एक पद पर 1.12 दावेदार:स्वास्थ्य विभाग में 3620 पदों के लिए सिर्फ 4062 अभ्यर्थियों ने किए आवेदन

प्रयागराज4 महीने पहले
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 3620 पदों पर सीधी भर्ती के लिए 28 मई से आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी। - Dainik Bhaskar
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 3620 पदों पर सीधी भर्ती के लिए 28 मई से आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी।

बेरोजगारी के इस आलम में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की एक भर्ती परीक्षा ऐसी भी है, जिसमें एक पद के सापेक्ष दो दावेदार भी नहीं हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा विभाग में 3620 पदों के सापेक्ष सिर्फ 4062 अभ्यर्थियों ने ही आवेदन किए हैं। यानी एक पद पर सिर्फ 1.12 दावेदार हैं। कंपटीशन न के बराबर...। मतलब साफ है, जो थोड़ा भी ठीक-ठाक कैंडीडेट है उसे नौकरी मिलना तय है। इसका दूसरा पहलू यह भी है कि अभी भी देश में चिकित्सा क्षेत्र में भीड़ नहीं है। अवसर बहुत हैं और लोग कम।

28 मई से शुरू हुई थी ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
लोक सेवा आयोग ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञों के 3620 पदों पर सीधी भर्ती के लिए 28 मई से आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी। आवेदन की अंतिम तिथि 28 जून निर्धारित की गई थी।
एक तो आवेदक ही कम ऊपर से विभन्न पदों के सापेक्ष 179 अभ्यर्थियों के आवेदन भी त्रुटिपूर्ण पाए गए। हालांकि इन आवेदकों को संशोधन के लिए सात जुलाई तक अतिरिक्त अवसर दिया गया है।

सबसे ज्यादा 600 पद बाल रोग विशेषज्ञों के
इस सीधी भर्ती में सबसे ज्यादा छह सौ पद बाल रोग विशेषज्ञों के हैं। इसके अलावा एनस्थेटिस्ट (निश्चेतक) के 590, गायनकोलॉजिस्ट (प्रसूती एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ) के 590, जनरल सर्जन के 590, जनरल फिजिशयन के 590, पैथोलॉजिस्ट के 75, रेडियोलॉजिस्ट के 75, ऑफ्थलमोलॉजिस्ट (नेत्र रोग विशेषज्ञ) के 75 व ऑर्थोपेडिशियन (हड्डी रोग विशेषज्ञ) के 75 पद शामिल हैं।
इसके अलावा ईएनटी स्पेशियलिस्ट (कान, नाक, गला विशेषज्ञ) के 75, डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा रोग विशेषज्ञ) के 75, साइकियाट्रिस्ट (मनोरोग विशेषज्ञ ) के 75, माइक्रोबायोलॉजिस्ट के 30, फॉरेंसिक स्पेशियलिस्ट के 75 और पब्लिक हेल्थ स्पेशियलिस्ट के 30 पद हैं।

अब जरा इन आंकड़ों पर भी गौर करें

  • दो करोड़ आबादी वाले उत्तर प्रदेश में लगभग दो लाख डॉक्टरों की जरूरत
  • नेशनल हेल्थ प्रोफाइल 2015 के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कुल 65,343 डॉक्टर पंजीकृत हैं।
  • इनमें से 52,274 राज्य में प्रैक्टिस करते हैं।
  • आबादी और डॉक्टरों की संख्या के अनुसार प्रत्येक डॉक्टर पर 3,812 मरीजों को देखने का जिम्मा है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन कहता है कि प्रत्येक डॉक्टर के जिम्मे सिर्फ 1000 मरीज होने चाहिए।
  • सरकारी अस्पतालों में राज्य में कुल 18,732 डॉक्टरों के स्वीकृत पद हैं।
  • वर्तमान में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मात्र 13 हजार डॉक्टर कार्यरत हैं।
  • बढ़ती आबादी और मरीजों के आंकड़ों के लिहाज से यह संख्या लगभग 45 हजार होनी चाहिए।
  • ऐसे में इन पदों को भरने के बाद प्रांतीय चिकित्सा सेवा को बेहतर करने में बड़ी मदद मिलेगी।
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