रायबरेली में 30 करोड़ में बनेंगे 8 विद्युत उप केंद्र:लो-वोल्टेज से लोगों को मिलेगी राहत, जमीन मिलते ही शुरू हो जाएगा निर्माण

रायबरेली2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
रिकैंप योजना के तहत 29 उपकेंद्रों का भेजा गया था प्रस्ताव - Dainik Bhaskar
रिकैंप योजना के तहत 29 उपकेंद्रों का भेजा गया था प्रस्ताव

रायबरेली में 8 नए बिजली उपकेंद्र बनाने के लिए हरी झंडी मिल गई है। बिजली को लेकर महीनों से चल रहे प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन की तरफ से नए विद्युत उप केंद्र बनाए जाने के लिए पत्र लिखा गया था। इन उप केंद्रों के निर्माण मे करीब 30 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

जिले में अभी 54 विद्युत उपकेंद्र है। इन उप केंद्रों में 5 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को बिजली मिलती है। इसमें ज्यादातर उप-केंद्र ओवरलोड है।

लो-वोल्टेज के कारण 50 हजार से अधिक लोगों को इसकी मार झेलनी पड़ती है। इस गर्मी में भी लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है, जिस पर अब राहत मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है।

रीकैप योजना धरातल पर उतारने की बात सामने आ रही इस योजना के तहत 8 नए बिजली उप केंद्र बनाने के लिए हरी झंडी मिल गई है। पावर कॉर्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता ने उप केंद्रों के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेज चुके हैं।

घटेगा बोझ तो कम होगी ट्रिपिंग
नए विद्युत उपकेंद्रों के बनने से पुराने विद्युत उपकेंद्रों का बोझ कम होगा। पुराने वाले विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े गांवों को नए उपकेंद्र से जोड़ा जाएगा। इससे लो वोल्टेज की समस्या और लाइन में आने वाले फॉल्ट से लोगों को राहत मिलेगी।

यहां बनाए जाएंगे बिजली उपकेंद्र
8 विद्युत उप केंद्रों के निर्माण के लिए गांव तो चिह्नित कर लिए गए हैं, लेकिन जहां जमीन मिलेगी, वहीं पर इनका निर्माण कराया जाएगा। बछरावां क्षेत्र के मऊगर्वी, हरचंदपुर के गंगागंज, सदर तहसील क्षेत्र के राजघाट, रायपुर महेरी, पुरवा पिडौंर, ऊंचाहार क्षेत्र के पयागपुर, थुलरई और लालगंज तहसील क्षेत्र के अंबारा गांव में उपकेंद्रों का निर्माण कराए जाने के लिए चिह्नित किया गया है। इस गांवों के आसपास जहां पर प्रशासन की ओर से जमीन उपलब्ध कराई जाएगी, वहां पर उपकेंद्रों का निर्माण करवाया जाएगा।

"जमीन मिलने के बाद शुरू कराया जाएगा काम"
वाईएन राम, अधीक्षण अभियंता, मंडल द्वितीय ने बताया, "66 रिकैंप योजना योजना के तहत 29 विद्युत उपकेंद्रों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें 8 उपकेंद्रों के निर्माण के लिए हरी झंडी मिल गई है। जमीन उपलब्ध होने के बाद उपकेंद्रों का निर्माण शुरू कराया जाएगा।"