यूपी में वकीलों के असलहे नहीं होंगे जमा !:प्रयागराज में वकीलों का आरोप, SO चुनाव का हवाला देकर लाइसेंसी शस्त्र जमा करने के लिए कर रहें परेशान

प्रयागराज7 दिन पहले
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विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए चुनाव आचार संहिता लागू होते ही पुलिस प्रशासन की तरफ से लाइसेंसी असलहा जमा कराने को लेकर अभियान तेज हो जाता है। वहीं, लाइसेंसी असलहा जमा कराने को लेकर वकीलों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। वकीलों के लाइसेंसी असलहा जबरन जमा कराने के मामले में हाईकोर्ट के आर्डर का अनुपालन न होने पर जिला अधिवक्ता संघ इलाहाबाद के मंत्री व पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपा है। बार के पदाधिकारियों ने मांग की है कि पुलिस प्रशासन की तरफ से लाइसेंस सशत्र जमा करने का दबाव न डाला जाए। पत्र के जरिये पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि प्रत्येक थाने के थानाध्यक्षों की तरफ से वकीलों को विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लाइसेंसी शस्त्र जमा करने के लिए परेशान किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि चुनाव के दौरान किसी भी अधिवक्ता का लाइसेंसी शस्त्र पुलिस को जमा कराने के कड़ी मशक्कत करनी होगी। अधिवक्ताओं के लिए हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी अधिवक्ता का लाइसेंस आपको जमा कराना है। उसके लिए आपको सक्षम मजिस्ट्रेट से अनुमति की जरूरत है और पुलिस दबाव बना रही है।

हाईकोर्ट के आदेश का दिया हवाला

पदाधिकारियों ने उच्च न्यायालय द्वारा हरिहर सिंह व अन्य बनाम राज्य उत्तर प्रदेश व उमाकान्त यादव बनाम सरकार उत्तर प्रदेश के दिए हुए दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए मांग की है कि वकीलों का लाइसेंसी शस्त्र न जमा कराया जाए। बावजूद इसके पुलिस द्वारा उनके लाइसेंसी शस्त्रों को जमा कराने के लिए बाध्य किया जाता है, तो यह हाईकोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशाों उल्लंघन व आदेशों की अवमानना होगा।

आज से नहीं जमा होंगे लाइसेंसी असलहा

बार के अध्यक्ष राधा रमण मिश्रा ने भास्कर को बताया कि संघ की तरफ से डीएम व एसएसपी को लाइसेंसी असलहा नहीं जमा करने को लेकर पत्र दिया गया था। एसएसपी ने आश्वस्त करते हुए कहा कि वकीलों के शस्त्र लाइसेंस जमा नहीं किए जाएंगे। अध्यक्ष ने बताया कि आज से वकीलों के असलहा नहीं जमा होंगे। इसके लिए अधिवक्ताओं को बार एसोसिएशन या बार काउंसिल का प्रमाण पत्र, लाइसेंस की फोटो कापी लगाकर एक प्रार्थना पत्र थाने के क्षेत्राधिकारी या एसडीएम या सिटी मजिस्ट्रेट के यहां देने पर उनका लाइसेंस नहीं जमा होगा।

30 हजार है शस्त्र लाइसेंस

शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न कराया जा सके, किसी प्रकार का खलल न पड़े। इसको देखते हुए प्रशासन की तरफ से असलहा लाइसेंस जमा कराने की प्रक्रिया पिछले एक महीने से शुरू कर दी गई थी। प्रशासन के नोटिस दिये जाने के बावजूद जिले से मात्र 15 हजार लोगों ने ही अपना लाइसेंसी असलहा जमा किया है। पुलिस अफसरों की मानें तो हजारों शस्त्रधारकों को नोटिस भी भेजा गया लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया और अब तक शस्त्र नहीं जमा किए। ऐसे में अब उनके खिलाफ शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा रही है।

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