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प्रयागराज...वरुण का विवादित पोस्टर जारी करने पर एक्शन:इरशाद उल्ला 15 दिनों के लिए निष्कासित, कांग्रेस कमेटी ने पक्ष सुनने के बाद लिया फैसला

प्रयागराज10 दिन पहले
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वरुण गांधी के इसी विवादित पोस्टर को लेकर कांग्रेस में खलबली मच गई थी। - Dainik Bhaskar
वरुण गांधी के इसी विवादित पोस्टर को लेकर कांग्रेस में खलबली मच गई थी।

सांसद वरुण गांधी के विवादित पोस्टर जारी करने के मामले में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक्शन लिया है। प्रयागराज के शहर सचिव इरशाद उल्ला को 15 दिनों के लिए पार्टी के सभी पदों से निष्कासित कर दिया है। मंगलवार को इस मामले में कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष प्रदीप नारायण द्विवेदी ने इरशाद को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उनसे 24 घंटे में जवाब मांगा था। यह भी कहा था कि यदि पार्टी जवाब से संतुष्ट न हुई तो पार्टी से उनका निष्कासन हो सकता है।

इरशाद ने कहा-अति उत्साह में जारी किया पोस्टर

इरशाद ने प्रदीप नारायण द्विवेदी के सामने बुधवार को अपना पक्ष रखा। कहा कि मीडिया में खबरें चल रही थीं कि सांसद वरुण गांधी सोनिया गांधी से मिलने उनके घर जाएंगे। यह खबर सुनकर अति उत्साह में मैंने पोस्टर जारी कर दिया। इस पोस्टर से कांग्रेस का कोई लेना-देना नहीं है। इसकी पूरी जिम्मेदारी मेरी है। इसको मैंने अपने स्तर पर जारी किया। इससे अगर किसी को ठेस पहुंची है तो मैं क्षमा मांगता हूं।

इरशाद पर पार्टी की छवि धूमिल करने का आरोप

कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष प्रदीप नारायण द्विवेदी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया था कि इरशाद उल्ला की तरफ से लगातार किए जा रहे कार्य से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। पार्टी ने उनसे जवाब मांगा है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो पार्टी सदस्यता समेत सभी पदों से निष्कासित कर देगी।

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सीबीआई जांच की मांग की थी

कांग्रेस कार्यकर्ता की ओर से जारी पोस्टर को वरुण गांधी के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों से जोड़कर देखा जा रहा है। वरुण गांधी ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में किसानों के समर्थन में ट्वीट किए थे। इससे बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व नाराज चल रहा था। उन्होंने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सीएम योगी को पत्र लिखकर सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई थी।

इसके अलावा घटना का वीडियो शेयर कर गुस्सा जाहिर किया था। किसानों की मांग के समर्थन में सरकार को पत्र भी लिखा था। माना जा रहा है कि इन सभी वजहों से पार्टी उनसे नाराज चल रही है। यही कारण है कि वरुण गांधी और भारतीय जनता पार्टी के बीच सब कुछ सामान्य नहीं है। इस बात को उस समय और बल मिल गया जब बीजेपी ने लखीमपुर घटना के बाद वरुण गांधी और उनकी मां मेनका गांधी को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल नहीं किया। इसे बीजेपी की वरुण गांधी और मेनका गांधी से नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है।

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