इलाहाबाद हाईकोर्ट की बदल गई व्यवस्था:4 जनवरी से सीमित संख्या में सूचीबद्ध होंगे मुकदमे; वकीलों को मिली गाउन पहनने से छूट

प्रयागराज6 महीने पहले
कोविड-19 के बढ़ते मामलों के कारण इलाहाबाद हाईकोर्ट के कामकाज की व्यवस्था  में  परिवर्तन  कर दिया गया है।

कोविड-19 के बढ़ते मामलों के कारण इलाहाबाद हाईकोर्ट के कामकाज के संबंध में पहले की गई व्यवस्था में परिवर्तन कर दिया गया है। यह परिवर्तन चीफ जस्टिस की इजाजत से किया गया है। रजिस्ट्रार जनरल के अनुसार हाईकोर्ट में मामलों की सुनवाई अब हाइब्रिड मोड पर की जाएगी। वकीलों को अगले आदेश तक गाउन पहनने से छूट दी गई है। वकीलों को 4 जनवरी से केवल कोट और बैंड में अदालतों में आना होगा।

सीमित संख्या में नए मामले होंगे सूचीबद्ध

वकीलों को अगले आदेश तक गाउन पहनने से छूट दी गई है। 4 जनवरी से केवल कोट और बैंड में अदालतों में आना होगा।
वकीलों को अगले आदेश तक गाउन पहनने से छूट दी गई है। 4 जनवरी से केवल कोट और बैंड में अदालतों में आना होगा।

अदालतों में सुनवाई के लिए सीमित संख्या में केवल नए मामले सूचीबद्ध किए जाएंगे। मुख्य न्यायाधीश के आदेश के अनुसार, पुराने और जरूरी मामलों को भी काजलिस्ट में अग्रिम सूचना के साथ सूचीबद्ध किया जा सकता है।

जमानत अर्जियों, आपराधिक अपील और हैबियस कॉर्पस याचिकाओं को हमेशा की तरह सूचीबद्ध किया जाएगा। नए मामलों की सूची हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। वकीलों के अनुरोध पर तात्कालिकता दिखाते हुए उन्हें क्रम के अनुसार दिन-प्रतिदिन के आधार पर लिया जाएगा। जिन मामलों में तारीख तय की गई है, उन सभी को उस विशेष तारीख पर सूचीबद्ध किया जाएगा।

वकीलों को ई-पास से कोर्ट परिसर में मिलेगा प्रवेश

जिन अधिवक्ताओं के मामले सूचीबद्ध हैं, उन्हें ही ई-पास के माध्यम से कोर्ट परिसर में प्रवेश मिलेगा। कोर्ट रूम में वकीलों को सीमित संख्या में प्रवेश की इजाजत दी जाएगी। बाकी अधिवक्ता, जिनके मामले सूचीबद्ध हैं, वे कोर्ट रूम के बाहर अपनी बारी का इंतजार करेंगे। साथ ही कोविड प्रोटोकॉल पालन करेंगे।

वकीलों को यह सलाह भी दी गई है कि अदालतों में भीड़ को कम करने के लिए हो सके तो वर्चुअल मोड का इस्तेमाल करें। इसके अलावा कम्प्यूटरीकृत नकल अनुभाग का एक अलग काउंटर गेट नंबर 3ए/3बी के पास रहेगा।