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अखाड़ा परिषद ने राम मंदिर ट्रस्ट में मांगी भागीदारी:चित्रकूट में मोहन भागवत से नरेंद्र गिरि बोले- दो जगद्गुरु और तीन 'अनि' अखाड़ों के श्रीमहंत ट्रस्ट में शामिल हों; संघ प्रमुख ने सरकार तक बात पहुंचाने को कहा

प्रयागराज2 महीने पहले
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अयोध्या में राम मंदिर के लिए जमीन की खरीद-फरोख्त में कथित धांधली को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट चर्चा में है। इस बीच साधु-संतों की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने ट्रस्ट में भागीदारी की मांग उठा दी है। परिषद के अध्यक्ष और महंत नरेंद्र गिरि ने सोमवार की शाम राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की। यह मुलाकात चित्रकूट में चल रहे संघ के पांच दिवसीय मंथन शिविर में हुई। नरेंद्र गिरि ने उनके सामने साधु-संतों को ट्रस्ट में शामिल किए जाने की बात रखी। संघ प्रमुख भागवत ने कहा कि ट्रस्ट पर संघ का कोई अधिकार नहीं है, लेकिन वह उनकी मांग को सरकार तक जरूर पहुंचाएंगे।

ट्रस्ट में दो जगद्गुरु, तीनों अनियों के श्रीमहंत हों

महंत नरेंद्र गिरि और संघ प्रमुख मोहन भागवत के बीच की हुई इस मुलाकात में धर्मांतरण और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट दोनों मुद्दे पर बातचीत हुई। नरेंद्र गिरि ने कहा, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दो जगद्गुरु, तीनों 'अनि' अखाड़ा (निर्वाणी, निर्मोही और दिगंबर) के श्री महंत को पदेन सदस्य बनाया जाए। इसके साथ ही साथ अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व महामंत्री के साथ ही अन्य साधु-संतों को भी शामिल करने की मांग की है।

मोहन भागवत व नरेंद्र गिरि चित्रकूट में चल रहे मंथन शिविर में एक-दूसरे से मुलाकात के दौरान कुछ इस अंदाज में एक दूसरे का अभिवादन किया।
मोहन भागवत व नरेंद्र गिरि चित्रकूट में चल रहे मंथन शिविर में एक-दूसरे से मुलाकात के दौरान कुछ इस अंदाज में एक दूसरे का अभिवादन किया।

भागवत को हनुमानजी का टीका भेंट किया

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के मुताबिक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने उन्हें यह आश्वासन दिया है कि ट्रस्ट में आरएसएस का कोई हस्तक्षेप नहीं है, लेकिन अखाड़ा परिषद की यह मांग सरकार तक जरूर पहुंचाएंगे। इस मौके पर संघ के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को हनुमान जी का टीका और आशीर्वाद दिया है।

चंपत राय को संघ से मिला सशर्त अभयदान

चित्रकूट में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 5 दिनों के मंथन में राम जन्मभूमि ट्रस्ट के जमीन विवाद का मुद्दा भी उठा। दरअसल, इस विवाद को लेकर मीडिया, जनता और विपक्ष सभी की नजरें संघ के स्टैंड पर हैं। माना जा रहा था कि संघ के मंथन में चंपत राय को ट्रस्ट के महामंत्री पद से हटाए जाने का फैसला लिया जा सकता है पर ऐसा नहीं हुआ। चित्रकूट पहुंचे चंपत राय ने संघ के सामने अपनी दलीलें रखीं और उन्हें फिलहाल अभयदान मिल गया है, लेकिन शर्त के साथ। संघ ने अभी उन्हें महामंत्री पद पर बनाए रखने का फैसला लिया है। सूत्रों ने बताया कि चंपत राय की सफाई पर संघ के शीर्ष पदाधिकारी पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उन्हें संघ की अदालत से क्लीन चिट नहीं मिली। फिलहाल, संघ के शीर्ष नेतृत्व ने चंपत राय को अभय दान जरूर दे दिया है।

चंपत राय राम मंदिर ट्रस्ट में महासचिव हैं।
चंपत राय राम मंदिर ट्रस्ट में महासचिव हैं।

भागवत की पाठशाला में संघ की रणनीति पर मंथन

गौरतलब है कि इन दिनों चित्रकूट में संघ के नेताओं का जमावड़ा लगा है। 9 और 10 जुलाई को क्षेत्रीय प्रचारकों के साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत की बैठक हुई थी। 11 और 12 जुलाई को प्रांतीय प्रचारकों के साथ बैठक हुई है, जबकि मंगलवार 13 जुलाई को अखिल भारतीय के विभिन्न संगठनों के संगठन मंत्री और सचिवों के साथ वर्चुअली बैठक में मोहन भागवत शामिल होंगे। यह बैठक भारत रत्न से सम्मानित राष्ट्र ऋषि नाना जी देशमुख की कर्म स्थली में हो रही है। संघ प्रमुख मोहन भागवत की पाठशाला में संघ की आगामी रणनीति को लेकर जहां विचार मंथन चल रहा है। वहीं ऐसा माना जा रहा है कि 2022 के यूपी चुनाव को लेकर भी संघ आगामी रणनीति बना रहा है।

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