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आगरा से चली पहली ‘आलू एक्सप्रेस’:उत्तर मध्य रेलवे ने चलाई किसान रेल, आगरा से 270 टन आलू लेकर असम के लिए रवाना

प्रयागराज20 दिन पहले
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आलू लेकर उत्तर मध्य रेलवे की पहली किसान रेल आगरा (यमुना ब्रिज) से 4.30 बजे रवाना हुई। - Dainik Bhaskar
आलू लेकर उत्तर मध्य रेलवे की पहली किसान रेल आगरा (यमुना ब्रिज) से 4.30 बजे रवाना हुई।

उत्तर मध्य रेलवे ने आत्मानिर्भर भारत अभियान में अपना योगदान देते हुए सोमवार को पहली किसान रेल चलाई। आलू लेकर उत्तर मध्य रेलवे की पहली किसान रेल आगरा (यमुना ब्रिज) से 4.30 बजे रवाना हुई। 12 वीपीयू वाली यह ट्रेन आगरा और आसपास के क्षेत्रों से लगभग 270 टन आलू लेकर मंगलवार को 7 सितंबर 2021 को शाम 5 बजे असम के चांगसारी पहुंचेगी।

किसानों को 50 फीसद कम देना होगा भाड़ा

इस साल आगरा क्षेत्र में आलू की अच्छी फसल हुई है। किसानों को खपत या कमी वाले क्षेत्रों में उपज बेचने के लिए उत्तर मध्य रेलवे ने इस ट्रेन को चलाने की पहल की। वर्तमान में इस ट्रेन के 4 फेरे इस सितंबर में प्रत्येक सोमवार को होने हैं। किसान रेल में किसानों को सामान्य पार्सल दरों की तुलना में पचास प्रतिशत कम शुल्क देना होगा।

यह योजना भारत सरकार की एक पहल है, जिसमें किसानों को फल, सब्जियों और डेयरी उत्पादों सहित उनकी उपज की बुकिंग के समय परिवहन पर 50 फीसदी सब्सिडी दी जाती है। शेष 50% फलों और सब्जियों के परिवहन के लिए 'ऑपरेशन ग्रीन्स - टॉप टू टोटल' योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा वहन किया जाता है।

जल्द ही अन्य रूटों पर चलेंगी किसान ट्रेनें

उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि किसान रेल ट्रेनें समयबद्ध रूप से चलती हैं। किसानों का कच्चा माल समय से गतव्य तक पहुंच सके इसका पूरा ध्यान रखा जाता है। समय की सघन निगरानी की जाती है। उत्तर मध्य रेलवे आने वाले दिनों में अन्य रूटों पर ऐसी और ट्रेनें चलाने की योजना बना रहा है।

मंडल रेल प्रबंधक आगरा आनंद स्वरूप ने बताया कि किसानों से इस बारे में संपर्क किया गया और उन्हें अपनी उपज को बाहर बेचने के लिए सतत संवाद किया गया। उन्होंने बताया कि किसान भी इस पहल को लेकर उत्साहित हैं। इस क्षेत्र से फलों और सब्जियों के परिवहन में एक बड़ा बदलाव आ सकता है। स्थानीय अर्थव्यवस्था को इससे बड़ी मदद मिल सकती है।

कानपुर से खाद्य तेल का पहला रैक लोड किया गया

झांसी डिवीजन द्वारा भीमसेन (कानपुर के पास) से खाद्य तेल का पहला रैक लोड किया गया है। खाद्य तेल से लदी वैगनों को दीमापुर, डिब्रूगढ़ और अजारा के लिए रवाना किया गया है। प्रयास है के महीने में कमसे कम 4 मिनी रेक लोड किए जाएंगे। मंडल रेल प्रबंधक झांसी आशुतोष ने कहा कि झांसी मंडल अपने ग्राहकों को सर्वोत्तम सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। नए यातायात को बनाए रखने के लिए ग्राहकों को रेक की समय पर उपलब्धता और घटे हुए ट्रांसपोर्ट समय के रूप में हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे प्रमोद कुमार ने इन सफलताओं को प्राप्त करने के लिए आगरा और झांसी मंडलों को बधाई दी। महाप्रबंधक ने कहा कि किसान रेल से छोटे किसानों को अपनी उपज को दूर के बाजारों में सस्ती कीमत पर भेजने में फायदा होगा।

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