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प्रयागराज...SRN अस्पताल में डॉक्टरों ने तीमारदार को पीटा:मां की मौत होने के बाद लगाया था इलाज में लापरवाही का आरोप

प्रयागराजएक वर्ष पहले
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SRN अस्पताल में तीमारदार की डॉक्टरों ने पिटाई कर दी। इसके बाद जब सीनियर डॉक्टर मौके पर पहुंचे, तब मृतका का शव बाहर निकलवाया गया। - Dainik Bhaskar
SRN अस्पताल में तीमारदार की डॉक्टरों ने पिटाई कर दी। इसके बाद जब सीनियर डॉक्टर मौके पर पहुंचे, तब मृतका का शव बाहर निकलवाया गया।

प्रयागराज के SRN (स्वरूप रानी नेहरू) अस्पताल में शनिवार को जूनियर डॉक्टरों ने एक तीमारदार को पीटकर जख्मी कर दिया। इसमें करीब 10 डॉक्टर शामिल थे। पीड़ित युवक इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक जज के यहां काम करता है। उसकी मां कमला देवी बाइक से गिरकर घायल हो गई थीं। इस अस्पताल में डॉ. एनएन गोपाल के अंडर में उनका इलाज चल रहा था।

शनिवार को उसकी मां की मौत हो गई। इस पर युवक ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाया। इस पर डॉक्टर नाराज हो गए। उन्होंने युवक को बुरी तरह से लात-घूसों से पीटना शुरू कर दिया।

बेड पर पड़ा था मां का शव, बेटे को पीटते रहे डॉक्टर

SRN अस्पताल के ICU में डॉक्टरों ने तीमारदार को बुरी तरह से पीटा। घटना के बाद मौके पर इकट्ठी भीड़।
SRN अस्पताल के ICU में डॉक्टरों ने तीमारदार को बुरी तरह से पीटा। घटना के बाद मौके पर इकट्ठी भीड़।

ICU के अंदर मौजूद ज्यादातर तीमारदारों को पहले डॉक्टरों ने बाहर निकाल दिया। इसके बाद गाली-गलौज करते हुए युवक को जमकर पीटा। पीड़ित ने हाईकोर्ट की जज को फोन कर घटना की पूरी जानकारी दी। इसके बाद सर्जन डॉ. संतोष सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसी तरह से मामला शांत कराया। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जब डॉक्टर युवक की पिटाई कर रहे थे, तब उसकी मां का शव बेड पर पड़ा था।

5 मिनट के अंदर इकट्ठे हो गए सभी डॉक्टर

मां की मौत को लेकर तीमारदार की कुछ डॉक्टरों से बहस हो रही थी। तभी एक जूनियर डॉक्टर ने फोन कर अपने कई और साथियों को बुला लिया। 5 मिनट के अंदर ट्रामा सेंटर के जूनियर डॉक्टर एकजुट हो गए। वे वहां से अन्य मरीजों के तीमारदारों को बाहर भगाने लगे। फिर यवक की पिटाई की।

इस बारे में अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय कुमार सक्सेना ने दैनिक भास्कर को बताया कि डॉक्टरों का यह कृत्य निंदनीय है। इसकी जांच कराकर जो भी डॉक्टर शामिल होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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