त्रिभुवन 37 साल से बच्चों को सिखा रहे हैं तैराकी:नेशनल और इंटरनेशनल खेलों में छात्रों ने जीता पदक, 5500 बच्चों को दे चुके हैं प्रशिक्षण

प्रयागराज3 महीने पहले

प्रयागराज के त्रिभुवन निषाद पिछले 37 सालों से बच्चों को स्वीमिंग सीखा रहे हैं। उन्होंने इसकी शुरुआत 1980 से की थी। उन्होंने बताया पैसे के अभाव में कई बच्चें प्राइवेट स्वीमिंग पूल अफोर्ड नहीं कर पाते है इसलिए उन्होंने यमुना नदी में बच्चों को तैराकी सीखाना शुरू कर दिया। उनके कई खिलाड़ी नेशनल और इंटरनेशनल गेम्स में झंडा गाड़ चुके हैं। त्रिभुवन 5500 से बच्चों को अब तक प्रशिक्षण दे चुके हैं।

कनन गुप्ता महज 4 साल की उम्र में यमुना नदी में सधे हुए तैराक की तरह तैरते हैं।
कनन गुप्ता महज 4 साल की उम्र में यमुना नदी में सधे हुए तैराक की तरह तैरते हैं।

त्रिभुवन का प्रयागराज से वाराणसी तैरकर जाने का सपना नहीं हुआ था पूरा

त्रिभुवन निषाद ने बताया कि 1980 में वो प्रयागराज से वाराणसी तैरकर जाने का संकल्प लिया था। प्रशासन से सहयोग न मिल पाने के कारण उनका यह सपना अधूरा ही रह गया। इसके बाद एक दिन अपनी बेटी तरुणा निषाद को टब में हाथ-पांव मारता देखा तो उसे रोज 9 माह की उम्र से ही तैराकी सिखाना शुरू किया। तरुणा निषाद जिसे जलपरी भी कहा जाता है ने साढ़े चार साल की उम्र में यमुना में 1996 में 6 घंटे 19 मिनट तक लगातार तैरकर विश्व रिकार्ड बनाया था। उनका दो बार लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज कराने के बाद त्रिभुवन ने गरीब बच्चों को तैराकी सिखाने का मन बनाया।

यमुना नदी में 37वें बैच में करीब 150 तैराकी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। कोच त्रिभुवन इन बच्चों को गाइड कर रहे हैं।
यमुना नदी में 37वें बैच में करीब 150 तैराकी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। कोच त्रिभुवन इन बच्चों को गाइड कर रहे हैं।

नेशनल और इंटरनेशनल खेलों में त्रिभुवन के छात्र गाढ़ चुके हैं झंड़ा

तरुणा निषाद बना चुकी हैं वर्ल्ड रिकार्ड

तरुणा निषाद जिसे जलपरी भी कहा जाता है उन्होंने साढ़े चार साल की उम्र में 1996 में 6 घंटे 19 मिनट तक लगातार तैरकर विश्व रिकार्ड बनाया था। तरुणा का नाम दो बार लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हाे चुका है। तरुणा को नेशल चाइल्ट अवार्ड व गुजरात श्री का अवार्ड भी मिल चुका है। तरुणा निषाद ने 1995 में सवा 3 साल में 38 मिनट में एक किलोमीटर स्वीमिंग करके यमुना नदी पार किया था। इस रिकार्ड को सौफिया फगरुआ जोकि पेरू की रहने वाली हैं ने ब्रेक कर दिया था।

सौफिया ने 3 साल की उम्र में यह रिकार्ड तोड़ा। इसके बाद कीर्ति निषाद जिसे जल कन्या की उपाधि मिली है उसने 2 साल 11 महीने में 1500 मीटर 29 मिनट में तैरकर उस रिकार्ड को वापस प्रयागराज की झोली में डाल दिया था। इसके बाद इस रिकार्ड को महाराष्ट्र के बालाजी ने ढाई साल की उम्र में ब्रेक किया था। त्रिभुवन निषाद के बेटे मानस निषाद ने 2004 में दो साल चार दिन में उस रिकार्ड को फिर से ब्रेक कर वापस प्रयागराज की झोली में डाल दिया था। रिकार्ड टूटने और बनने का यह सिलसिला अभी जारी है।

राहुल वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीत चुके हैं सिल्वर मेडल

राहुल ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में दूसरा स्थान प्राप्त किया था।
राहुल ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में दूसरा स्थान प्राप्त किया था।

राहुल कुमार ने यूपी टीम से सिंगापुर में 2011 में हुई कैनोइंग की वर्ल्ड चैंपियनशिप में दूसरा स्थान प्राप्त किया था। उसे सिल्वर मेडल मिला था। प्रयागराज के मड़ौका गांव के रहने वाले राहुल कुमार इस समय सेना में जूनियर कमीशंड अफसर हैं। राहुल सेना में भर्ती होने के बाद लगातार नेशनल में गोल्ड मेडल जीत रहे हैं। अभी राहुल सेना की तरफ से ही खेल रहे हैं।

त्रिभुवन को मिल चुका है राष्ट्रपति पुरस्कार

त्रिभुवन ने यमुना नदी से तैरना सीखा और नेशनल प्लेयर बने। वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के रोइंग, कैनोइंग, स्वीमिंग टीम के कैप्टन भी रहे हैं। तीनों गेमों का कलर होल्डर रहे हैं। 7 बार ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी खेल में हिस्सा लिया। 2003 में नेशनल में भी भाग लिया पर मेडल न जीत सके। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर स्पोर्ट्स में एनआईएस किया इसके बाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर स्पोर्ट्स गोवा से लाइफ सेविंग का कोर्स किया। बेहतर प्रदर्शन के लिए त्रिभुवन को फस्ट एड में 1998 में राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजा गया। उत्तर प्रदेश क्याकिंग, कैनोइंग टीम के कोच भी हैं। त्रिभुवन निषाद के सिखाए 20 से अधिक बच्चे राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके हैं। त्रिभुवन वर्तमान में प्रयागराज विकास प्राधिकरण के बोट क्लब में वाटर स्पोर्ट्स का उत्तर प्रदेश की टीम को प्रशिक्षण देते हैं।

त्रिभुवन प्रशिक्षण के लिए 3000 रुपए लेते हैं।
त्रिभुवन प्रशिक्षण के लिए 3000 रुपए लेते हैं।

3000 में देते हैं लाइफ मेंबरशिप

त्रिभुवन निषाद ने बताया कि नवजीवन तैराकी क्लब मीरापुर की मेंबरशिप कमला निषाद ने 1985 में 51 रुपये में शुरू की थी। सदस्य 51 रुपये में जीवन में कभी भी तैराकी की बारिकियां सीख सकते हैं। इस क्लब के साथ तैराकी क्लास ज्वाइन कर सकता है। समय और महंगाई को देखते हुए अब यह फीस बढ़कर 3000 रुपये हो गई है। यह मेंबरशिप आजीवन रहती है। यह क्लब त्रिभुवन निषाद की पत्नी कमला निषाद चलाती हैं। अब तक इस क्लब के 5500 लाइफ मेंबर हैं। त्रिभुवन की खुद की कोई फीस नहीं है। क्लब चलाने के लिए मामूली फीस क्लब को जाती है।

केवल 9 साल की पंखुड़ी गुप्ता ने 17 मिनट में 600 मीटर लंबी यमुना नदी पार कर सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
केवल 9 साल की पंखुड़ी गुप्ता ने 17 मिनट में 600 मीटर लंबी यमुना नदी पार कर सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

4 साल की उम्र में कनन का सपना है स्वीमर बनना

प्रयागराज के कनन गुप्ता महज 4 साल के हैं। यमुना की गहराई में कनन आराम से तैरते हैं। जब उससे पूछा गया कि आपको डर तो नहीं लगता तो कनन ने कहा कि पहले लगता था अब जब तैरना सीख गए तो नहीं लगता है। कानन 28 जून को यमुना नदी तैरकर पार करेंगे। 13 साल के शिवांश टंडन ने 18 मिनट में ही यमुना नदी तैरकर पार किया है। केवल 7 दिन में सीखकर शिवांश ने यह कारनामा कर दिखाया है। इसी तरह पंखुड़ी गुप्ता केवल 9 साल की हैं। पंखुड़ी ने 17 मिनट में यमुना नदी तैरकर पार किया है। उसका सपना स्वीमर बनना है।

यमुना नदी से ही तैराकी सीखने वाले मानस निषाद ने नेशनल में मेडल जीतकर प्रयागराज का गौरव बढ़ाया है।
यमुना नदी से ही तैराकी सीखने वाले मानस निषाद ने नेशनल में मेडल जीतकर प्रयागराज का गौरव बढ़ाया है।

9 साल के वैभव साहू ने 19 मिनट में पार की यमुना

वैभव साहू केवल नौ साल के हैं। उन्होंने रविवार को केवल 19 मिनट में तैरकर यमुना नदी पार की लिया। इसी तरह विवेक साहू ने 16 मिनट में यमुना नदी पार की है। विवेक केवल 12 साल के हैं। इसी तरह पीयूष 14 साल के हैं और महज 11 मिनट में यमुना नदी पार किया है। इसी तरह शिवांश मोहिले ने 11 साल की उम्र में 16 मिनट में यमुना पार करके रिकार्ड बनाया है। इसके अलावा आदर्श शाहू, विनायक केसरवानी, राशी मौर्या, स्वस्तिक कुमार सिंह ने भी 10 साल से भी कम उम्र में यमुना नदी पार की है।

पूल की कमी खलती है

कोच त्रिभुवन कहते हैं कि पूल की कमी है। जार्जटाउन स्वीमिंग पूल बंद है। प्रयागराज के तैराकों को सुविधा नहीं मिल पाती है। स्वीमिंग पूल प्राइवेट है। गंगा यमुना के सहारे ही नेशनल और स्टेट के लिए बढ़ते हैं। हमारे जितने स्वीमिंग पूल हैं वह अक्टूबर से बंद होने लगते हैं। नेशलन कंपटीशन अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में होता है। वातावरण भी नहीं मिल पाता है। महाराष्ट्र और केरल के लोग स्वीमिंग में आगे निकल जाते हैं।

क्या क्या सिखाते हैं

  • स्क्रोलिंग
  • ब्रेस्ट स्ट्रोक
  • फ्री स्टाइल
  • बैक स्ट्रोक
  • बटरफ्लाई
  • ब्रीदिंग पर जोर रहता है
नेशल तैराक कीर्ति निषाद को उनकी अचीवमेंट के लिए सम्मानित करतीं सांसद डॉ. रीता गहुगुणा जोशी।
नेशल तैराक कीर्ति निषाद को उनकी अचीवमेंट के लिए सम्मानित करतीं सांसद डॉ. रीता गहुगुणा जोशी।
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