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प्रयागराज में दलित किशोरी से गैंगरेप का मामला:किशोरी ने 7 लड़कों पर लगाया था आरोप, तहरीर में सिर्फ 2 आरोपियों का जिक्र...पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया

प्रयागराज3 महीने पहले
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पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। सभी फरार चल रहे हैं।- प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। सभी फरार चल रहे हैं।- प्रतीकात्मक फोटो
  • दैनिक भास्कर से पिता ने कहा- मेरी बेटी के साथ गांव के ही दो दबंगों ने रेप किया, मैं उन्हें छोड़ूंगा नहीं
  • यमुनापार के करछना कोतवाली इलाके की वारदात, गांव में तनाव, पुलिस फोर्स तैनात

प्रयागराज में मंगलवार की रात दलित किशोरी के साथ गैंगरेप के प्रकरण में नया मोड़ सामने आ रहा है। घर से थोड़ी दूर पीपल के पेड़ के नीचे अर्धनग्न हालत में अचेत मिली 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली किशोरी ने घटना के बाद आरोपियों की संख्या 6-7 बताई, फिर वह 3 हो गई और जब तहरीर देने की बात आई तो सिर्फ 2 लोगों का उसने नाम लिया। रेप की नामजद तहरीर भी सिर्फ दो लोगों के खिलाफ दी गई है। किशोरी किसके दबाव में आकर अपना बयान बदलती रही यह तो जांच का विषय है, लेकिन कुछ लोग दबी जुबान इसे आरोपियों व पुलिस का दबाव बता रहे हैं। हालांकि पुलिस ने नामजद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। किशोरी का मेडिकल भी कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी।

पिता ने कहा-साहब दबंगों ने हमारी बिटिया के साथ गलत किया, हम उन्हें छोड़ेंगे नहीं
साहब! हमारी बेटी के साथ गलत काम हुआ है। जिन लोगों ने यह किया है। वह गांव के दबंग लोग हैं। उनका पिछला रिकॉर्ड भी बहुत अच्छा नहीं है। कई लोगों से मारपीट और आगजनी की घटनाएं कर चुके हैं। उनकी दबंगई के आगे लोग उनसे लड़ना नहीं चाहते। इसी वजह से उन लोगों ने हमारी बेटी की इज़्ज़त लूट ली। क्योंकि उनको यह भरोसा है कि वह अपनी दबंगई और पैसे के बल पर सारे प्रकरण को रफा-दफा कर देंगे। साहब हम गरीब लोग हैं हमारे लिए बेटी की इज्जत ही सब कुछ है हम मर जाएंगे, लेकिन उनको छोड़ेंगे नहीं।

खेत गई किशोरी अर्धनग्न हालत में अचेत मिली थी
प्रयागराज के यमुनापार में करछना कोतवाली अंतर्गत एक गांव की 16 वर्षीय दलित किशोरी मंगलवार देर शाम खेत की तरफ गई थी। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटी तो घरवालों ने खोजबीन शुरू कर दी। करीब डेढ़ घंटे बाद वह खेत में बेहोशी हालत में पड़ी मिली। घरवालों ने देखा तो उनके होश उड़ गए। शरीर पर कपड़े अस्त-व्यस्त थे। किशोरी अर्धनग्न दशा में थी। शरीर पर खरोच के निशान थे। उसे चारपाई पर लादकर परिवार के लोग घर ले आए उसके बाद पुलिस को सूचना दी।

पिछले कई दिनों से हमारी बेटी को परेशान कर रहे थे आरोपी
दैनिक भास्कर से हुई बातचीत में लड़की के पिता ने कहा कि उसकी बेटी का पिछले कई दिनों से पीछा किया जा रहा था, लेकिन बिटिया ने डरवश घर में कुछ बताया नहीं। वही उसके लिए काल बन गया। अगर उसने बता दिया होता तो उसकी इज्जत बच जाती।

छोटी बहन ने घर आकर बता दिया होता तो बच जाती इज्जत
पीड़िता अपनी छोटी बहन के साथ शौंच को गई थी। वह 13 साल की है। दोनों शौंच से लौट रही थी, तभी एक मोटरसाइकिल से दोनों लड़के गुफरान और इरफान आए और दौड़ कर उसकी बड़ी बेटी को दबोच लिए। यह देख छोटी बेटी वहां से भाग निकली। छोटी बेटी ने घर आकर पहले तो किसी को कुछ बताया नहीं। बाद में अपनी बड़ी मां को बताया। बड़ी मां ने घरवालों को बताया, लेकिन तब तक 45 मिनट से ज्यादा का समय बीत गया था। हम लोग जब मौके पर पहुंचे तो आरोपी भाग चुके थे। बिटिया बेहोश हालत में वहां पर पड़ी थी।

किशोरी को फोन करके आरोपियों ने बुलाया था
गांव के कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि किशोरी को फोन करके गांव के बाहर नहर के किनारे पीपल के पेड़ के नीचे किसी ने बुलाया था। जब वह पहुंची तो वहां एक-दो नहीं, बल्कि 6-7 लड़के थे। जिन्होंने उसके साथ गलत काम किया। अब लड़की और उसके घरवाले किसके दबाव में और क्यों बयान बदल रही है यह समझ से परे है। लड़की के पिता का कहना है कि नहीं वह दो लोग ही थे, हमारी लड़की को गलतफहमी हो गई थी, इसलिए पहले वह ज्यादा लोगों के नाम बता रही थी।

बार-बार बयान पलटती रही किशोरी
गैंगरेप की सूचना पर पुलिस के पांव तले से जमीन खिसक गई। आला अधिकारियों का मजमा गांव में पहुंच गया। किशोरी को सामुदायिक स्वास्थ केंद्र करछना ले जाया गया। जहां होश आने पर किशोरी ने पहले कहा कि वह 3 लोगों को पहचानती है, बाकी तीन से चार लोग और थे, जिन्हें वह नहीं पहचानती। कुछ देर बाद उसने आरोपियों की संख्या 3 बताई, लेकिन जब पिता की तरफ से तहरीर दी गई तो उसमें गुफरान और इरफान का ही नाम था, जो उसी के गांव के रहने वाले हैं। जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। किशोरी को रातों रात मेडिकल के लिए शहर भेज दिया गया था। दो समुदायों के बीच का मामला होने की वजह से गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसलिए गांव में फोर्स लगा दी गई है। पुलिस का कहना है कि किशोरी ने शहर में जो बयान दिया है। उसमें उसने गैंगरेप के प्रयास की बात बताई है, न कि गैंगरेप होना बताया है।

मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर बढ़ाई जाएंगी धाराएं
तनाव को देखते हुए गांव में फोर्स तैनात की गई है। लड़की की मेडिकल रिपोर्ट अभी नहीं आई है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही गैंगरेप और गैंगरेप के प्रयास की पुष्टि हो पाएगी। इंस्पेक्टर करछना राकेश सिंह का कहना है कि मुकदमा दर्ज हो चुका है। रेप की धारा लगाई गई है, बाकी मेडिकल रिपोर्ट में अगर गैंगरेप की पुष्टि होती है तो उसे गैंगरेप में बदल दिया जाएगा।

प्रेम प्रसंग के एंगल पर भी जांच कर रही पुलिस
दलित किशोरी के साथ गैंगरेप के मामले में पुलिस प्रेम प्रसंग के एंगल पर भी जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस को यह पता चला है कि किशोरी शौंच के बहाने अपने किसी दोस्त से मिलने गई थी। वहां पर दोस्त ने अपने साथियों को बुला लिया। जिन्होंने किशोरी के साथ रेप किया, जिससे स्थिति बिगड़ गई। हालांकि इस संबंध में भी कोई खुलकर कुछ नहीं बोल रहा है।

पुलिस ने कहा- तहरीर के आधार पर कार्रवाई की गई
प्रयागराज रेंज के आईजी कवींद्र प्रताप सिंह का कहना है कि इस प्रकरण में अभी जांच चल रही है। हमें किशोरी के मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है। यह संवेदनशील मामला है। इसपर बहुत कुछ अभी नहीं बोल सकते। किशोरी के बयान और पिता की तहरीर के आधार पर 2 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। दोनों को पकड़ लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। अगर इसमें और नाम सामने आते हैं तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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