पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Prayagraj
  • Women Need Three Days Period Leave, Demand Raised From Sangamnagari Prayagraj, Uttar Pradesh Women Teachers Association Wrote Letter To UP Women's Commission, CM PM

महिलाओं को चाहिए तीन दिन की पीरियड लीव:संगमनगरी से उठी मांग, उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ ने UP महिला आयोग, CM-PM को लिखा पत्र

प्रयागराज2 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
पीरीयड्स के दौरान महिलाओं में कई हार्मोनल चेंज होते हैं। इन कारणों से तमाम शारीरिक समस्याएं आती हैं। - Dainik Bhaskar
पीरीयड्स के दौरान महिलाओं में कई हार्मोनल चेंज होते हैं। इन कारणों से तमाम शारीरिक समस्याएं आती हैं।

महिलाओं को तीन दिन की स्पेशल लीव (पीरियड लीव) चाहिए। संगमनगरी से इस आशय की मांग उठी है। महिलाओं के हक में यह आवाज उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ ने बुलंद की है। संगठन ने इसके पीछे कोशिशें और मुहिम तेज कर दी है। इसी कड़ी में प्रदेश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, यूपी महिला आयोग को मांगपत्र भेजा गया है। फिलहाल पहले से मिल रहे कई स्पेशल लीव के बाद इस एक और स्पेशल लीव ने नई बहस छेड़ दी है।

पीएम, सीएम व महिला आयोग को भेजा ज्ञापन

राज्य महिला आयोग, सीएम, पीएम को भेजे गए मांग पत्र में संगठन ने कहा है कि पीरियड के दौरान महिलाओं की मानसिक और शारीरिक स्थिति सामान्य दिनों से अलग होती है। उनमें कई हार्मोनल चेंज होते हैं। चिड़चिड़ापन, पेट व शरीर दर्द की समस्या बनी रहती है। इस दौरान डॉक्टर भी आराम देने की सलाह देते हैं। इसलिए सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।

महिला शिक्षक संघ की जिलाअध्यक्ष वीथिका अमरनाथ ने बताया कि पिछले दिनों भाजपा प्रदेश मंत्री और राज्य महिला आयोग सदस्य अनामिका चौधरी को इस आशय का एक मांग पत्र सौंपा गया था। इस मांग को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिया गया है।

पीरियड्स के दौरान कमर दर्द, थकान, चिड़चिड़ापन होना आम बात है।
पीरियड्स के दौरान कमर दर्द, थकान, चिड़चिड़ापन होना आम बात है।

निजी संस्थान भी दे रहे विशेष सुविधाएं

संगठन की महामंत्री अपर्णा वाजपेई ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 15 (3) और 42 के तहत राज्य कर्मचारियों, महिलाओं और युवतियों के कल्याण के लिए विशेष उपबंध किए जा सकते हैैं। बिहार सरकार पिछले 30 वर्षों से ऐसा कर रही है तो यूपी सरकार या देशभर में ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता है। निजी संस्थान भी महिलाओं को इस तरह स्पेशल अवकाश दे रहे हैं, इसलिए सरकारी स्तर पर भी यह व्यवस्था बनाई जा सकती है।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के सामने भी इस आशय की मांग उठाई जा चुकी है। डिप्टी सीएम ने आश्वासन दिया है कि वो इस मांग को मंत्रिमंडल की बैठक में रखेंगे।

सरकार से होगी विचार करने की अपील

प्रदेश भाजपा मंत्री अनामिका चौधरी ने कहा कि 'उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की पदाधिकारियों ने ज्ञापन देकर तीन दिन का पीरियड लीव दिए जाने की मांग की है। इस मांग से हम योगी आदित्यनाथ को भी अवगत कराएंगे और प्रधानमंत्री तक भी इसे पहुंचाएंगे। हमारी कोशिश होगी कि महिलाओं की यह मांग पूरी हो।

17 मार्च 2020 को सरकार ने बढ़ाई थी मातृत्व अवकाश की अवधि

17 मार्च 2020 को सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए देश की लाखों कामकाजी महिलाओं को बड़ी सौगात दी थी। महिलाओं को मिलने वाले मातृत्व अवकाश की अवधि 12 सप्‍ताह से बढ़ाकर 26 सप्‍ताह कर दिया था। अब 182 दिनों का मातृत्व अवकाश मिलता है। इस अवधि के दौरान महिला कर्मचारी के वेतन में उनके संस्‍थान कोई कटौती नहीं होगी। महिलाओं को मिलने वाले अवकाश

मातृत्व अवकाश (Maternity leave)

  • महिला कर्मी को 180 दिनों का मातृत्व अवकाश का प्रावधान है।
  • यह छुट्टी सिर्फ दो बच्चों तक मिलेगी।
  • अवकाश में भी उसे छुट्टी से ठीक पहले उसको मिलने वाले वेतन के बराबर वेतन मिलेगा।
  • मातृत्व अवकाश को leave account से घटाया नहीं जाएगा।
  • अविवाहित महिला भी यदि मातृत्व अवकाश चाहती है तो उसे भी दिया जाएगा।

गर्भपात (Miscarriage)

  • इस स्थिति में 45 दिनों का मातृत्व अवकाश अवकाश मिलेगा।
  • यह छुट्टी पूरे सेवा के दौरान ,जब ऐसी परिस्थिति आएगी, मिलेगा।
  • लेकिन यह छुट्टी medical certificate के आधार पर ही मिलेगा।
  • मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर यह कितनी भी बात लिया जा सकता है।

चाइल्ड केयर लीव

  • शिक्षा विभाग ने महिला अध्यापकों को संतान की देखभाल करने के लिए चाइल्ड केयर लीव के तहत 730 दिन की छुट्टी लेने का प्रावधान है।

पीरियड्स में लीव महिलाओं के स्वाथ्य के लिहाज से बेहतर

प्रयागराज की जानी-मानी महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. जया नैथानी कहती हैं कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं में कई तरह के हार्मोनल चेंज होते हैं। इस कारण महिलाओं के व्यवहार में कई तरह के बदलाव भी देखे जाते हैं। कई बार वे ज्यादा चिड़चिड़ी हो जाती हैं। पेट व कमर में दर्द सबसे कॉमन समस्या है। पीरियड्स के दौरान यूरिन इंफेक्शन सबसे बड़ी समस्या है। यदि कॉमन टॉयलेट साफ-सुथरा नहीं है तो यूरिन इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अगर महिलाओं को तीन दिन का पीरियड लीव मिल जाता है तो यह उनके स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर होगा।

खबरें और भी हैं...