प्रयागराज हिंसा के 10 चेहरे:AIMIM, आइसा, CAA प्रोटेस्ट के नेताओं पर आरोप; पुलिस का दावा-कैंपेन चलाया और पत्थरबाजों का सपोर्ट किया

प्रयागराज4 महीने पहले

प्रयागराज में शुक्रवार को भड़की हिंसा में अब तक 68 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि अब तक 70 नामजद और 5000 अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। 70 नामजद में 10 शहर के चर्चित नाम भी हैं। इनके खिलाफ 29 धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इसमें से एक जावेद अहमद को गिरफ्तार किया जा चुका है। 9 की तलाश में दबिश जा रही है।

पुलिस का दावा है कि हिंसा सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी। इसके पीछे वामपंथी संगठनों आईसा, चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी PFI और सीएए-एनआरसी विरोधी आंदोलन में शामिल लोग हैं। इन्होंने फेसबुक से लेकर बीच बाजार हुए पथराव में उपद्रवियों का साथ दिया। आइए बारी-बारी इन चेहरों से गुजरते हैं...

आरोपी 1: शाह आलम

AIMIM के जिला अध्यक्ष शाह आलम।
AIMIM के जिला अध्यक्ष शाह आलम।

प्रयागराज के अटाला इलाके में हुई हिंसा में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के जिला अध्यक्ष शाह आलम का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि शाह आलम के इशारे पर ही उपद्रवियों ने पत्थरबाजी और नारेबाजी की। पुलिस इनकी तलाश कर रही है।

आरोपी 2: जीशान रहमानी

ये तस्वीर जीशान रहमानी की है। वो फेसबुक पर खुद को सोशल एक्टिविस्ट बताता है।
ये तस्वीर जीशान रहमानी की है। वो फेसबुक पर खुद को सोशल एक्टिविस्ट बताता है।

पुलिस को जांच में एक और AIMIM नेता मोहम्मद जीशान रहमानी का भी नाम है। जीशान पर आरोप है कि उसके संपर्क में कई उपद्रवी थे। इन लोगों को हिंसा के लिए लगातार उकसाया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि फेसबुक पर भी जीशान लगातार उपद्रवियों से जुड़ा हुआ था।

आरोपी 3: उमर खालिद

तस्वीर में दिख रहे उमर खालिद पर हिंसा के दौरान लोगों को उकसाने का आरोप है।
तस्वीर में दिख रहे उमर खालिद पर हिंसा के दौरान लोगों को उकसाने का आरोप है।

उमर खालिद एक्टिविस्ट हैं। खालिद पर आरोप है कि उसने करेली इलाके में हिंसा के लिए धार्मिक भावनाओं को भड़काया। उसने फेसबुक पर अपना पोस्ट शेयर कर लिखा कि मैं इलाहाबाद से 200 किमी दूर आजमगढ़ के पास हूं। न तो मैं इस तरह के किसी प्रदर्शन का हिस्सा हूं और न ही इस घटना को पसंद करता हूं।

आरोपी 4: सारा अहमद

ये फोटो प्रयागराज के मंसूर अली पार्क में जनवरी 2020 में हुए प्रदर्शन की है। इस प्रदर्शन के बाद सारा समेत 19 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी।
ये फोटो प्रयागराज के मंसूर अली पार्क में जनवरी 2020 में हुए प्रदर्शन की है। इस प्रदर्शन के बाद सारा समेत 19 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी।

हिंसा में प्रयागराज के कुछ इलाकों में नाबालिग बच्चों की भी तस्वीरें सामने आईं। पुलिस का कहना है कि इन बच्चों को उकसाने के पीछे वामपंथी संगठन आईसा की कार्यकर्ता सारा अहमद का हाथ है। सारा का नाम पहले भी कई विवादों में आया है। साल 2020 में प्रयागराज के मंसूर अली पार्क में CAA/NRC के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे 19 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। इसमें सारा का भी नाम था। सारा ने JNU से पढ़ाई की है। पुलिस ने सारा पर हिंसा के लिए छोटे-छोटे बच्चों को उकसाने का आरोप लगाया है।

आरोपी 5: मोईनुद्दीन

ये फोटो अलाटा के पार्षद मोईनुद्दीन की है, इन पर नारेबाजी और हिंसा भड़काने का आरोप है।
ये फोटो अलाटा के पार्षद मोईनुद्दीन की है, इन पर नारेबाजी और हिंसा भड़काने का आरोप है।

मोईनुद्दीन अटाला इलाके के पार्षद हैं। साल 2017 में उसने पार्षदी का चुनाव AIMIM के बैनर तले जीता था। मोईनुद्दीन पर हिंसा भड़काने का आरोप है। भास्कर से बातचीत के दौरान मोईनुद्दीन ने बताया कि जिस वक्त लोग प्रदर्शन कर रहे थे। वह उन्हें बहुत समझाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन तभी भीड़ उग्र हो गई। इस दौरान मुझे भी ईंट लगी है।

अब वो नाम, जिनकी तस्वीरें फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं...

आरोपी 6: जावेद अहमद
करेली का रहने वाला जावेद अहमद उर्फ पंप खुद को सोशल एक्टिविस्ट बताता है। प्रयागराज हिंसा में पुलिस को जावेद के फोन से कई अहम सबूत मिले हैं। पुलिस हिंसा में जावेद की बेटी की भूमिका की जांच भी कर रही है। जावेद की एक बेटी जेएनयू में पढ़ती है। पुलिस का कहना है कि वह जावेद को राय देने का काम करती थी। पुलिस ने जावेद को गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी 7: अली अहमद
करेली हिंसा में अटाला की बड़ी मस्जिद के पेश इमाम अली अहमद पर पत्थरबाजी करने के लिए लोगों काे उकसाने का आरोप है। एडीजी प्रेम प्रकाश ने स्पष्ट तौर पर कहा कि अटाला स्थित मस्जिद और मदरसे से भी शरारती तत्व निकलकर पत्थरबाजी और नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस पेश इमाम अली अहमद की गिरफ्तारी को लेकर दबिश दे रही है।

आरोपी 8: डॉक्टर आशीष मित्तल
​​​​​​प्रयागराज हिंसा में डॉ. आशीष मित्तल का नाम भी सामने आया है। डॉ. आशीष CPI-M वामपंथी नेता हैं। उन्हें साल 2020 में CAA/NRC के खिलाफ प्रदर्शन करने पर करेली के बुड्डा ताजिया इलाके से गिरफ्तार किया था। इसके अलावा डॉ. आशीष को साल 2020 में धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में खुल्दाबाद पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए थे।

आरोपी 9: अली अहमद
अली अहमद प्रयागराज के करेली का रहने वाला है। पुलिस ने अली पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। साल 2020 में CAA/NRC के विरोध में कई महीनों तक चले धरना प्रदर्शन में भी अली का नाम सामने आया था।

10वां नाम समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता का है। फिलहाल, अभी तक इसके नाम के बारे में पुलिस ने कोई भी जानकारी नहीं दी है।

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