कौशांबी में ADJ पर हुए हमले में नयी जांच:ADJ फिर बोले-मुझे जान से मारने की कोशिश की गयी; पुलिस टेक्निकल जांच कराएगी, जज को जिस पर शक, उसे पकड़ने टीम रवाना

कौशांबीएक वर्ष पहले

उत्तर प्रदेश के कौशांबी में जज मो. अहमद खान को जान से मारने की कोशिश के मामले में नया मोड़ आ गया है। घटना के चौथे दिन कौशांबी पुलिस ने अपने बयान से यू टर्न लेते हुए जज साहब की कार की टेक्निकल जांच कराने का फैसला लिया है। पुलिस ने एआरटीओ फतेहपुर को पत्र भेज जांच करने की बात कही है। वहीं, पुलिस की एक टीम जांच के लिए लखनऊ और बरेली रवाना हो चुकी है।

30 जुलाई को हुई थी घटना

30 जुलाई को घटना के बाद कौशांबी के SP राधेश्याम विश्वकर्मा ने प्रेस कान्फ्रेंस कर हमले को हादसा बताया था। दावा किया था कि जज साहब ने कार एक्सीडेंट के बाद आरोपियों से पैसे की लेनलेन की बात की थी। जब दोनों में बात नहीं बनी तो जज साहब ने जान से मारने के लिए हमला होने का आरोप लगा दिया था।

हालांकि, जज की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई थी। मामले की जांच कर रहे सिराथू के सीओ योगेंद्र कृष्ण नारायण ने फतेहपुर जाकर जज साहब का बयान दर्ज किया। इस बीच जज साहब ने बयान में फिर एक बार जान से मारने की बात कही है। उन्होंने विवेचक को धमकी देने वाले शख्स के नाम व नंबर उजागर किया है। पुलिस ने जज साहब के गनर पंकज सिंह का मेडिकल भी कराया है।

चुन्नी लाल की तलाश में पुलिस टीम रवाना
जज साहब के बयान के आधार पर चुन्नी लाल नाम के व्यक्ति का नाम सामने आया है। चुन्नी लाल वहीं शख्स है, जिसने जज साहब को जान से मारने की धमकी दी थी। मामले की जांच करने के लिए पुलिस टीम मंगलवार सुबह लखनऊ व बरेली के लिए रवाना हो चुकी है। मामले की पड़ताल के लिए जज साहब व आरोपित व्यक्तियों के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकाली जा रही है।

सीओ योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि, एडीजे के मामले में फतेहपुर जाकर बयान दर्ज कर लिया गया है। चुन्नी लाल की तलाश में पुलिस टीम लखनऊ व बरेली के लिए रवाना हो चुकी है। विवेचना में कानून प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक्सीडेंटल कार की टेक्निकल जांच कराई जाएगी। साथ ही गनर का मेडिकल कराया गया है। इसके लिए फतेहपुर पुलिस व एआरटीओ की मद्द ली जा रही है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर फतेहपुर पुलिस व एआरटीओ को पत्र भेजा जा चुका है।

क्या है पूरा मामला ?
मामला फतेहपुर के पॉस्को कोर्ट में एडिशनल डिस्ट्रिक जज (ADJ) मो. अहमद खान से जुड़ा है। उनका आरोप है कि गुरुवार शाम जब वो प्रयागराज से फतेहपुर जा रहे थे। इस बीच एक तेज रफ्तार इनोवा ने उनकी कार में टक्कर मार दी। हादसे में वह बाल-बाल बच गए। ADJ मो. अहमद खान ने बताया कि एक्सीडेंट में गनर, ड्राइवर और उन्हें हल्की चोटें आईं थी।

ADJ का आरोप था कि, ये महज एक हादसा नहीं था। बल्कि उन्हें मारने की कोशिश की गई थी। टक्कर मारने के बाद नशे में धुत 3 इनोवा सवार लोगों ने उनके साथ बदसलूकी भी की थी। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि, 2020 में वह बरेली में तैनात थे। तब एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उसने तभी परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी थी।

SP ने बताया था घटना साधारण
मामला तूल पकड़ा तो एसपी राधेश्याम विश्वकर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस कर सफाई दी थी। कहा था कि, फतेहपुर के पॉस्को कोर्ट में एडिशनल डिस्ट्रिक जज (ADJ) मो. अहमद खान अपनी प्राइवेट सेंट्रो कार से इलाहाबाद से फतेहपुर जा रहे थे। थाना कोखराज के अंतर्गत चाकवन चौराहे पर ओवरटेक करने के चक्कर में एक इनोवा कार से इनकी गाड़ी में टक्कर लग गई थी।

इनोवा गाड़ी का ड्राइवर मोहम्मद उमर कौशांबी का ही रहने वाला है। उसके साथ चार और लोग बैठे थे। घटना के बाद जज साहब ने इनोवा गाड़ी चालक से गाड़ी ठीक करवाने के लिए पैसे के लेन देन को लेकर बातचीत की। आरोपित ने कहा- मैं गाड़ी बनवा दूंगा। हालांकि, दोनों के बीच बात नहीं बनी तो जज साहब ने चौराहे से एक एप्लीकेशन लिखकर दे दिया कि उन्हें जान से मारने की कोशिश की गई। जज साहब इनोवा के ड्राइवर का मोबाइल भी अपने साथ ले गए। मामले में जज साहब की तहरीर पर FIR दर्ज कर जांच की जा रही है। ये एक साधारण घटना है।

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