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प्रयागराज में SRN में दुष्कर्म का केस:CMO के बाद अब पुलिस की जांच में भी डॉक्टरों को क्लीन चिट, प्राचार्य बोले- मेडिकल एक्टिविटी को युवती ने गलत समझा

प्रयागराज2 महीने पहले
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पुलिस सभी पक्षों के बयान दर्ज करने व केस संबंधी सभी रिपोर्ट देखने के बाद दी डॉक्टरों को क्लीन चीट। - Dainik Bhaskar
पुलिस सभी पक्षों के बयान दर्ज करने व केस संबंधी सभी रिपोर्ट देखने के बाद दी डॉक्टरों को क्लीन चीट।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित स्वरूप रानी नेहरु (SRN) हॉस्पिटल में मिर्जापुर की युवती से कथित दुराचार मामले में पुलिस की जांच रिपोर्ट में डॉक्टरों को क्लीन चिट दे दी गई है। पुलिस सभी पक्षों के बयान दर्ज करने व केस संबंधी सभी रिपोर्ट देखने के बाद अब एफआर लगाने की तैयारी कर रही है। कुल मिलाकर पुलिस की जांच में भी डॉक्टर बेकसूर पाए गए हैं। गुरुवार को एसएसपी, डीएम व सीएमओ ने संयुक्त रूप से इसकी जानकारी दी। बात दें, इससे पहले प्राचार्य व सीएमओ की जांच रिपोर्ट में मेडिको लीगल रिपोर्ट में भी क्लीन चिट मिल गई थी।

एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी का कहना है कि पुलिस ने सभी आरोपियों के बयान दर्ज किए हैं। पीड़ित पक्ष का भी बयान दर्ज किया गया है। मेडिको लीगल रिपोर्ट, प्राचार्य द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट को देखने और पूछताछ के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि युवती के साथ अस्पताल में किसी भी प्रकार का दुष्कर्म या अमर्यादित व्यवहार नहीं हुआ।

डॉक्टरों के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता
सीएमओ डॉ. प्रभाकर राय ने बताया कि मेडिको लीगल रिपोर्ट में भी दुष्कर्म या किसी भी प्रकार के सेक्सुअल हरासमेंट का मामला साबित नहीं हुआ है। लिहाजा, डॉक्टरों के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है। इस मौके पर जिलाधिकारी संजय खत्री भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस को जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा गया था, ताकि मामले से सच और झूठ से पर्दा उठ सके। अब सब क्लीयर हो गया है।

मेडिकल एक्टिविटी को अर्धबेहोशी में युवती ने गलत समझा
प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि ऑपरेशन से पहले और बाद में युवती के साथ की गई मेडिकल एक्टिविटी को युवती अर्धबेहोशी की हालत में गलत समझ बैठी। ऑपरेशन के समय सात डॉक्टरों की टीम थी, जिसमें चार महिला डॉक्टर भी थीं। परिजन पूरे समय थिएटर के बाहर खड़े रहे।

सबसे पहले सोशल मीडिया पर छाया वीडियो
स्वरूप रानी नेहरु अस्पताल में 31 मई की रात को एक युवक का वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में युवक ने अपनी बहन के साथ चार डॉक्टरों द्वारा रेप करने की शिकायत की थी। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई थी। आठ जून को युवती की मौत होने पर बखेड़ा खड़ा हो गया। इस मामले पर उच्चाधिकारियों की एक मीटिंग हुई। मीटिंग के बाद कोतवाली पुलिस ने आनन-फानन में चार अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

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