प्रयागराज में ओमिक्रॉन की अफवाह:कोविड-19 के नोडल बोले, हमने तो जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए सैंपल ही नहीं भेजी

प्रयागराजएक वर्ष पहले
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प्रयागराज में ओमिक्रॉन के संक्रमित मरीज मिलने की फैलाई जा रही अफवाह। - Dainik Bhaskar
प्रयागराज में ओमिक्रॉन के संक्रमित मरीज मिलने की फैलाई जा रही अफवाह।

कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन भारत में आ चुका है लेकिन प्रयागराज अभी पूरी तरह से सुरक्षित है। यहां कोई भी ऐसा मरीज नहीं मिला है जो इस बीमारी की चपेट में आया हो। कुछ ग्रुपों में यह अफवाह फैलायी जा रही है कि प्रयागराज में एक महिला इस नए वेरिएंट की चपेट में आ गई है लेकिन यह सिर्फ एक अफवाह तक ही सीमित है।

सीएमओ (मुख्य चिकित्साधिकारी) डॉ. नानक सरन ने प्रयागराज में ओमिक्राॅन के कोई भी संक्रमित मरीज मिलने की बात को खारिज किया है। सीएमओ ने दैनिक भास्कर को बताया कि कुछ अराजकतत्वों द्वारा यह अफवाह फैलाई जा रही है यह गलत है। सीएमओ ने जनपदवासियों का आह्वान किया है कि वह किसी भी तरह के अफवाहों पर ध्यान न दें। कुछ लोग यह अफवाह फैलाकर लोगों में भय व्याप्त करने का प्रयास करते हैं।

जब सैंपल ही नहीं भेजे तो कैसे मिल जाएंगे ओमिक्रॉन के मरीज

कोविड-19 के नोडल डॉ. एके तिवारी ने बताया कि जिस महिला को ओमिक्राॅन से संक्रमित होने की अफवाह फैलाई जा रही है वह कोविड-19 की मरीज है। उसे सामान्य फीवर हुआ था और शहर के निजी अस्पताल में भर्ती थी। वहां कोविड की जांच में वह पॉजिटिव मिली थी। ओमिक्राॅन से संक्रमित होने की खबर फर्जी है। उन्होंने बताया कि जब प्रयागराज से जीनोम सीक्वेंसिंग की जांच के लिए सैंपल ही नहीं भेजे गए तो ओमिक्रॉन की पुष्टि कैसे हो सकती है।

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