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छात्र राजनीति के शिखर पर कंडक्टर की बेटी:2018 में शाह को काला झंडा दिखाया, अब नेहा बनीं समाजवादी छात्र सभा की पहली महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष

प्रयागराज2 महीने पहले
नेहा यादव को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने समाजवादी छात्र सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है।
  • नेहा AU से कर रहीं हैं PHD, अब तक 6 बार जा चुकी हैं जेल भी

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बस कंडक्टर की बेटी नेहा यादव को समाजवादी छात्र सभा (सछास) का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। महिला सभा को छोड़कर पहली बार किसी महिला को समाजवादी पार्टी ने छात्र सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है। अभी तक फैजाबाद के अनिमेश प्रताप सिंह उर्फ राहुल सिंह सछास के अध्यक्ष थे। ये वहीं नेहा यादव हैं, जो अमित शाह को प्रयागराज में काला झंडा दिखाने वाली टीम में शामिल थीं।

नेहा यादव ने दैनिक भास्कर को बताया कि वह मूलत: बरेली जिले के ऊंचा गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता जगदीश सिंह यादव रोडवेज में कंडक्टर के पद से रिटायर हैं। मां विमला देवी ग्राम प्रधान हैं। नेहा छात्रों के लिए शुरू से संघर्ष करती रही हैं। वह अब तक 6 बार जेल भी जा चुकी हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में नेहा वर्तमान में फूड टेक विभाग में न्यूट्रिशनल साइंस से पीएचडी कर रही हैं।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ नेहा यादव।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ नेहा यादव।

BHU छेड़खानी मामले में 3 दिन बैठी रहीं धरने पर, यहीं से आईं चर्चा में
नेहा यादव ने BHU से एमएससी की पढ़ाई की है। 2017 में बीचएयू में छेड़खानी मामले में 3 दिन तक धरने पर बैठ गईं। तीसरे दिन लाठीचार्ज हो गया था। नेहा ने बताया कि उस समय उनका एमएससी फाइनल इयर था। इसके बाद छात्रावास खाली करा लिया गया था। इस घटना में भी नेहा को जेल जाना पड़ा था।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में छेड़खानी के विरोध में धरने पर बैठीं नेहा यादव को पुलिस जबरन टांग कर ले गई थी।- फाइल फोटो
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में छेड़खानी के विरोध में धरने पर बैठीं नेहा यादव को पुलिस जबरन टांग कर ले गई थी।- फाइल फोटो

हाथरस रेप कांड के विरोध में प्रदर्शन करने पर 2 महीने जेल में रहीं
नेहा यादव ने बताया कि सितंबर 2020 में हाथरस रेप कांड के विरोध और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गईं। इसके बाद सभी को जबरन जेल में डाल दिया गया। नेहा दो महीने की सजा काटकर जब घर लौटीं तो काफी डिमोटिवेट थीं। इसके बाद अखिलेश यादव उनके बरेली स्थित आवास तक गए। नेहा को बहुत समझाया। उसका मनोबल बढ़ाया इसके बाद वह फिर संघर्ष के लिए तैयार हैं।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भाजपा सरकार की नीतियों के विरोध में भैंस के आगे बीन बजातीं नेहा यादव व अन्य।- फाइल
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भाजपा सरकार की नीतियों के विरोध में भैंस के आगे बीन बजातीं नेहा यादव व अन्य।- फाइल

AU शोध प्रवेश परीक्षा की टॉपर रही हैं नेहा
नेहा यादव न सिर्फ सड़क पर उतरकर संघर्ष करने में तेज हैं, बल्कि पढ़ाई-लिखाई में भी टॉपर रही हैं। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की 2016 प्रवेश परीक्षा उन्होंने टॉप किया था। बीएचयू से पीएचडी करने के बाद वर्तमान में वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय से शोध कर रही हैं।

एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन करतीं नेहा यादव।- फाइल
एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन करतीं नेहा यादव।- फाइल

पार्टी के भरोसे पर खरे उतरेंगे
नेहा यादव ने बताया कि अखिलेश यादव जी ने जो जिम्मेदारी दी है उस पर खरा उतरने की कोशिश होगी। सरकार की छात्र विरोधी नीतियों का विरोध होगा। 2022 के चुनाव में छात्र-छात्राओं की भागीदारी बढ़ाकर सपा को जीत दिलाने का प्रयास किया जाएगा। छात्रों के खिलाफ अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा।

महंगाई के विरोध में प्रदर्शन करतीं नेहा यादव व अन्य।- फाइल
महंगाई के विरोध में प्रदर्शन करतीं नेहा यादव व अन्य।- फाइल

छात्रसंघ बहाली के लिए होगा संघर्ष
नेहा ने कहा कि पूरे देश में छात्रसंघों की बहाली के लिए संघर्ष किया जाएगा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भी छात्रसंघ की बहाली कराकर दम लेंगे। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा। छात्रसंघ से किसी का क्या नुकसान है। इसे बहाल करना ही होगा।

शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के लिए काम करेंगे
नेहा ने कहा कि सपा सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के लिए काम करेगी। हमारा प्रयास होगा कि अधिक से अधिक युवाओं को नौकरी मिले। सरकार में आते ही रोजगार, युवाओं और महिलाओं को बेहतर जिंदगी देने का प्रयास करेंगे। सपा 10 लाख छात्रों को नौकरी देने का काम करेंगे।

हाथरस रेप कांड का विरोध कर रही नेहा यादव पुलिस से झड़प करती हुईं।- फाइल
हाथरस रेप कांड का विरोध कर रही नेहा यादव पुलिस से झड़प करती हुईं।- फाइल

युवाओं को जगाने छात्रों के बीच जाएंगी नेहा
पार्टी से जिम्मेदारी मिलने के बाद नेहा ने तय किया है कि वह छात्रों के बीच जाएंगी। उनकी समस्याएं सुनेंगी और उन्हें दूर करने के लिए हर संभव शुरुआत करेंगी। इसकी शुरुआत प्रयागराज से ही होगी। नेहा का कहना है कि अगर कोई भी परिवर्तन लाना हो तो इसकी शुरुआत अपने घर से करनी चाहिए। इसलिए प्रयागराज से ही शुरुआत होगी।

मेरी कोई राजनीतिक महात्वाकांक्षा नहीं
नेहा से जब पूछा गया कि आपकी राजनीतिक महात्वाकांक्षा क्या है तो जवाब में नेहा ने कहा कि मैं तो शोध छात्रा हूं। मेरा लक्ष्य असिस्टेंट प्रोफेसर बनना है। अब जबकि पार्टी ने इतनी बड़ी जिम्मेदारी दे दी है मेरी कोशिश रहेगी कि उस पर खरा उतरूं। बाकी मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं। छात्रों के लिए संघर्ष ही मेरा लक्ष्य है।

  • एक प्रदर्शन के दौरान नेहा यादव को रोकती पुलिस।

कुछ खास-खास

  • धरना-प्रदर्शन में 66 दिन नैनी सेंट्रल जेल में रहीं। नैनी जेल के अनुभवों पर एक किताब लिख रही हैं। 10 दिसंबर 2020 तक जेल में रहीं।
  • निर्बल सहायता समूह के नाम से एक NGO खोला। इसके माध्यम से ऐसे गरीब लोगों की मदद कर रही हैं, जो अपना खुद का मुकदमा नहीं लड़ सकते।
  • इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फूड एंड टेक विभाग में न्यूट्रिशनल साइंस में पीएचडी कर रही हैं।
  • बीएचयू से एमएससी किया और बरेली के रुहेलखंड यूनिवर्सिटी से बीएससी।

कुछ चर्चित संघर्ष

  • सभी सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में एकल एंट्रेंस हो।
  • बीएचयू में 24 घंटे और सप्ताह के सभी दिन लाइब्रेरी खुले।
  • 2017 में बीचएयू में छेड़खानी मामले में 3 दिन तक बैठे थे धरने पर।
  • तीसरे दिन लाठी चार्ज हो गया और नेहा को जेल भेज दिया।
  • इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली का मूवमेंट, जोकि अभी जारी है।
  • इलाहाबाद विश्वविद्यालय में महिला छात्रावास से बाहर आने-जाने की पाबंदियां हटाने पर लंबा संघर्ष चला था।
  • 2019 में एयू में छात्राओं को छात्रावास से बाहर करने के विरोध में प्रदर्शन करने पर छात्रावास और विश्वविद्यालय से 3 माह के लिए बाहर कर दिया गया था।
  • 2018 में अमित शाह का काफिला रोका था और काला झंडा दिखाया था। इस मामले में भी 14 दिन की रिमांड लेकर नैनी जेल भेज दिया गया था।
  • 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयागराज आने के विरोध में एक सप्ताह के लिए जेल भेज दिया गया था।
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