों ने अपनी हैसियत के मुताबिक दान दहेज भी दिया था। विवाह के कुछ दिनों बाद ससुरालवालों ने पांच लाख रुपये की डिमांड शूरु कर दी। इसके लिए सोनी पर दबाव बनाया जा रहा था। उसे कई बार मारा पीटा गया। एक बार तो मिट्टी तेल डालकर जलाने कि कोशिश भी की गई। इसलिए पीड़िता मायके में ही आकर एक महीने तक रही।

28 जून को की गई थी मारपीट
27 जून की शाम को उसके पति सौरभ वर्मा और ननिया सास मुन्नी देवी सोनी को मायके से सम्मान के साथ विदा कराकर ले गए। 28 जून को दोपहर पीड़िता के देवर गौरव वर्मा (पीएसी लखनऊ में तैनात) व ननद नीतू वर्मा का फोन आया।

उन्होंने कहा कि अगर पांच लाख रुपए नहीं लाई तो मार कर भगा दो। पति सौरभ वर्मा व सास विनीता देवी, ससुर मुन्ना लाल व ननिया सास मुन्नी देवी ने पीड़िता को जमकर पीटा और सीढ़ी से धक्का देकर गिरा दिया। जिससे उसके पेट मे चोट लगी और चार माह का उसका गर्भ गिर गया।

डीआईजी से लगाई न्याय की गुहार
घायल सोनी को दिव्यांग भाई सन्त प्रसाद प्राइवेट अस्पताल ले गए। जहां वह 28 जून से इलाजरत है। भाजपा नेता के मुताबिक तीन दिन तक जार्जटाउन थाने का चक्कर काटने के बाद दो जुलाई को ससुरालवालों पर एफआईआर तो दर्ज हो गई लेकिन गिरफ्तारी आज तक नहीं हुई। दिव्यांग भाई ने छह जून को एसएसपी/डीआईजी से न्याय की गुहार लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। सोनी के पिता रामचन्द्र ठेला चलाकर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते थे, जो इस समय बीमार चल रहे हैं।

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