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प्रयागराज में 180 बेड का PICU बनकर तैयार:SRN हॉस्पिटल में ऑक्सीजन के 2 प्लांट बने, सभी 23 ब्लॉकों में भी होंगे प्लांट, मरीजों के लिए बेड भी बढ़ रहे

प्रयागराजएक महीने पहले
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एसआरएन हास्पिटल में इसी भवन में 180 बेड का पीकू वार्ड तैयार किया गया है। - Dainik Bhaskar
एसआरएन हास्पिटल में इसी भवन में 180 बेड का पीकू वार्ड तैयार किया गया है।

कोरोना की दूसरी लहर से सबक लेकर प्रयागराज जिला प्रशासन ने संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारी पूरी कर ली है। तीसरी लहर के संक्रमण की चपेट में बच्चों के आने की संभावना के बीच जनपद में बच्चों के लिए 180 बेड का पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (PICU) वार्ड तैयार किया गया है। इसमें एसआरएन हॉस्पिटल में 100 बेड, जिला अस्पतालों में 40 बेड और 4 सीएचसी में 10-10 बेड शामिल हैं। सभी 23 ब्लॉकों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएंगे।

2 ऑक्सीजन प्लांट तैयार, दो इसी सप्ताह में तैयारी होंगे
इस बार ऑक्सीजन की कमी के चलते किसी की जान न जाए इसके भी पुख्ता इंतजाम हैं। प्रयागराज के जिलाधिकारी संजय खत्री ने बताया कि एसआरएन हॉस्पिटल में पहले से 2 ऑक्सीजन प्लांट काम कर रहे हैं और 2 प्लांट इसी हफ्ते शुरू होने जा रहे हैं। इसके अलावा 6 प्लांट जिनपर काम चल रहा है वो भी महीनेभर में शुरू हो जाएंगे ।

बच्चों में संभावित तीसरी लहर के प्रभाव से निपटने को तैयार सुपर स्पेशिलिटी वार्ड।
बच्चों में संभावित तीसरी लहर के प्रभाव से निपटने को तैयार सुपर स्पेशिलिटी वार्ड।

सभी 23 ब्लाकों में लगाए जाएंगे ऑक्सीजन प्लांट
जिलाधिकारी ने बताया कि शासन की ये भी योजना है कि ज़िले के सभी 23 ब्लॉक में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएं, जिसके लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गयी है । जल्द ही इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा। इसके पूरा होते ही गंभीर मरीजों को बड़े सेंटर पर लेकर भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इतना ही नहीं प्रयागराज में कोविड के मामले बढ़ने पर तत्काल डेढ़ हजार के करीब आईसीयू बेड उपलब्ध हो जायेंगे।

एसआरएन हॉस्पिटल में 1066 कोविड बेड तैयार
अगर ज़िले में सबसे बड़े एसआरएन अस्पताल के कोविड हॉस्पिटल की बात करें यहां जिला प्रशासन बीते कई महीनों से तैयारियों में जुटा है । प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सेवा योजना के तहत तैयार हॉस्पिटल का सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक संकट काल में मानो वरदान बन गया है । दूसरी लहर से पहले ही 240 बेड के इस हॉस्पिटल को कोविड हॉस्पिटल में तब्दील कर दिया गया । कुल मिलाकर एसआरएन हॉस्पिटल में 1066 कोविड बेड तैयार किये गए हैं, जिसमें से 702 बेड आईसीयू के और 364 बेड आइसोलेशन बेड है । इसमें से 100 बेड पीडियाट्रिक बेड (50 आईसीयू, 50 आइसोलेशन ) हैं ।

बच्चों के लिए तैयार किए गए पीकू वार्ड में कुछ इस तरह से बेड खरीदकर आए हैं।
बच्चों के लिए तैयार किए गए पीकू वार्ड में कुछ इस तरह से बेड खरीदकर आए हैं।

हर बेड तक ऑक्सीजन पाइपलाइन की है व्यवस्था
स्वरूप रानी नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि सभी 1066 बेड तक ऑक्सीजन पाइपलाइन की व्यवस्था की गई है। ऑक्सीजन सप्लाई के लिए दो हज़ार लीटर प्रति टैंक क्षमता के दो लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन के टैंक भी हॉस्पिटल में स्थापित किये गए हैं । इसके पहले इतनी ही क्षमता के 2 टैंक पहले से काम कर रहे हैं । ज़िले के सभी असप्तालो में उपलब्ध सभी दवाओं को कम्प्यूटर पर ऑनलाइन फीड करने का निर्देश दिया गया । ।

200 जंबो ऑक्सीलन सिलेंडर से भी लैस है अस्पताल
केंद्र की मोदी सरकार ने किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए हॉस्पिटल को 200 जम्बो ऑक्सीजन सिलेंडर भी उपलब्ध करवाए हैं। 100 के करीब सिलेंडर हॉस्पिटल के पास पहले से उपलब्ध है । अतिरिक्त लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का एक और 20 हज़ार लीटर के वेसेल पर भी काम शुरू होने जा रहा है । इसके साइट अप्रूवल के लिए सरकार को पत्र भेजा गया है ।

बच्चों को इंजेक्टशन और दवाइयां देने के लिए हाईटेक ट्रॉलीज आई हैं।
बच्चों को इंजेक्टशन और दवाइयां देने के लिए हाईटेक ट्रॉलीज आई हैं।

कोरोना संक्रमित बच्चों के पास रह पाएंगे अभिभावक, 200 काउच आएंगे
प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि तीसरी लहर से संक्रमित बच्चों के साथ उनके माता-पिता में से कोई एक या अभिभावकों में से कोई एक रह पाएगा। इसके पीछे मनोवैज्ञानिक कारण है। छोटे बच्चों को दवा से ज्यादा जरूरी भावनात्मक सपोर्ट है। ऐसे में उन्हें मां-बाप ही संभाल पाएंगे। इसके लिए 200 काउच (एक प्रकार का मिनी बेड) का आर्डर दिया गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इसे खरीदा जाएगा। ये काउच 100 एसआरएन के लिए, 40 बेली अस्पताल और 10-10 चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बनाए गए पीकू वार्ड को दिए जाएंगे। ये काउच पीकू वार्ड में बच्चों के बेड के बगल में लगाए जाने हैं, जिस पर उनके तीमारदार साथ में रह सकेंगे।

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