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प्रयागराज में बिक रहे नकली इंजेक्शन:सावधान! कहीं आप भी तो नहीं खरीद रहे ब्लैक फंगस के नकली इंजेक्शन, दो दवा कारोबारी अरेस्ट; लखनऊ तक जुड़े तार

प्रयागराज4 महीने पहले
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कानपुर में गिरफ्तार हुए आरोपी से मिला था प्रयागराज के दो कारोबारियों का इनपुट, आधा दर्जन संदिग्धों से भी जारी है पूछताछ। - Dainik Bhaskar
कानपुर में गिरफ्तार हुए आरोपी से मिला था प्रयागराज के दो कारोबारियों का इनपुट, आधा दर्जन संदिग्धों से भी जारी है पूछताछ।

संगम नगरी प्रयागराज में भी कोरोना महामारी के दौर में ब्लैक फंगस के नकली इंजेक्शन एवं दवाइयां बेचीं जा रही थी। इसका राजफाश बीती शुक्रवार की देर रात कानपुर पुलिस और प्रयागराज एसओजी की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए किया। जिसमें शहर के दो चर्चित मेडिकल स्टोर संचालकों को गिरफ्तार किया गया है। जिनके आधार पर पुलिस टीम को यह इनपुट मिला है कि यह लोग 7000 की दवाइयों को 20 से 25 हजार रुपए में बेचते थे।

नकली दवाओं का यह खेप इनको लखनऊ से सप्लाई की जा रही थी और यह लोग प्रयागराज से दवाओं की नकली खेप कानपुर सप्लाई कर रहे थे। इस प्रकरण की जांच कर रही कानपुर पुलिस अब इनके जरिए कहां-कहां नकली दवाओं की सप्लाई हुई है, इसकी लिस्ट तैयार करने में जुट गई है। फिलहाल, इन दोनों दवा कारोबारियों के अलावा कुछ और संदिग्धों को उठाकर पूछताछ जारी है। पुलिस को इनपुट मिला था कि दोनों मेडिकल स्टोरों से ब्लैक फंगस के नकली एमफोनेक्स इंजेक्शन (एम्फोटेरेसिन बी साल्ट) बेचे जा रहे थे। इसका राजफाश कानपुर में गिरोह से जुड़े दो तस्करों के पकड़े जाने के बाद हुआ था। कानपुर पुलिस लखनऊ के उन लोगों की टोह लेने में जुट गई है, जिन्होंने इन नकली दवाओं और इंजेक्शन की सप्लाई की थी।

देर रात तक छापेमारी
ब्लैक फंगस की नकली दवा एवं इंजेक्शन सप्लाई करने के प्रकरण में शुक्रवार को कानपुर पुलिस एवं प्रयागराज एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) टीम ने प्रयागराज शहर के कई इलाकों में छापेमारी की। पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। वीडियो और आडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस देर रात खुल्दाबाद और नैनी के दो दवा व्यापारियों को गिरफ्तार कर ले गई। हालांकि, यहां से कोई दवा या इंजेक्शन बरामद नहीं हुआ है।

कानपुर से 68 नकली इंजेक्शन संग गिरफ्तार ज्ञानेश ने किया राजफाश
कानपुर के ग्वालटोली थाने की पुलिस ने ब्लैक फंगस की नकली दवा बेचने के आरोप में ज्ञानेश को गिरफ्तार किया था। उसके पास से ब्लैक फंगस के 68 नकली इंजेक्शन मिले थे। पुलिस ने पूछताछ कर उसे जेल भेज दिया। ज्ञानेश के जरिए मिले इनपुट के आधार पर पता चला था कि उसने प्रयागराज के दो दवा व्यापारियों को नकली दवाएं एवं इंजेक्शन सप्लाई की थी। उसी आधार पर कानपुर पुलिस ने प्रयागराज क्राइम ब्रांच की मदद से छापेमारी की। पुलिस ने कानपुर निवासी मधुरम वाजपेयी के खुल्दाबाद स्थित मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मधुरम शहर के धूमनगंज कोतवाली अंतर्गत कालिंदीपुरम में रहता था। उसी के साथी नैनी कोतवाली अंतर्गत शंकर ढाल, मिर्जापुर रोड पर स्थित मेडिकल स्टोर पर छापेमारी करके पुलिस टीम ने रात एक बजे पंकज अग्रवाल को भी गिरफ्तार कर लिया। इनके अलावा कई अन्य संदिग्धों को पकड़ा गया है।

लखनऊ की कंपनी ने की थी नकली इंजेक्शन की सप्लाई
एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा ने बताया कि पकड़े गए दोनो आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि लखनऊ की एक कंपनी से वह लोग माल खरीदकर सप्लाई कर रहे थे। यह भी आरोप है कि सात हजार की दवा यह लोग 20 से 25 हजार में बेचते थे। 97 हजार की खरीदारी की बात सामने आई है। इस प्रकरण की जांच कानपुर पुलिस कर रही है।

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