ढाई मिनट के वीडियो में महंत की मौत का राज:दोपहर डेढ़ बजे नरेंद्र गिरि ने रिकॉर्ड किया था; यह क्लिप अब पुलिस के पास; अब तक की जांच में आत्महत्या का ही एंगल

प्रयागराज/वाराणसी4 महीने पहलेलेखक: पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और श्री मठ बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरि ने मौत से पहले 2 मिनट 31 सेकेंड का एक वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड किया था। वह वीडियो फिलहाल प्रयागराज पुलिस के पास है। सुसाइड नोट सार्वजनिक किया गया, लेकिन वीडियो अभी सामने नहीं आया है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि सोमवार दोपहर 1:30 बजे रिकॉर्ड किए गए वीडियो में महंत नरेंद्र गिरी ने सुसाइड नोट में लिखी बातों को ही दोहराया है। हालांकि, प्रयागराज के एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह से जब इस वीडियो के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस तरह के वीडियो की जानकारी होने से इंकार कर दिया। कहा कि मामले की जांच अब SIT कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहना बेहतर होगा। वहीं, सूत्रों का कहना है कि मोबाइल की फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद वीडियो सार्वजनिक किया जाएगा।

इसके साथ ही पुलिस सूत्रों ने यह भी दावा किया कि सुसाइड नोट महंत नरेंद्र गिरि ने ही लिखा था। भले ही उन्होंने इसे कई दिन में लिखा हो। क्योंकि, महंत ठीक से लिख नहीं पाते थे। हालांकि, हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से भी इसकी जांच कराई जा रही है।

2012 से ही महंत पर हावी था आनंद

महंत की मौत का प्रकरण हाई प्रोफाइल होने के कारण प्रयागराज पुलिस का कोई अफसर कुछ कहने को तैयार नहीं है। लेकिन, दबी जुबान पुलिस अफसरों का कहना है कि अब तक की जांच में यही सामने आया है कि महंत नरेंद्र गिरि का शिष्य आनंद गिरि उन पर लगभग 2012 से ही हावी हो गया था। महंत और आनंद एक-दूसरे के राजदार थे।

सूत्र यह भी दावा करते हैं कि महंत नरेंद्र गिरि ने हाल के वर्षों में ख्याति कुछ ज्यादा ही अर्जित कर ली थी। उन्हें आनंद की नाराजगी से खुद की प्रतिष्ठा को लेकर डर लगने लगा था। आरोप यह भी है कि आनंद उन्हें डराता था कि अगर वह उनका उत्तराधिकारी नहीं बन सका तो उनके अश्लील वीडियो सार्वजनिक कर देगा। वह उसे उचित जगह दें। आनंद की धमकियों से डरे महंत को कोई और विकल्प नहीं सूझा तो वह आत्मघाती कदम उठाने को विवश हुए।

तह तक जाने का प्रयास कर रही पुलिस

महंत नरेंद्र गिरि और उनके शिष्य आनंद के विवाद के पीछे पुलिस की तफ्तीश में करोड़ों की जमीन का विवाद भी सामने आया है। प्रयागराज और इसके इर्द-गिर्द ही सैकड़ों एकड़ जमीन पर एक वक्त में महंत के प्रिय शिष्य रहे आनंद गिरि की नजर थी। आनंद को जानने वाले बताते हैं कि वह विद्वान और गुणी तो है, लेकिन आधुनिकता की चकाचौंध के असर से खुद को बचा नहीं पाया। उसके महंगे शौक हैं और वह एक हाई प्रोफाइल धर्मगुरु बनना चाहता है।

पुलिस का कहना है कि हम घटना की तह तक जाने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल, सुसाइड नोट के आधार पर बुधवार को आनंद गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी और उसके बेटे संदीप तिवारी को अदालत में पेश करके कस्टडी रिमांड पर लेने का प्रयास किया जाएगा।

मठ के कमरे में महंत नरेंद्र गिरि का शव फंदे पर लटका मिला था।
मठ के कमरे में महंत नरेंद्र गिरि का शव फंदे पर लटका मिला था।

पुलिस की अब तक की जांच...

  • महंत नरेंद्र गिरि अपने शिष्य आनंद की धमकियों से आजिज आ गए थे।
  • रस्सी उन्होंने अपने मठ के शिष्य से ही मंगवाई थी।
  • आत्महत्या से पहले खुद के मोबाइल में वीडियो रिकॉर्ड किया था।
  • महंत को फंदे से लटके देख शिष्यों ने प्रयागराज के एक वरिष्ठ पुलिस अफसर को फोन किया था।
  • अफसर ने कहा था कि महंत को फंदे से तत्काल उतार कर अस्पताल लेकर जाओ, तब उन्हें नीचे उतारा गया।
  • फंदे से उतारे जाने के बाद उनकी मौत हो चुकी थी।
  • सुसाइड नोट के अनुसार फिलहाल 3 लोग दोषी हैं। अन्य के खिलाफ सामने आए तथ्यों और साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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