प्रयागराज में थमी नदियों की रफ्तार:एक सेमी. प्रति घंटे के हिसाब से घट रहीं गंगा, यमुना का जलस्तर स्थिर

प्रयागराज4 महीने पहले
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प्रयागराज में संगम क्षेत्र में गंगा के जलस्तर की स्थिति - Dainik Bhaskar
प्रयागराज में संगम क्षेत्र में गंगा के जलस्तर की स्थिति

संगम नगरी के तराई क्षेत्रों में बसे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। गंगा का जलस्तर मंगलवार शाम से ही घटना शुरू कर दिया है। हालांकि यमुना और टोंस नदी का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। हालाकि गंगा और यमुना दोनों अभी खतरे के निशान से तकरीबन पांच मीटर नीचे हैं। जिससे लोग अब गंगा और यमुना के किनारे सुबह शाम पिकनिक मनाने जाने लगे हैं।

संगम क्षेत्र में किला वीआईपी घाट की तरफ जाने वाली रोड पर बैठकर पिकनिक मनाते लोग
संगम क्षेत्र में किला वीआईपी घाट की तरफ जाने वाली रोड पर बैठकर पिकनिक मनाते लोग

खतरे के निशान से पांच मीटर नीचे है दोनाें नदियों का जलस्तर

प्रयागराज में गंगा के जलस्तर बढ़ने की गति मंगलवार से धीमी होनी शुरू हो गई थी। पहले आधा और अब करीब एक सेंमी. प्रतिघंटे के हिसाब से जलस्तर घट रहा है। बाढ़ नियंत्रण खंड कंट्रोल रूम के मुताबिक बुधवार को गंगा का फाफामऊ में जलस्तर 80.24 मीटर, छतनाग, झूसीं में 79.19 मीटर और नैनी में यमुना का जलस्तर 79.84 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। प्रयागराज में दोनों नदियों के खतरे का निशान 84.73 मीटर पर है। कंट्रोल रूम के मुताबिक पहले जो 5 से 10 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा था। जबकि यमुना का जलस्तर अभी स्थिर बना हुआ है।

संगम क्षेत्र के मार्गो पर पानी भरा होने की वजह से हाथ में चप्पल लेकर पैदल जाती महिलाएं
संगम क्षेत्र के मार्गो पर पानी भरा होने की वजह से हाथ में चप्पल लेकर पैदल जाती महिलाएं

दस सेमी. प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था जलस्तर

शनिवार और रविवार को हुई झमाझम बारिश से नदियों में उफान ला दिया था। पांच से 10 सेमी. प्रति घंटे की रफ्तार से दोनों नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने लगी थी। जिससे कछारी इलाके में बसे लोगों में डर समा गया था। खासकर नदियों के किनारे की कटान देखकर लोग ज्यादा सहमे हुए थे। मंगलवार से रफ्तार धीमी पड़ने से कछारी इलाके में बसे लोगों ने राहत की सांस ली है।

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