पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

कारगिल विजय दिवस...अनोखे अंदाज में सपूतों को किया नमन:सैंड आर्टिस्ट ने संगम रेती पर उकेरा कारगिल जंग का मैदान, HC के चीफ जस्टिस ने युवाओं का हौसला बढ़ाया

प्रयागराज2 महीने पहले

आज कारगिल विजय दिवस है। साल 1999 में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को जंग के मैदान में धूल चटाई थी। आज पूरा देश शहीद सैनिकों को याद कर रहा है। लेकिन विजय दिवस की पूर्व संध्या पर प्रयागराज में संगम के किनारे सरहद की निगहबानी करते शहीद हुए जवानों को अनोखे अंदाज में श्रद्धांजलि दी गई। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विजुअल आर्ट डिपार्टमेंट के छात्र-छात्राओं ने संगम की रेत से कारगिल युद्ध का सीन क्रिएट किया।

इसे देखने के लिए तमाम लोग पहुंचे। युद्ध का मैदान सेल्फी प्वाइंट बन गया। यह सैंड आर्ट देखने इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएन भंडारी, प्रयागराज के जिलाधिकारी संजय खत्री भी पहुंचे। सभी ने छात्र-छात्राओं की हौसलाफजाई की।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएन भंडारी ने भी संगम नोज पर पहुंचकर अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएन भंडारी ने भी संगम नोज पर पहुंचकर अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

चीफ जस्टिस ने बढ़ाया सैंड आर्टिस्टों का हौसला

इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएन भंडारी ने कहा कि सैंड कलाकार हर साल कुछ न कुछ क्रिएटिव करते हैं। इस वर्ष जिस तरह से उन्होंने संगम की रेती पर जिस तरह से टैंक बनाकर कारगिल युद्ध का सीन क्रिएट किया गया है, वह काबिले तारीफ है। बच्चों को मेरी शुभकामना है कि वे और तरक्की करें। युवाओं के मन में अपने देश और सैनिकों के प्रति इस तरह का सम्मान देश के लिए अच्छा है। इससे पूर्व उन्होंने शहीदों को पुष्प चढ़ाकर नमन किया। जिलाधिकारी संजय खत्री ने कहा कि सैंड आर्टिस्टाें का यह प्रयास सराहनीय है। हम चाहेंगे कि छात्र आगे बढ़ें और देश की सेवा करें।

संगम नोज पर रेत से तैयार की गई यह तोप आकर्षण का केंद्र रही।
संगम नोज पर रेत से तैयार की गई यह तोप आकर्षण का केंद्र रही।

टैंक और तोपों ने संगम की रेती को युद्ध मैदान बना दिया

सैंड आर्ट से संगम नोज पर कलाकारों ने टैंक और तोपें भी बनाईं, इन्हें बाकायदा ग्रीन रंग से कलर भी किया गया। सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए रायफल और उसके ऊपर आर्मी की कैप भी बालू से ही तैयार की। उसपर फूल-माला भी चढ़ाई गई। टैंकों पर तिरंगा झंडा भी लहराता दिखा। इसके साथ ही साथ बालू पर ही तिरंगा झंडा रेत और कलर से तैयार किया गया। गंगा की ही रेती में इंडियन आर्मी लिखा गया। यह सब देखकर संगम पर सैर करने आए सैलानियों ने खूब सेल्फी ली और देश के वीर सपूतों को सैल्यूटकर श्रद्धांजलि दी।

प्रयागराज के डीएम संजय खत्री भी पहुंचे और सभी ने छात्र-छात्राओं की हौसलाफजाई की।
प्रयागराज के डीएम संजय खत्री भी पहुंचे और सभी ने छात्र-छात्राओं की हौसलाफजाई की।

युवा सैनिकों का बलिदान याद रखें, इसलिए बनाई सैंड आर्ट

सैंड आर्टिस्ट अजय गुप्ता का कहना है कि आज का दिन हमारे लिए बेहद खास है। हमारे सैनिकों ने जुलाई 1999 में हुई कारगिल जंग में पाकिस्तान को धूल चटाई थी। इस जंग में भारत के तमाम वीर सपूत सैनिक सरहद पर देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। हम अपने सैनिकों का बलिदान याद रखें इसलिए सैंड आर्ट से कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि देने का एक छोटा सा प्रयास किया गया है।

उन्हीं को याद करने और श्रद्धांजलि देने के लिए संगम तट पर सैंड आर्ट के जरिए उस घटना का चित्रण किया गया है। इसके जरिए आज की पीढ़ी को यह संदेश देने की भी कोशिश की गई है कि देश के लिए सैनिकों ने जो बलिदान दिया था उससे आज की पीढ़ी को सीख लेने जरूरत है। कारगिल जंग में फतह के बाद से हर वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के तौर पर मनाया जाता है।

कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर सैंड आर्टिस्टों द्वारा प्रयागराज के संगम नोज पर तैयार किया गया कारगिल युत्र भूमि का सांकेतिक दृश्य।
कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर सैंड आर्टिस्टों द्वारा प्रयागराज के संगम नोज पर तैयार किया गया कारगिल युत्र भूमि का सांकेतिक दृश्य।

आज देश के वीर सपूतों को याद करने का दिन

हमारे देश के वीर सैनिकों ने पाकिस्तान से हुई इस जंग में अपनी शहादत देकर भारत को विजय दिलायी था। उन्ही वीर सपूतों की याद में आज संगम तट पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। सैंड आर्टिस्ट आशीष निषाद का कहना है कि देश के सैनिकों ने पाकिस्तान से हुई कारगिल जंग में विजय के लिए जान की कुर्बानी दी। वीर सैनिकों ने जो वादा किया था देश पर मर मिटने का उसको पूरा किया।

उनके घर के लोगों के लिए यह दुख की बात जरूर होगी, लेकिन उन्हें देश की सीमा की रक्षा करते हुए शहादत देने वाले अपनो पर गर्व भी है। कारगिल विजय दिवस से यह सीख मिलती है कि कोई भी लड़ाई साहस, बलिदान, राष्ट्रप्रेम व कर्तव्य की भावना के बगैर संभव नहीं है। मातृभूमि पर अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर बलिदानी आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं। लेकिन उनकी तमाम यादें देशभर के जनमानस में आज भी है और कल भी रहेगी ।

सैंड आर्ट के बारे में जानकारी देते सैंड आर्टिस्ट अजय व अन्य छात्र-छात्राएं।
सैंड आर्ट के बारे में जानकारी देते सैंड आर्टिस्ट अजय व अन्य छात्र-छात्राएं।

कलाकारों ने अपनी कला ये शहीदों को दी सच्ची श्रद्धांजलि

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दृष्य कला विभाग के विभागध्यक्ष प्रो. अजय जैतली ने कहा कि छात्र-छात्राओं ने कारगिल विजय दिवस पर सैंड आर्ट बनाकर अपनी कला से शहीदों को सच्चे मायने में श्रद्धांजलि दी है। जिन सैंड आर्टिस्टों के हुनर को सराहना मिली उनमें प्रमुख रूप से अजय कुमार गुप्ता, मनोज कुमार, जोनू प्राजापति, आशीष निषाद, अंकित यादव, भीम, बादल ,आरती, सरिता अंजलि सृष्टि सिंह सृष्टि कुशवाहा वर्षा शाक्य, कौशिकी त्रिपाठी ,प्रियम मिश्रा, सुमेधा गुप्ता दीक्षा केसरवानी ,गोपाल, शिवांगी पांडे ,अश्मित सिंह, शालिनी कुशवाहा ,रितुसा मौर्या शामिल रहे।

खबरें और भी हैं...