रायबरेली में प्रियंका गांधी बोलीं:16 हफ्ते 24 घंटे हमको दीजिए, हमें संगठन नहीं बढ़ाना, देश बचाना है; मिलने की होड़ में आपस में भिड़े कार्यकर्ता

रायबरेली3 महीने पहले
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा दो दिवसीय दौरे पर रायबरेली पहुंची हैं।

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अपने दो दिवसीय दौरे पर रविवार को रायबरेली पहुंची। लखनऊ से जाते वक्त रास्ते में बछरावां के चूरूवा मंदिर पर कांग्रेसियों ने उनका स्वागत किया। प्रियंका ने हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद भुएमऊ गेस्ट हाउस में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा चुनाव को लेकर बैठक की। इस दौरान प्रियंका ने कहा कि हमें संगठन को नहीं बढ़ाना है, देश को बचाना है। इसके लिए हमको दिन रात मेहनत करना है। कांग्रेसियों से कहा कि देश व संविधान बचाना है तो 16 हफ्ते 24 घंटे हमको दीजिए।

यह जानकारी बैठक से निकलने के बाद कांग्रेस जिला महासचिव नौशाद खतीब ने दी। खीरो ब्लॉक की अध्यक्ष प्रियंका ने बताया कि हमारी नेता ने विधानसभा चुनाव और संगठन को और मजबूत करने के लिए चर्चा हुई है़। इस बात पर भी पार्टी के कार्यकर्ताओं को ही टिकट मिले, जो कांग्रेसी हैं। ग्राम सभाओं में जाकर कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं। जिला कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष अशोक सिंह ने बताया कि संगठन के गठन और वर्तमान में जो जन समस्याएं हैं उनको लेकर चर्चा हुई है। बूथ स्तर तक संगठन बने इसको लेकर भी चर्चा हुई है।

कांग्रेस के जिला महासचिव अजीत सिंह ने सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के बयान पर कहा कि भारत देश में सभी जातियों का सम्मान है। देश को आजाद कराने में सभी जातियों का सहयोग रहा है। हम उनके बयान की निंदा करते हैं। प्रियंका के आज हनुमान मंदिर में किए गए दर्शन पर कहा कि प्रियंका गांधी पूर्व में महाकाल के भी दर्शन किए थे। वो हिंदू धर्म से हैं और हम लोगों का कर्तव्य है।

हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना।
हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना।
मंदिर में कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी रही।
मंदिर में कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी रही।

मिलने की होड़े में भिड़े कार्यकर्ता
अपने नेता के स्वागत करने व उनकी एक झलक पाने के लिए कार्यकर्ता जगह-जगह पर मौजूद दिखे। इसी बीच, बछरांवा चौराहे पर भी कार्यकर्ताओं की भीड़ मौजूद रही। अचानक से महराजगंज के कांग्रेसी नेता सुशील पासी व एक अन्य नेता के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी। दोनों एक दूसरे को देख लेने की धमकी देने लगे। गनीमत रही कि इस दौरान वंहा मौजूद अन्य कांग्रेसियों ने दोनों को शांत कराया और मामले को रफा-दफा किया।

किसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी और वो एक दूसरे को देख लेने की धमकी देने लगे।
किसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी और वो एक दूसरे को देख लेने की धमकी देने लगे।

रायबरेली में कांग्रेस के दो विधायक नहीं करेंगे प्रियंका से मुलाकात
रायबरेली में कांग्रेस के दो विधायक हैं। हालांकि, बीते 3 साल में यह दोनों ही विधायक पार्टी से बगावत कर चुके हैं। रायबरेली सदर से अदिति सिंह और हरचंदपुर विधानसभा से राकेश सिंह 2017 विधानसभा चुनावों में कांग्रेस से जीते थे, लेकिन अब दोनों ने पाला बदल लिया है। ऐसे में यह दोनों विधायक प्रियंका के साथ मंच साझा नहीं करेंगे। बताते चलें कि राकेश सिंह तत्कालीन कांग्रेस एमएलसी और अब भाजपा नेता दिनेश सिंह के भाई हैं। जबकि अदिति सिंह ने भी बगावत कर दी है। ऐसे में कांग्रेस के गढ़ में अब कांग्रेस का कोई विधायक नहीं बचा है।

बैठक के बाद प्रियंका गांधी ने महिलाओं से उनकी समस्याओं पर बात की।
बैठक के बाद प्रियंका गांधी ने महिलाओं से उनकी समस्याओं पर बात की।

गढ़ को बचाने की कोशिश में हैं प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी के रायबरेली दौरे को राजनीतिक जानकार गढ़ बचाने की चुनौती के रूप में देख रहे हैं। दरअसल, 2019 में सोनिया के मुकाबले कभी उनके ख़ास रहे दिनेश सिंह को भाजपा ने उतारा था। हालांकि, इसके बावजूद सोनिया गांधी चुनाव जीती थी, लेकिन वोटों का अंतर काफी कम हो गया था। जहां सोनिया गांधी को 55.80% वोट मिले, वहीं दिनेश प्रताप सिंह को 38.36% वोट हासिल हुए थे। सोनिया को जिताने के लिए प्रियंका गांधी को भी बहुत मेहनत करनी पड़ी थी। चुनाव प्रचार में शुरू से आखिर तक प्रियंका को गांव-गांव और गली-गली की खाक छाननी पड़ी। समाजवादी पार्टी से पैक्‍ट करना पड़ा, खुद प्रियंका ने एसपी विधायक मनोज पाण्डेय जैसे कद्दावर नेताओं के साथ मंच पर जाकर कैंपेन किया। तब कहीं जाकर सोनिया गांधी को 5 लाख 34 हजार 918 वोट मिले। हालांकि, बीजेपी के दिनेश सिंह भी सम्मान जनक स्थिति में थे, उन्हें 3 लाख 67 हजार 740 वोट मिले थे।

लोगों ने समस्याओं को लेकर प्रियंका गांधी को ज्ञापन सौंपा।
लोगों ने समस्याओं को लेकर प्रियंका गांधी को ज्ञापन सौंपा।
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