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इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की भौजी 'चायवाली':योगी से लेकर चंद्रशेखर तक इनकी दुकान में चाय पी चुके; 4 पीढ़ियों से पिला रहीं चाय

प्रयागराज4 महीने पहले

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में चाय की दुकान चलाने वाली भौजी यानी ऊषा गुप्ता की चाय न जाने कितने VVIP पी चुके हैं। 4 पीढ़ियों से विश्वविद्यालय कैंपस में छोटी सी दुकान चली आ रही है। जिसकी पहचान सिर्फ चाय से है। कहते हैं इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कोई फंक्शन हो और उसमें भौजी की चाय की चुस्कियां न हो तो अधूरी होती है। ऊषा बताती हैं कि इस दुकान पर पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह और चंद्रशेखर भी चाय पी चुके हैं।

हजारों अनशन और भूख हड़ताल की साक्षी हैं भौजी

सुबह से शाम तक चाय बनाकर को पिलातीं हैं भौजी।
सुबह से शाम तक चाय बनाकर को पिलातीं हैं भौजी।

दरअसल, ऊषा गुप्ता भौजी के नाम से ही मशहूर हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान भौजी बताती हैं कि आज फीस वृद्धि को लेकर छात्र अनशन कर रहे हैं। मैं तो हजारों अनशन, धरना प्रदर्शन, भूख हड़ताल और लाठी चार्ज जैसी घटनाओं की साक्षी हूं। हमारे ससुर ने दुकान संभाली। उनके जाने के बाद पति इस दुकान पर बैठते थे।

पति की मौत की बाद वह 2002 में इस छोटी सी चाय की दुकान को संभालने लगी।

पैर छूकर आशीर्वाद लेते हैं छात्रनेता

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में भौजी का सम्मान कितना है? इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि सभी छात्रनेता छात्रसंघ भवन में आने पर भौजी का पैर छूकर आशीर्वाद जरूर लेते हैं। जब भी छात्रसंघ चुनाव होते हैं, तो नामांकन के पहले छात्रनेता भौजी का आशीर्वाद लेने पहुंचता है।

सपा नेता धर्मेंद्र यादव भी भौजी का पैर छूते हैं। भौजी पुरानी यादों को जिक्र करते हुए कहती हैं मैंने खुद 2005 में योगी आदित्यनाथ को चाय पिलाई थी। जब वो छात्रसंघ के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए यहां आए थे।

कैंपस में ऊषा देवी को पढ़ने वाले बच्चों से लेकर प्रोफेसर तक सभी जानते हैं।
कैंपस में ऊषा देवी को पढ़ने वाले बच्चों से लेकर प्रोफेसर तक सभी जानते हैं।

दीक्षांत समारोह में भौजी भी हुई सम्मानित
महज छात्रों के बीच में नहीं बल्कि विश्वविद्यालय की कुलपति से लेकर प्रोफेसर और अन्य कर्मचारी भी भौजी का सम्मान करते हैं। तभी तो दो साल इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दीक्षांत समाराेह में विश्वविद्यालय प्रशासन ने भौजी को मेडल देकर सम्मानित किया था।

“सम्मान तो मिला लेकिन गरीबी नहीं गई”

भौजी कहती हैं कि अपने जमाने में हमने हाईस्कूल तक पढ़ाई की थी। विश्वविद्यालय मेरे घर जैसा हो गया है। यहां आने पर मुझे सम्मान तो बहुत मिला लेकिन गरीबी नहीं गई। एक आवास के लिए काफी समय से सरकारी आफिसों का चक्कर काट रही हूं लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिला।

छात्रनेता बोले- भौजी के लिए मंत्री से सिफारिश करूंगा

अपना दल (एस.) छात्र मंच के लिए राष्ट्रीय महासचिव संदीप वर्मा प्राक्टर ने कहते हैं छात्रसंघ का चुनाव लड़ने के पहले मैं खुद भौजी का पैर छूने आया था। उन्होंने कहा कि वह अपनी नेता मंत्री अनुप्रिया पटेल से भौजी की मदद के लिए मदद करेंगी ताकि भौजी काे रहने के लिए आवास मिल सके।

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