रायबरेली में अपात्र कार्ड धारकों की जांच के आदेश:5.59 लाख कार्ड धारकों की होगी जांच, बनाई गई 109 टीमें; पहले चरण में 218 दुकानों की जांच

रायबरेलीएक महीने पहले
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रायबरेली में जमकर भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। गरीबों के हक पर डाका डाल रहे अमीरों की अब खैर नहीं है। शासन ने जिले की कोटे की 1,145 दुकानों से जुड़े करीब 5.59 राशन कार्ड धारकों की पात्रता के जांच के आदेश दिए हैं। पहले चरण में 218 दुकानों से जुड़े करीब 1.10 लाख राशन कार्डों की जांच के लिए टीमें गठित की गई हैं।

जांच के लिए 109 अधिकारियों की टीम बनाई गई। है। प्रत्येक अधिकारी को दो-दो कोटे की दुकानों के राशन कार्डों की जांच करनी होगी। राशन कार्ड धारकों की पात्रता की जांच शुरू होने के बाद अपात्रों में हड़कंप मच गया है।

अपात्र कार्ड धारकों पर गंभीर रुख
जिले में 1,01,913 अंत्योदय राशन कार्ड व 4,58,929 पात्र गृहस्थी के राशन कार्ड बने हैं। राशन कार्डों की यूनिटों के हिसाब से हर महीने मुफ्त राशन दिया जा रहा है। अपात्रों के मुफ्त राशन डकारने की शिकायतें मिलने के बाद शासन ने गंभीर रूख अपनाया है। शासन की मंशा पर अपात्रों को राशन कार्ड सरेंडर करने के आदेश दिए गए हैं। अब तक 325 से अधिक अपात्र लोगों ने राशन कार्ड को सरेंडर करके राशन लेना भी बंद कर दिया है। शासन के गंभीर होने के बाद अपात्र लोग घबराए हुए हैं।

शासन ने अब सभी कोटे की दुकानों से जुड़े राशन कार्ड धारकों की पात्रता की जांच करके अपात्रों के राशन कार्डों को निरस्त करने के आदेश दिए हैं, जिससे पात्रों को योजना का लाभ दिया जा सके। जिले में 1,145 कोटे की दुकानों से 5.59 लाख से अधिक कार्डधारक राशन ले रहे हैं। पहले चरण में DSO ने 218 कोटे की दुकानों से जुड़े एक लाख से अधिक कार्डों की जांच के लिए अधिकारियों की टीम लगाई है।

1.10 लाख राशन कार्डों की जांच के लिए टीमें गठित की गई हैं।
1.10 लाख राशन कार्डों की जांच के लिए टीमें गठित की गई हैं।

ये अधिकारी करेंगे जांच
जांच टीम में जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी लालगंज, जिला प्रोबेशन अधिकारी सहित 109 अधिकारियों को लगाया गया है। अमावां, चकदादर, डिडौली, दाउदनगर, सराह हरदो, इकौनी, मेरुई, खीरो, डीघा, चिचौली, जगतपुर, दौलतपुर, धूता, बरावां, अशरफाबाद, भीतरगांव, बकुलिहा, पट्टी रहस कैथवल आदि 218 कोटे की दुकानों से जुड़े कार्ड धारकों की पात्रता की जांच के आदेश दिए हैं।

शहर में प्लॉट, आयकरदाता व कार वाले अपात्र
शासन स्तर से अपात्र घोषित करने के लिए पात्रता की सूची भी उपलब्ध कराई है। जांच टीमों को इन्हीं मानकों के आधार पर कार्डधारक की जांच करके निर्णय लेना है। आयकर दाता, चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, एसी, जनरेटर, पांच एकड़ से अधिक जमीन है, वह लोग अंत्योदय व पात्र गृहस्थी राशन कार्ड के लिए अपात्र हैं। पात्रता के लिए ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख और नगरीय क्षेत्र में तीन लाख से अधिक परिवार की आय भी नहीं होनी चाहिए। शहरी क्षेत्र में आवासीय व व्यावसायिक प्लॉट लेने वाले भी अपात्र घोषित किए गए हैं।

DSO विमल कुमार शुक्ला ने बताया, जिले में 218 कोटे की दुकानों से जुड़े राशन कार्ड धारकों की पात्रता की जांच के लिए 109 अधिकारी नामित किए गए हैं। सभी अधिकारी दो-दो दुकानों के कार्डों की जांच करेंगे। सभी 1,145 दुकानों से जुड़े 5.59 लाख कार्ड धारकों के पात्रता की जांच चरणबद्ध तरीके से होगी।