जनप्रतिनिधियों को उम्मीदों की कसौटी पर तौल रहे मतदाता:रायबरेली के डलमऊ में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, रोजगार और पेयजल होगा बड़ा मुद्दा

डलमऊ, रायबरेली3 दिन पहले
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विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है, जनप्रतिनिधि जनता की चौखट पर हाजिरी लगा रहे हैं। मतदाता क्षेत्र की मूलभूत आवश्यकताओं को जेहन में रख योग्य जनप्रतिनिधि को अपनी उम्मीदों की कसौटी पर तौल रहे हैं। सड़क, बिजली, रोजगार समेत कई मुद्दों पर इस बार भी चर्चाओं का बाजार गर्म है।

जनप्रतिनिधियों के लिए चुनौती

विकास की किरणों से हर गली को प्रकाशित करने के सपने शुरुआती विधानसभा चुनाव से ही राजनेता देखते आए हैं। राजनेता तभी से जनता को सब्जबाग दिखा रहे हैं। चुनाव दर चुनाव चेहरे बदलते गए, लेकिन समस्याएं आज भी ज्यों का त्यों बनी हुईं हैं, आधुनिकता के साथ बदलाव की बयार चली लेकिन मूलभूत सुविधाओं के लिए लोगों को आज भी लंबी दौड़ लगानी पड़ रही है।

ये हैं बुनियादी समस्याएं

क्षेत्र के गांवों के लोगों के सामने सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, रोजगार, पेयजल आदि के लिए आज भी संघर्ष करना पड़ रहा है। विधायक बनने के बाद जनप्रतिनिधियों के सामने भी समस्याएं थीं। कभी केंद्र में सरकार नहीं तो कभी राज्य में सरकार नहीं, इसके कारण क्षेत्र के विकास को पंख नहीं लग सके।

क्षेत्र में हुआ ये काम

बीते कार्यकाल में जनता ने दूर कर सत्ता का रुख भांपते हुए अपना जनप्रतिनिधि चुना। भाजपा के टिकट पर पहली बार विधायक बने धीरेंद्र बहादुर सिंह ने सड़कों व नहरों में पानी लाने में कदम बढ़ाए, शिक्षा के क्षेत्र में दो आईटीआई विद्यालय बने।