बागी गैंग के फरार 3 बदमाशों पर इनाम घोषित:जिंदा या मुर्दा पकड़ने वाली पुलिस टीम को मिलेगा 25-25 हजार रुपये का पुरस्कार

प्रयागराज5 महीने पहले
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ये बागी गैंग के पांच गिरफ्तार सदस्य जिनको पुलिस ने जेल भेज दिया है। अब इस गैंग के 3 सदस्यों की तलाश जारी है। - Dainik Bhaskar
ये बागी गैंग के पांच गिरफ्तार सदस्य जिनको पुलिस ने जेल भेज दिया है। अब इस गैंग के 3 सदस्यों की तलाश जारी है।

पुलिस मुख्यालय (PHQ) के पास स्थित हरीश ढाबे पर 20 जून को बमबाजी करने और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉलैंड हॉल में बम बनाने वाले 'बागी गैंग के फरार चल रहे 3 बदमाशों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। रविवार को एसएसपी अजय कुमार ने इसकी घोषणा की। इसके अलावा इन सभी पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई करने की बात कही है। इस सभी की हिस्ट्रीशीट भी खोल जाएगी। गौरतलब है कि इस गैंग के 5 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पूछताछ में पता चला कि हॉलैंड हॉल छात्रावास में ही चंदा लगाकर 500 रुपए में बम बनाते थे। इसको बाजार में बेचते थे। इससे जो मुनाफा होता है। उसे आपस में बांट लेते थे।

छठवें दिन भी जारी रही फरार बदमाशों की तलाश

फरार चल रहे तीन बदमाशों की तलाश रविवार को भी जारी रही। गौरतलब है कि फरार आरोपियों में शामिल और नामजद दो आरोपियों में से एक अभिषेक शुक्ला जौनपुर का रहने वाला है। वहीं दो अन्य बदमाश सोनू कात्या निवासी बलिया व अभिषेक उर्फ गोलू यादव निवासी आजमगढ़ का है। इन्हीं तीनों आरोपियों के खिलाफ आज एसएसपी ने 25-25 हजार रुपये की घोषणा भी की है।

20 जून को की थी ढाबे पर बमबाजी

पीएचक्यू के पास बमबाजी की दुस्साहसिक वारदात 20 जून को हुई थी। इसमें पीएचक्यू के पास स्थित हरीश भोजनालय को निशाना बनाया गया था। ढाबा संचालक के बेटे चंदन अरोरा पर बमबाजी की गई थी। जिसमें वह बाल-बाल बच गया था। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मौके से एक बम भी बरामद किया था।

जेल भेजे गए 5 आरोपियों की खोली जाएगी हिस्ट्रीशीट

एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगेस्टर के तहत कार्रवाई की जाएगी। बागी गैंग के जिन पांच सदस्यों की हिस्ट्रीशीट खोलने के संबंध में लिखापढ़ी की गई है, उनमें सरगना विवेक यादव उर्फ बागी बलिया,अमित गिरि गोरखपुर,हिमांशु सिंह उर्फ शुभम उर्फ शुभ प्रतापगढ़,संदीप यादव गाजीपुर और

भानु प्रताप यादव अमेठी शामिल हैं। इन सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जेल भेजने के साथ ही इनकी हिस्ट्रीशीट खोलने के संबंध में तैयारी शुरू कर दी गई थी। इसी के तहत उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई गई। शहर के अन्य थानों में भी दर्ज मुकदमों का ब्यौरा तैयार किया गया। पूर्व की घटनाओं में उनकी संलिप्तता व अब तक हुई कार्रवाई का भी रिकॉर्ड इकट्ठा किया गया।

शनिवार को यह पूरा रिकॉर्ड उच्चाधिकारियों के माध्यम से आरोपियों के गृहजनपद की पुलिस को भेज दिए गए। साथ ही एक पत्र भी लिखा गया है। इसमें बताया गया है कि संबंधित आरोपी लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं।

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