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UP के भगोड़े IPS की संपत्ति होगी कुर्क:2014 बैच के IPS ने 6 साल में राजस्थान में 60 करोड़ की संपत्ति बनाई; महोबा के कारोबारी की हत्या का आरोप, 9 महीने से फरार चल रहे

प्रयागराज3 महीने पहले
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महोबा के क्रशर कारोबारी की मौत के मामले में भगोड़े IPS मणिलाल पाटीदार की करीबन 50-60 करोड़ की संपत्तियों को कुर्क करने की तैयारी हो गई है। पाटीदार पर एक लाख का इनाम घोषित है। वे बीते 8 माह से फरार चल रहे हैं। एक माह के भीतर कोर्ट के सामने हाजिर नहीं होने पर SIT के विवेचक और प्रयागराज के SP क्राइम आशुतोष मिश्रा की तहरीर पर कबरई थाने में धारा 174 A के तहत केस दर्ज किया गया है।
IPS की अब तक 5 संपत्तियां चिह्नित हो चुकी हैं
मूलतः राजस्थान के डूंगरपुर के रहने वाले मणिलाल पाटीदार साल 2014 बैच के IPS अफसर हैं। लखनऊ स्थित भ्रष्टाचार निवारण की अदालत ने मणिलाल पाटीदार के खिलाफ वारंट जारी कर रखा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए आईजी रेंज के स्तर से एसआईटी तक गठित है।

फरार होने के बाद प्रयागराज पुलिस उनकी नामी और बेनामी संपत्तियों को खंगालना शुरू कर दिया है। अब तक की खोजबीन में पता चला है कि मणिलाल पाटीदार ने राजस्थान में अपने पिता राम जी पाटीदार के नाम और फ्लैट खरीदा है। इसके अलावा दुकान, मकान समेत तीन अन्य संपत्तियों का भी पता चला है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब तक मणिलाल पाटीदार की कुल 5 संपत्तियों को चिह्नित किया जा चुका है, जो राजस्थान में हैं। इनकी बाजार के मुताबिक कीमत तकरीबन 50-60 करोड़ के आसपास है। एसपी क्राइम प्रयागराज आशुतोष मिश्रा का कहना है कि फरार अभियुक्त की तलाश में टीमें लगी हैं। उसकी सारी संपत्तियों को चिह्नित करने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया की जाएगी।

फरारी के बाद अब तक हुई कार्रवाई

  • मणिलाल पाटीदार की गिरफ्तारी न होने पर पिछले मई महीने में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की थी।
  • इसके बाद महोबा जिले से तीन और प्रयागराज जिले से दो टीमों को भगोड़े आईपीएस की गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है। इसमें एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की भी टीम शामिल है।
  • पांच- पांच टीमों लगी होने के बावजूद अभी फरार आईपीएस का सुराग नहीं लगा है। राजस्थान तक मणिलाल पाटीदार को खोज कर लौट चुकी एसटीएफ के हाथों तहसील और राजस्व अधिकारियों के जरिए उसकी संपत्तियों के बारे में जरूर पता चल गया है।
  • फरार आईपीएस मणिलाल पाटीदार महोबा जिले के जाने-माने क्रशर प्लांट कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी आत्महत्या केस का मुख्य आरोपी है। सितंबर 2020 में मणिलाल पाटीदार महोबा जिले का पुलिस अधीक्षक था। तब क्रशर प्लांट कारोबारी इंद्रकांत की मौत से पहले उसके कई वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए थे। जिसमें उस पर छह लाख रुपये प्रतिमाह रिश्वत मांगने का आरोप लगा था।

ये है मामला

दरअसल, क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी को 8 सितंबर 2020 को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगी थी। करीब 5 दिन तक कानपुर के एक अस्पताल में इलाज के बाद उनकी 13 सितंबर 2020 को मौत हो गई। इससे पूर्व 7 2020 सितंबर को इंद्रकांत ने एक वीडियो जारी कर पाटीदार पर संगीन आरोप लगाते हुए खुद की हत्या की आशंका जताई थी। आरोप लगाया था कि पाटीदार ने कारोबार करने के लिए 6 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। न देने पर हत्या कराने या जेल भेजने की धमकी दी थी। इंद्रकांत की मौत के बाद उनके भाई रविकांत ने महोबा के पूर्व SP मणिलाल पाटीदार, कबरई थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर देवेंद्र व कांस्टेबल अरुण और दो अन्य के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी।

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