रायबरेली में हत्यारोपी को उम्रकैद:दो साल पहले महिला की हत्या के केस में आया फैसला; हत्यारोपी को देना होगा 10 हजार का अर्थ दंड

रायबरेली4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
मृतका की बेटी नीलम ने गांव के राम भरोसे उर्फ हटीले के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। - Dainik Bhaskar
मृतका की बेटी नीलम ने गांव के राम भरोसे उर्फ हटीले के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।

रायबरेली में एक हत्यारोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। आरोपी ने दो साल पहले महीला की हत्या कर दी थी। जिसको लेकर कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं दस हजार रुपए अर्थ दंड भी लगाया है।

मामला सलोन कोतवाली क्षेत्र के गौतमन का पुरवा मजरे तिवारीपुर गांव की है। 14 मई 2019 को गांव निवासी देवरती रात में घर पर सो रही थी। तभी उसकी कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई।

सिर पर मिले थे चोट के निशान

मृतका की बेटी नीलम ने गांव के राम भरोसे उर्फ हटीले के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। कोर्ट में मामला चला। ट्रायल के दौरान मौखिक साक्ष्य और चिकित्सीय साक्ष्य में कोर्ट के सामनें ये बात स्पष्ट हो गई कि मृतका देवरती को धारदार हथियार से गहरे जख्म दिए गए थे जिससे उसकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में उसके सिर में चोट के तीन निशान भी मिले थे।

उम्र की दी दलील फिर भी सजा नहीं हुई कम

कोर्ट ने समस्त पहलुओं पर सुनवाई की और जब केस जजमेंट पर पहुंचा तब हत्यारोपी की ओर से दलील दी गई कि उसकी उम्र 55-60 साल की है। वो गरीब है और भट्टे पर मजदूरी करता है इसलिए कम से कम सजा दी जाए। लेकिन शासकीय अधिवक्ता देवकांत शुक्ला ने केस में जबर्दस्त पैरवी की। अंत में विशेष न्यायाधीश हीरा लाल ने तथ्यों और परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा और 10 हजार का अर्थदंड लगाया है।

खबरें और भी हैं...