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योगी सरकार के खिलाफ बेरोजगारों का हल्ला बोल:थाली-चम्मच बजाने के बाद अब 9 को महापंचायत, नौकरियों में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम हुई तेज

प्रयागराज21 दिन पहले
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प्रयागराज में बेरोजगार युवकों ने विभिन्न मांगों को लेकर थाली बजाकर सड़कों पर मार्च निकाला। - फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
प्रयागराज में बेरोजगार युवकों ने विभिन्न मांगों को लेकर थाली बजाकर सड़कों पर मार्च निकाला। - फाइल फोटो

विधानसभा चुनाव 2022 के ठीक पहले प्रदेश के युवाओं ने बेरोजगारी मुद्दे को हवा दे दी है। प्रदेश के विभिन्न शहरों में युवाओं ने थाली-चम्मच मार्च निकालकर हलचल पैदा कर दी है। अब रोजगार और नौकरियों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ नौ जनवरी को बड़ी संख्या में बेरोजगार ऐतिहासिक इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर महापंचायत करेंगे। इसमें छात्रों, बेरोजगारों और लोक सेवा आयोग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर वृहद चर्चा और आगे की रणनीति तय करेंगे।

अब नौकरियों में भ्रष्टाचार असहनीय हो गया है

भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष कौशल सिंह ने बताया कि प्रदेश में युवाओं और बेरोजगारों की कोई नहीं सुन रहा है। लोक सेवा आयोग, उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, परीक्षा नियामक प्राधिकारी में भ्रष्टाचार किसी से छिपा नहीं है। आए दिन भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। ऊपर से दो साल कोरोना निगल गए। हजारों प्रतियोगियों ने अपने घर के कमाऊ सदस्यों को खोया है। आर्थिक संकट और बेरोजगारी के इस आलम में नौकरियों में भ्रष्टाचार के असहनीय हो गया है। सरकार को कई बार ज्ञापन देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में बेरोजगार अब सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। इसी कड़ी में नौ जनवरी को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन पर महापंचायत रखी गई है।

सभी मुद्दों पर होगा व्यापक मंथन

इस महापंचायत के संयोजक अजीत राय व ओपी सिंह व आम प्रतियोगी हैं। इस महापंचायत में प्रतियोगी छात्रों के हित से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर व्यापक मंथन होगा। ये ऐसे मुद्दे हैं जिनपर लोक सेवा आयोग और सरकार दोनों ध्यान नहीं देते। यही कारण है कि प्रशासनिक सेवाओं में हिंदीभाषी क्षेत्रों का परिणाम कम हो गया है। भ्रष्टाचार को बढ़ावा भी मिल रहा है। लोक सेवा आयोग अध्यक्ष एवं माननीय मुख्यमंत्री ,कार्मिक सचिव एवं अन्य को इन सभी मुद्दों से अवगत कराया जाएगा और एक अभियान चलाकर आयोग को पारदर्शी बनाने के लिए अनवरत प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कार्मिक सचिव व लोक सेवा अध्यक्ष को मांगपत्र भी सौंपा जाएगा। मांगें न मानी गईं तो प्रतियोगी व्यापक आंदोलन चलाएंगे।

ये हैं मुद्दे-

  • लोक सेवा आयोग की PCS प्रारंभिक परीक्षा व RO आदि वस्तुनिष्ठ व नकारात्मक अंकों के साथ आयोजित होती है, इसलिए शुद्ध प्रश्न व सर्व शुद्ध विवाद रहित उत्तर विकल्प के साथ प्रश्न पत्र बनाए जाएं। यदि गलत बनाया जाता है तो उस पर पेपर सेटर व मॉडरेटर को दंडित किया जाए।
  • प्रारंभिक परीक्षा की भी संशोधित आंसर की जारी की जाए। प्रश्नों में विवाद ज्यादा होने के कारण योग्य प्रतियोगी छात्रों को पता ही नही चलता कि वे क्यों बाहर हो गये।
  • लोअर सबोर्डिनेट सेवा परीक्षा को यूपी एसएसएससी से ना करा कर पूर्व की भांति लोक सेवा आयोग से कराया जाए।
  • पीसीएस की पीईएस सेवा ( जीआईसी प्रिंसिपल, डायट प्रवक्ता एवं बीएसए) के सभी पदों की योग्यता समतुल्य रखी जाए। क्योंकि सभी प्रशासनिक पद एक दूसरे के पदों पर स्थानांतरण भी किया जाता है।
  • विधि संबंधित परीक्षाओं का लगातार आयोग द्वारा न् कराना दुख का विषय है। इसलिए पीसीएसजे व अभियोजन अधिकारी की परीक्षा हर साल कराया जाए।
  • अभियोजन अधिकारी की वैकेंसी 2016 के बाद अभी तक नहीं आई है। ऐसे में प्रभावित अभ्यर्थियों जिनकी आयु सीमा वर्ष 2020 एवं 21 में समाप्त हो गई है उन्हें न्यूनतम दो प अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
  • EWS श्रेणी से संबंधित अभ्यर्थियों को अनारक्षित वर्ष की भांति न्यूनतम 5 वर्ष आयु सीमा में छूट का प्रावधान आयोग द्वारा किया जाए।
  • पीसीएस मुख्य परीक्षा में लगातार हिंदी भाषा का रिजल्ट न आना दुखद है। इसलिए हिंदी व इंग्लिश भाषा में लिखित उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन संबंधित भाषा विशेषज्ञ से ही कराया जाए व मुख्य परीक्षा में विकल्प मांगा जाए।
  • अंतिम रूप से रिजल्ट आने के उपरांत यथा शीघ्र 1 माह के अंदर अंक पत्र जारी किया जाना चाहिए एवं अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिका दिखाई जाये ।
  • लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष व वर्तमान अध्यक्ष ने आयोग को प्रयोगशाला बना दिया है जिसके कारण प्रतियोगी छात्र के साथ मानसिक अवसाद का सामना करना पड़ रहा है किसी भी परिवर्तन करने के पश्चात एक साल बाद ही कोई भी नियम लागू किया जाना चाहिए।
  • पिछले साल घोषित खंड शिक्षा अधिकारी, आरओ 2016 आदि की परिणाम का अंकपत्र व कटऑफ वेबसाइट पर इसी माह उपलब्ध कराया जाए।
  • भर्ती परीक्षाओं का पेपर लीक होने से राेकने।
  • पेपर लीक मामले में पकड़े गए लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग करेंगे।
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