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झाड़ी में चीटियों के बीच मिली मासूम:प्रयागराज में 7 महीने की बच्ची लाल कपड़े में लिपटी हुई झाड़ियों में रो रही थी, चारों ओर से चीटियां उसे काट रही थीं, रात भर बारिश में भी भीगी

प्रयागराजएक महीने पहले
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प्रयागराज में झाड़ियों में बच्ची मिली है। उसकी उम्र महज 7 माह है। - Dainik Bhaskar
प्रयागराज में झाड़ियों में बच्ची मिली है। उसकी उम्र महज 7 माह है।

प्रयागराज में कोरांव के पसना गांव में झाड़ियों में नवजात बच्ची मिली है। उसकी उम्र महज 7 माह है। गांव वालों ने जब झाड़ियों से बच्चे के रोने की आवाज सुनी तो जाकर देखा। एक बच्ची लाल कपड़े में लिपटी रो रही थी। उसके शरीर को लाल चीटियां नोंच रही थीं। बच्ची को गांव वाले पास के अस्पताल लेकर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। बच्ची को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। इसके बाद मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। जांच पड़ताल चल रही है।

फिलहाल बच्ची को किसने और क्यों झाड़ियों में फेंका? इसका पता नहीं चल पाया है। हर कोई बस यही कह रहा था कि 7 माह की बच्ची को इस तरह फेंकने वाली मां कितनी कठोर होगी। कैसे होगा उसका दिल?

रातभर भीगती रही बच्ची, तबीयत खराब

कोरांव थाने की कांस्टेबल पीहू सिंह ने बताया कि बच्ची रातभर हुई बारिश में भीगती रही। उसके शरीर को लाल चीटियां काट रही थीं। उसकी तबियत खराब लग रही है। उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची सात माह की है। अब उसे बेहतर इलाज के लिए प्रयागराज के मंडलीय बाल चिकित्सालय सरोजनी नायडू रेफर किया गया है।

महिला का बच्ची पर आया दिल, मांग रही संरक्षण
जब गांव वालों को पता चला कि एक बच्ची मिली है तो वहां एक महिला भी पहुंच गई। महिला उस बच्ची को पुलिस वालों से मांगने लगी। कांस्टेबल पीहू सिंह ने बताया कि हमने उसे बहुत समझाने का प्रयास किया कि हम आपको बच्ची को नहीं दे सकते। इसके लिए आपको कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा। इसके बाद भी वो नहीं मान रही थी। फिलहाल उससे कहा गया है कि आप जिला प्रोबेशन अधिकारी के यहां आवेदन कर दो शायद बच्ची आपको मिल जाए।

चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंचे
थानाध्यक्ष कोरांव सुरेंद्र सिंह ने बताया कि बच्ची के मिलने की जानकारी चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्यों को दी गई है। कमेटी के सदस्य भी मौके पर पहुंच गए हैं। सुपुर्दगी की कार्रवाई हो रही है। बच्ची को अब सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय भेजा जाएगा। इसके बाद राजकीय बाल शिशुगृह में उसे रखा जाएगा।

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