राममंदिर के लिए काशी प्रांत से 72 करोड़ रुपये:प्रयागराज समेत 26 जनपदों का लेखा जोखा विश्व हिंदू परिषद ने रसीद और कूपन के साथ अयोध्या भेजा

प्रयागराज3 महीने पहले
प्रयागराज के विहिप के प्रांत कार्यालय पर समर्पण राशि की रसीद भेजी गई।

अयोध्या में हो रहे राममंदिर निर्माण के लिए बड़ी संख्या में रामभक्त समर्पण राशि दे रहे हैं। काशी प्रांत से बड़ी संख्या में रामभक्तों ने स्वेच्छा से समर्पण राशि समर्पित की है। काशी प्रांत में कुल 26 जनपद शामिल हैं। यहां से करीब 23 लाख परिवारों ने लगभग 72 करोड़ रुपये की धनराशि मंदिर के लिए भेजा है। विश्व हिंदू परिषद के तत्वावधान में धन संग्रहित किया गया और पूरा लेखा जोखा श्रीराम जन्मभूमि तीथ क्षेत्र को भेजा गया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी जगतगुरु शंकराचार्य ने पूरा लेखा जोखा विश्व हिंदू परिषद के प्रांत कार्यालय केसर भवन में सामूहिक किया और उसे अयोध्या भेजा।

2 दानदाताओं ने एक करोड़ से ज्यादा की दी धनराशि

प्रयागराज के केसर भवन में आडिट समापन कार्यक्रम में शामिल हुए वासुदेवानंद सरस्वती।
प्रयागराज के केसर भवन में आडिट समापन कार्यक्रम में शामिल हुए वासुदेवानंद सरस्वती।

विश्व हिंदू परिषद की ओर से काशी प्रांत से मिले समर्पण राशि का पूरा विवरण निकाला। इसमें पता चला कि यहां 2 ऐसे दानदाता हैं जिन्होंने राममंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ से भी ज्यादा की धनराशि अयोध्या में रामंदिर निर्माण के लिए भेज दिया है। विश्व हिंदू परिषद ने इनका नाम पूरी तरह से गोपनीय रखा है। विहिप (काशी प्रांत) के कोषाध्यक्ष रविंद्र मोहन गोयल ने बताया कि 21 दानदाता ऐसे हैं जिन्होंने 10 लाख से ज्यादा रुपये मंदिर के लिए दिया। 10 लाख रुपये से अधिक देने वाले श्रद्धालुओं की संख्या करीब एक लाख है।

37 हजार कार्यकर्ताओं ने किया प्रेरित

रविंद्र मोहन गाेयल ने बताया कि काशी प्रांत के 26 जनपदों में 1506 जमाकर्ता नियुक्त किए गए। पांच-पांच कार्यकर्ताओं की टोली बनाई गई, जिसमें 37, 650 कार्यकर्ता शामिल रहे। यह लाेगों के बीच में जाकर राम मंदिर निर्माण के लिए समर्पण राशि दान करने के लिए प्रेरित किया।

यह चंदा नहीं समर्पण राशि है : वासुदेवानंद सरस्वती

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी वासुदेवानंद सरस्वती ने दैनिक भास्कर को बताया कि विश्व हिंदू परिषद संचालित सर्वोच्च श्रीराम जन्मभूमि तीथ क्षेत्र के द्वारा मंदिर का कार्य संचालित हो रहा है। धन संग्रह के लिए चंदा नहीं वसूला बल्कि समर्पण राशि जुटाई गई है। काशी प्रांत का लेखा जोखा प्रांत केसर भवन से अयोध्या। जिस दिन प्रतिष्ठा होगी रामलला की उस भारत के लिए ऐतिहासिक दिन होगा।

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