संगम में स्नान के लिए वैक्सीन की दो डोज जरूरी:प्रयागराज माघ मेले में पाबंदियों के बीच पहला स्नान शुरू, श्रद्धालु कर रहें स्नान

प्रयागराज11 दिन पहले
माघ मेले में मकर संक्रांति को आज लाखों श्रद्धालु स्नान करते हैं।

कोविड-19 के देश-प्रदेश में बढ़ते केसों और पाबंदियों के बीच शुक्रवार को संगम पर लाखों श्रद्धालु पुण्य की डुबकी लगा रहे हैं। शासन की गाइडलाइन के मुताबिक माघ मेले में केवल स्वस्थ व ऐसे लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा जिन्होंने कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगवा रखी है। जिनके पास आरटीपीसीआर निगेटिव जांच रिपोर्ट होगी उन्हें भी माघ मेले में प्रवेश दिया जाएगा। प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने प्रयागराज के माघ मेले के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं साथ ही इसका कड़ाई से पालन कराने को कहा है।

माघ मेले में इस तरह से स्नान के लिए घाट तैयार किए गए हैं।
माघ मेले में इस तरह से स्नान के लिए घाट तैयार किए गए हैं।

बच्चे, बुजुर्ग व बीमार लोग माघ मेले में न आएं

मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की तरफ़ से मकर संक्रांति और माघ मेला स्नान को लेकर गुरुवार को दिशा- निर्देश जारी किया गया। नए नियम के मुताबिक मकर संक्रांति और माघ मेले में उन्हीं लोगों को एंट्री दी जाएगी, जिन्होंने कोविड वैक्सीन की दोनों डोज ले ली है। बच्चों, बुजुर्गों व बीमार लोगों को माघ मेला क्षेत्र में न आने की अपील की गई है। कोरोना के लक्षण वाले लोगों से अपील की गई है कि वे स्नान के लिए संगम न जाएं।

करना होगा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन

गाइडलाइन्स के मुताबिक कोविड के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए माघ मेले में बिना मास्क, सैनिटाइजर के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सामाजिक दूरी का भी ध्यान रखना होगा। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है। कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

अंत तक नहीं पूरी हो सकीं तैयारियां

माघ मेले की तैयारियां पहले स्नान के आखिरी दिन भी पूरी नहीं हो सकीं। मेला प्रशासन की ढिलाही और ऊपर से बारिश ने मेले की तैयारियों को एकदम शिथिल कर दिया था।गुरुवार को भी मेला प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगा रहा पर देर शाम तक ट्रैक्टर बालू, बल्लियां और कनात लादे इधर-इधर दौड़ते दिखे।

गंगापार त्रिवेणी रोड, काली सड़क, मोरी मार्ग पर दलदल को समतल किया जा रहा था। इसबीच मेला क्षेत्र के सेक्टर 3 व सेक्टर 4 और 5 के बीच बड़ी संख्या में कल्पवासी पहुंच गए हैं। देर रात तक माघ मेला क्षेत्र में कल्पवासियों के आने का सिलसिला जारी रहा।

माघ मेले में बने हैं 16 प्रवेश द्वार, होगी जांच

प्रयागराज के जिलाधिकारी संजय खत्री ने बताया कि माघ मेले को कोरोना मुक्त रखने के लिए इस बार 16 प्रवेश द्वार चिह्नित किए गए हैं। इन सभी द्वारों पर कोरोना की रैपिड जांच होगी। यहां मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। इनका काम यहां से माघ मेला क्षेत्र में प्रवेश करने वाले हर श्रद्धालु का तापमान जांच कराना सुनिश्चित कराना है। यहां थर्मल स्कैनर, सेनेटाइजर का प्रबंध किया गया है। यहां यह भी देखा जाएगा कि माघ मेले में आने वाले लोगों को कोविड वैक्सीन की दो डोज लगी है कि नहीं।

त्रिवेणी और गंगा अस्पताल में लगेगी बूस्टर डोज

माघ मेले में इस बार कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज लगाने का भी प्रबंध किया गया है। इसके लिए त्रिवेणी और गंगा दो बड़े अस्पताल तैयार किए गए हैं। यहां मेडिकल टीम कोविड वैक्सनीनेशन के साथ ही साथ बूस्टर डोज भी लगाएगी। वरिष्ठ नागरिक जिनकी दो डोज लगे नौ महीने पूरे हो चुके हैं वे यहां पर बूस्टर डोज लगवा सकते हैं।

6 किलोमीटर लंबे घाट पर स्नान करेंगे 2 लाख श्रद्धालु

माघ मेले में इस बार कोरोना के चलते अपेक्षाकृत कम श्रद्धालु आएंगे। इस बार दो से तीन लाख श्रद्धालुओं के मकर संक्रांति पर संगम में स्नान करने का अनुमान है। इतने श्रद्धालुओं को सकुशल स्नान कराने के लिए संगम क्षेत्र में 6 किलोमीटर लंबे घाट तैयार किए गए हैं। इन घाटों पर महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 300 कपड़ा कदलने का रूम तैयार किया गया है। इसके अलावा करीब 15 हजार अस्थाई शौचालयों का निर्माण किया गया है। 47 दिन तक चलने वाले इस अनोखे माघ मेले में लाखों श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान है।

मेलाधिकारी शेषमणि पांडेय ने दैनिक भास्कर को बताया कि हमारी तैयारी पूरी है। पहले स्नान पर्व पर चार से पांच लाख श्रद्धालुओं के आने और स्नान करने का अनुमान है। मेले के दौरान महामारी का प्रसार न हो इसके लिए पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं।

एक नजर में माघ मेला

  • पांच सेक्टरों में बसाया गया है इस बार का माघ मेला।
  • 16 प्रवेश द्वार बनाए गए हैं, जहां कोविड की जांच होगी।
  • 8 किलोमीटर लंबे स्नान घाट बनाए गए हैं।
  • माघ मेला क्षेत्र में दो अस्पताल भी बनाए गए हैं।

सुरक्षा पर एक नजर

  • माघ मेला क्षेत्र को 5 सेक्टर्स में बांटा गया है।
  • 13 थाने और 38 पुलिस चौकियां।
  • 30 इंस्पेक्टर और 400 दारोगाओं की तैनाती।
  • 13 फायर स्टेशन बनाए गए हैं।
  • 13 वाच टावर भी बनाए गए हैं ताकि हर संदिग्ध गतिविध पर नजर रखी जा सके।
  • चार फ्लड कंपनी और 30 गोताखोर भी घाटों पर तैनात किए गए हैं।
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