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शिक्षक-कर्मचारियों की फर्जी भर्ती मामले में रिपोर्ट दर्ज:प्रयागराज के माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के उप सचिव ने दर्ज कराई रिपोर्ट, साइबर सेल ने शुरू की जांच

प्रयागराजएक महीने पहले
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वेबसाइट खोलने पर कुछ इस तरह का पेज खुलता है। ऊपर रेड कलर में रजिस्ट्रेशन का हाईलाइटर ब्लिंक करता रहता है। - Dainik Bhaskar
वेबसाइट खोलने पर कुछ इस तरह का पेज खुलता है। ऊपर रेड कलर में रजिस्ट्रेशन का हाईलाइटर ब्लिंक करता रहता है।
  • उत्तर प्रदेश स्कूल स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड के नाम पर फर्जीवाड़ा की थी तैयारी, शिक्षक व कर्मचारियों के 25 हजार पदों पर मांगे थे आवेदन

उत्तर प्रदेश स्कूल स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड नाम से वेबसाइट बनाकर फर्जी भर्ती निकालने के मामले में प्रयागराज की कर्नलगंज पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। यह रिपोर्ट उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के उप सचिव ने दर्ज कराई है। कर्नलगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में साइबर सेल अलग से जांच कर रही है।

तैयार कर दी थी चयन बोर्ड से मिलती-जुलती वेबसाइट

माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के उप सचिव नवल किशोर ने बताया कि शातिरों ने चयन बोर्ड और शासन की छवि खराब करने के उद्देश्य से अनधिकृत विज्ञापन जारी किया गया था। प्रदेश में उत्तर प्रदेश स्कूल स्टाफ सलेक्शन बोर्ड नाम का कोई विभाग, कार्यालय संचालित नहीं है। यह शातिरों की सोची-समझी साजिश है। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को अंग्रेजी में सेकेंड्री एजुकेशन सर्विस सलेक्शन बोर्ड कहते हैं। लिहाजा बोर्ड की अधिकृत वेबसाइट का नाम www.upsessb.org है। शातिरों ने E की जगह S कर दिया और बोर्ड से मिलती जुलती www.upsssb.org नाम की फर्जी वेबसाइट बना दी।

शातिरों की ओर से शहर के कई बड़े अखबारों में यही विज्ञापन निकला था।
शातिरों की ओर से शहर के कई बड़े अखबारों में यही विज्ञापन निकला था।

साइबर सेल ने भी शुरू की जांच

प्रयागराज के एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा ने बताया कि चयन बोर्ड के सचिव की ओर से तहरीर मिली है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। इसके पीछे कौन लोग हैं उसकी तह तक जाने की कोशिश है। कर्नलगंज पुलिस के साथ ही साइबर सेल को भी सक्रिय कर दिया गया है। वह अपने स्तर पर तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। जल्द ही ही आरोपित के बारे में पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

अखबारों में विज्ञापन देने वालों से होगी पूछताछ

इस फर्जी भर्ती बोर्ड का अखबारों में किसने विज्ञापन निकलवाया। इसकी भी जांच होगी। अखबार के दफ्तरों से भी पुलिस इनपुट लेगी। यह जानने का प्रयास होगा कि किसने अखबारों को विज्ञापन दिया था। उसका पेमेंट किसने किया था। यहां से पुलिस को इस फर्जीवाड़े की तह तक जाने में मदद मिलेगी। पुलिस इस बिंदु से भी मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।

25 हजार पदों पर मांगे गए थे आवेदन

प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में 25000 शिक्षकों की फर्जी भर्ती निकालकर बेरोजगार युवाओं को ठगने की तैयारी थी। उत्तर प्रदेश स्कूल स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड नाम से आवेदन मांगने का बाकायदा दैनिक समाचार पत्रों में विज्ञापन छपवाया गया था। बाद में जांच में पता चला कि यह संस्था ही फर्जी है। इस नाम कि प्रदेश में कोई संस्था ही नहीं है। शासन ने भी कहा कि प्रदेश में उत्तर प्रदेश स्कूल स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड के नाम से कोई संस्था ही नहीं है।

तीन वर्गों में मांगे गए थे आवेदन

जालसाजों ने स्कूल कॉलेज टीचर्स, कॉलेज स्टाफ कॉलेज मैनेजमेंट वह ग्रुप डी के पदों पर विज्ञापन मांगे हैं। विज्ञापन में आयु शैक्षिक योग्यता कुल पदों की संख्या जातिवाद व्यक्तियों का विवरण आज भी दिया गया है। फर्जी विज्ञापन में एक वेबसाइट का भी नाम दिया गया है www.upsssb.org लिखा गया है। ऑनलाइन आवेदन मांगा भी मांगा गया था। लिखा गया है कि उत्तर प्रदेश के कॉलेज लिस्टवार रिक्तियों की संख्या, पात्रता मानदंड व अन्य जानकारी बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आवेदन के लिए रजिस्ट्रेशन का लिंक भी उपलब्ध है। ऑनलाइन आवेदन रजिस्ट्रेशन 11 सितंबर से शुरू हो गया है। यह मामला प्रकाश में आने के बाद शिक्षा विभाग ने आनन-फानन में विज्ञप्ति निकालकर इस संस्था के फर्जी होने की पुष्टि कर दी है।

अब नहीं खुल रहा पेमेंट गेटवे

इस भर्ती में शातिरों ने बाकायदा न सिर्फ फर्जी वेबसाइट बनाई बल्कि रजिस्ट्रेशन का पूरा फार्म अपलोड किया। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद ऑनलाइन पेमेंट गेटवे भी बनाया। 11 सितंबर को मामला खुलने के बाद तक तो पेमेंट गेटवे खुल रहा था पर अब यह नहीं खुल रहा है। इसे क्लिक करने पर यह रिस्पॉन्स नहीं कर रहा है। एक अनुमान के मुताबिक अब तक कई हाजर अभ्यर्थियों को यह फर्जी वेबसाइट चूना लगा चुकी है।

अपर निदेशक माध्यमिक ने खारिज की थी भर्ती

इस फर्जीवाड़े के प्रकाश में आने के बाद अपर निदेशक माध्यमिक डॉ. महेंद्र देव ने एक विज्ञप्ति जारी की है। विज्ञप्ति में उन्होंने लिखा है कि दैनिक समाचार पत्रों में 11 सितंबर को प्रकाशित उत्तर प्रदेश स्कूल स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड नामक संस्था द्वारा जारी किया गया विज्ञापन पूरी तरह से फर्जी है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश स्कूल स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड नाम की कोई संस्था, विभाग या कार्यालय संचालित नहीं है। इस फर्जी बोर्ड द्वारा किया गया विज्ञापन पूर्णता मिथ्या और भ्रामक है।

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