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प्रयागराज में गंगा पर बनेगा 10 किलोमीटर लंबा पुल:1948 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगा एक्स्ट्रा डोज सिक्स लेन पुल, इसकी लंबाई 10 किलोमीटर होगी; 67 पिलर्स तैयार किए जाएंगे

प्रयागराज14 दिन पहले
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गंगा पर बनने वाले दस किलोमीटर � - Dainik Bhaskar
गंगा पर बनने वाले दस किलोमीटर �

उत्तर प्रदेश के संगम नगरी में प्रदेश का पहला एक्स्ट्रा डोज सिक्स लेन पुल जल्द बनकर तैयार होगा। जर्मन टेक्नोलॉजी से बनने वाले इस पुल पर तेजी से काम चल रहा है। 1948 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कर रहा है। इसके 2025 महाकुंभ के पहले यानी फरवरी 2024 में बनकर तैयार होने की उम्मीद है। गंगा पर बनने वाला एगभग 10 किलोमीटर लंबा यह इकलौता पुल होगा, जिसे अत्याधुनिक तकनीकी से बनाया जा रहा है। मलाक हरहर से निकलकर यह पुल स्टेनली रोड पर जाकर समाप्त होगा।

प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजकिशोर सिंह ने बताया कि प्रयागराज में बन रहा नया पुल कई माइनों में खास होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का यह प्रोजेक्ट दुनिया के सबसे बेहतरीन पुलों में से एक होने जा रहा है। सूबे का यह पहला एक्स्ट्रा डोज (केबल व बॉक्स) तकनीकी पर बनने वाला पुल है। इस पुल के लिये सरकार ने 1948.25 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस पुल की खासियत इसकी लंबाई भी है। 9.9 किलोमीटर में लगभग 3.84 किलोमीटर मुख्य ब्रिज होगा शेष पुल का अप्रोच सेक्शन होगा।

67 पिलर्स का होगा मुख्य ब्रिज
राजकिशोर सिंह ने बताया कि मुख्य ब्रिज जिसकी लंबाई लगभग 3.84 किलोमीटर होगी उसे बनाने के लिए 67 पिलर्स तैयार किए जाने हैं। इनमें से 17 पिलर्स का फाउंडेशन वर्क का काम लगभग पूरा हो रहा है। 3.84 किलोमीटर में से 860 मीटर एक्स्ट्रा डोज ब्रिज होगा। बाकी प्रीकास्ट सेगमेंटल ब्रिज होगा। पुल की शुरुआत प्रतापगढ़ के मलाक हरहर रोड से पांच सौ मीटर दूर से शुरू होगा और बेली रोड के पास आकर मिलेगा।

इस पुल से जाम व ट्रैफिक की समया से जूझ रहे एनएच-96 पर चलने वाले लोगों को पुराने फाफामऊ पुल पर जाम से राहत मिल जाए्गी। भीड़ व सड़क दुर्घटना से भी निजात मिलेगा। इस पुल का सबसे खास उपयोग प्रयागराज में लगने वाले कुंभ मेला के दौरान होगा जो राष्ट्रीय राजमार्ग-27, राष्ट्रीय राजमार्ग-76 व राष्ट्रीय राजमार्ग-96 के ट्रैफिक को प्रयागराज शहर से आने जाने का बेहतरीन विकल्प देगा।

इससे मध्य प्रदेश, लखनऊ व फैजाबाद राजमार्ग के यातायात को संजीवनी मिल जायेगी। भीड़ को नियंत्रित करने व शहर की भीड़ को बाहर निकालने के लिये इस पुल का विशेष तौर पर प्रयोग किया जा सकेगा। प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजकिशोर सिंह ने बताया कि कोविड के कारण पुल निर्माण का काम थोड़ा धीमा पड़ गया था। अब स्थितियां सामान्य हो रही हैं लिहाजा काम में फिर से तेजी आ गई है।

ये होगा सिक्स लेन पुल का रूट
मलाक हरहर से होकर, उपरहार, बेला कछार, फाफामऊ तथा सदर तहसील के मेंहदौरी कछार, असदुल्लापुर, नकौली कछार, बेली कछार, बेली उपरहार गांव से होकर स्टेनली रोड में कमिश्नरी को जाने वाले लाला लाजपत मार्ग चौराहे में जुड़ जाएगा। इन गांवों के लगभग चार सौ किसानों की जमीन पुल निर्माण के लिए अधिग्रहीत की गई है। लगभग सभी किसानों को मुआवजा मिल चुका है। कुछ किसानों का कागजी कोरम पूरा न होने के कारण उनके खाते में पैसा नहीं जा सका है।

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