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IMA का देशव्यापी विरोध:डॉक्टरों पर हमलों के विरोध में काली पट्‌टी-काले लिबास में किया प्रदर्शन, PM मोदी को भेजा ज्ञापन

प्रयागराजएक महीने पहले
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इंडियन मेडिकल एसोसिएगराज के आह्वान पर प्रयागराज में सभी डॉक्टरों ने किया विरोध-प्रदर्शन। - Dainik Bhaskar
इंडियन मेडिकल एसोसिएगराज के आह्वान पर प्रयागराज में सभी डॉक्टरों ने किया विरोध-प्रदर्शन।

इंडियन मेडिकल एसोसिएगराज (IMA) के आह्वान पर शुक्रवार को देशभर में डॉक्टरों ने सांकेतिक विरोध-प्रदर्शन किया। सफेद कपड़े की जगह डॉक्टरों ने काले कपड़े, काली पट्‌टी, काले रिबन बांधकर काम किया। आईएमए के इलाहाबाद चैप्टर इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (AMA) के अध्यक्ष डॉ. एमके मदनानी के नेतृत्व में डॉक्टरों ने मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, सांसद केशरी देवी पटेल को प्रधानमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा व चिकित्सकों की सुरक्षा की मांग की।

डॉ. एमके मदनानी ने बताया कि आईएमए की कार्यकारी समिति ने सभी पहलुओं पर विचार करने, डॉक्टरों की चिंता, नाराजगी को देखते हुए यह निर्णय लिया था कि 18 जून को सभी प्रमुख शहरों में डॉक्टर सांकेतिक विरोध-प्रदर्शन करेंगे। इसी कड़ी में शुक्रवार को डॉक्टरों ने अपने-अपने कार्यस्थल पर ही विरोध-प्रदर्शन किया। सांकेतिक विरोध के दौरान डॉक्टरों ने काले लिबास पहन कर मरीजों को देखा। डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ के खिलाफ देशभर में हो रही हिंसा के खिलाफ शुक्रवार को देशभर में विरोध-प्रदर्शन करने के लिए डॉक्टर काला बिल्ला, काला फीता, काले झंडे, काले मास्क व काले कपड़े पहने हुए थे। यह विरोध-प्रदर्शन कार्यस्थल और आइएमए बिल्डिंग के प्रमुख केंद्रों और अस्पतालों में हुआ। विरोध-प्रदर्शन के बाद अपने अपने क्षेत्र के सांसदों को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा गया। एएमए के अध्यक्ष डॉ. एमके मदनानी ने कहा कि जबतक हमारी मांगें नहीं मान ली जातीं यह आंदोलन जारी रहेगा।

ज्ञापन में पीएम को भेजीं चार मांगें

  • डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
  • केंद्रीय अस्पताल और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स सुरक्षा अधिनियम में IPC की धारा और आपराधिक गतिविधि संहिता शामिल की जाए।
  • प्रत्येक अस्पताल की सुरक्षा मानक बढ़ाने, अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए।
  • चिकित्सकों के साथ हिंसा के दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई होने और दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने का प्रावधान किया जाए।
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