मरीज से रेप का आरोप खारिज:प्रयागराज के एसआरएन हॉस्पिटल में मरीज से रेप का आरोप मेडिकल बोर्ड ने भी किया खारिज, सीएमओ ने कोतवाली पुलिस को सौंपी रिपोर्ट

प्रयागराजएक वर्ष पहले
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डफरिन में हुई जांच। - Dainik Bhaskar
डफरिन में हुई जांच।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में महिला मरीज से रेप के आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गलतफहमी हुई है, जिसके चलते आरोप लगाया है।

दो दिन पहले एसआरएन के प्रिंसिपल डॉ. एसपी सिंह की ओर से भेजी गई रिपोर्ट और गठित मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट का गहन अध्ययन करने के बाद प्रयागराज के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) ने महिला मरीज की चिकित्सकीय परीक्षण रिपोर्ट शहर कोतवाली पुलिस को सौंप दी। जिसमें रेप के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे महज एक गलतफहमी से उत्पन्न आरोप बताया गया है। जिससे महिला मरीज का ऑपरेशन करने वाले आरोप के दायरे में आए डॉक्टरों के जान में जान आई है।

मिर्जापुर से आई थी मरीज
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में भर्ती मिर्जापुर जिले की एक महिला मरीज का 3 दिन पहले आंतो का मेजर ऑपरेशन हुआ था। मेडिकल बोर्ड के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान 2 महिला और 2 पुरुष चिकित्सकों के अलावा एक नर्स की टीम पूरे ऑपरेशन के दौरान मौजूद थे। ऑपरेशन जिस कक्ष में हुआ वहां पारदर्शी शीशे लगाए गए थे। जिससे महिला के परिजन बाहर बैठे हुए सब कुछ देख रहे थे।

होश में आते ही लगाया था आरोप
ऑपरेशन के बाद होश में आई महिला मरीज ने ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों द्वारा रेप किए जाने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। जिसके बाद आनन-फानन में मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रयागराज के 30 पर डॉक्टर एसपी सिंह और प्रयागराज सीएमओ डॉ प्रभाकर राय ने मेडिकल बोर्ड का गठन करके इस प्रकरण की जांच कराने का निर्देश दिया था।

रेप की नहीं हुई पुष्टि
प्राचार्य डॉक्टर एसपी सिंह ने तो गुरुवार को ही अपनी रिपोर्ट में बता दिया था कि ऑपरेशन से पहले महिला मरीज के प्राइवेट पार्ट की साफ सफाई कराई गई थी जिसकी वजह से उसको गलतफहमी हो गई थी। रेप जैसी बात की पुष्टि नहीं हुई है। महिला मरीज के मेडिकल परीक्षण में भी रेत की पुष्टि नहीं हो पाई थी। सीएमओ प्रभाकर राय की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड ने महिला मरीज की मेडिकल रिपोर्ट और एसआरएन हॉस्पिटल की रिपोर्ट ऑपरेशन वार्ड का निरीक्षण और अन्य पहलुओं पर जांच करने के बाद इस नतीजे पर पहुंचा कि महिला के आरोप बेबुनियाद है उसके साथ किसी भी प्रकार की कोई बदसलूकी नहीं हुई है।​​​​​​​

डफरिन की दो महिला चिकित्सकों ने की जांच
प्रयागराज के सीएमओ डा. प्रभाकर राय ने बताया कि शहर के महिला हास्पिटल डफरिन की एक स्त्री रोग विशेषज्ञ महिला समेत दो डाक्टरों से महिला मरीज का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसमें स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के डाक्टर शामिल नहीं किए गए ताकि परीक्षण की निष्पक्षता बनी रहे। परीक्षण में आरोप की पुष्टि नहीं हो पाई। रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई है।

मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर होगी पूछताछ
इंस्पेक्टर कोतवाली नरेंद्र कुमार ने बताया कि सीएमओ की ओर से भेजी गई रिपोर्ट मिल गई है। जिसमें महिला मरीज की ओर से लगाए गए आरोप साबित नहीं हो पाए है। जो भी आरोप लगाए गए थे, वो मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही तय होते हैं और मेडिकल रिपोर्ट में कहीं से भी उसके साथ बदसलूकी की बात स्पष्ट नहीं हो पा रही है। बावजूद पुलिस इस संबंध में पक्ष और विपक्ष से पूछताछ करेगी और फिर फाइनल रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई करेगी।

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