स्कूल बने तालाब,जूते हाथ में लेकर पढ़ने पहुंचे नौनिहाल:रायबरेली मे दो दिन हुई बारिश में विद्यालय हुए लबालब

रायबरेली2 महीने पहले
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र सिंह की फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र सिंह की फाइल फोटो

रायबरेली जिले परिषदीय विद्यालयों को संवारने और व्यवस्था दुरुस्त बनाने के लिए शासन स्तर पर संचालित कायाकल्प योजना का कोई फायदा जिले में संचालित बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में नहीं दिखता। जिला स्तरीय कई बड़े अफसरों द्वारा कई विद्यालयों को गोद लिए जाने के बाद भी बरसात के दौरान इनमें होने वाले जलभराव की परेशानी खत्म होने का नाम नहीं लेती। 24 घंटे में हुई बारिश ने परिषदीय विद्यालयों के परिसर को तालाब में तब्दील कर दिया है।

करीब 20 दिन पहले सीडीओ ने भी परिषदीय विद्यालयों में जलभराव की समस्या को स्थायी तौर पर दूर कराने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी उदासीन बने हैं। जिले में 2,298 परिषदीय विद्यालयों में करीब तीन लाख विद्यार्थी हैं।

खंड शिक्षा अधिकारियों के अनुसार सीडीओ की जांच में जलभराव वाले 1492 स्कूल चिन्हित हुए हैं। इन स्कूलों में इस परेशानी से छुटकारा दिलाने के लिए मिट्टी भरवाने और जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त बनाने की जिम्मेदारी भी उपायुक्त मनरेगा और डीपीआरओ को सौंपी गयी थी।

इसके बावजूद स्कूलों में जलभराव की परेशानी से छुटकारा दिलाने को लेकर अभी तक कोई भी कार्रवाई शुरू तक नहीं हुई है। गुरुवार रात व शुक्रवार को हुई बारिश से जिले के कई स्कूलों में पानी भर गया। इस वजह से बच्चों को परेशानी हुई।

शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए ने बताया जलभराव की समस्या वाले स्कूलों की सूची बीईओ से मांगी गई थी। इन स्कूलों में मिट्टी भरवाने और जलनिकासी की व्यवस्था कराने के लिए सीडीओ ने उपायुक्त मनरेगा और डीपीआरओ को निर्देश भी दिया था। कुछ स्कूलों में ग्राम पंचायत के स्तर से इस परेशानी को दूर कराने का काम भी कराया जा रहा है।

पीठ पर बैग, हाथ में जूते

शिवगढ़ में हुई बारिश ने भी विद्यालयों को जलभराव से बचाने के दावे की पोल खोल दी है। प्राथमिक विद्यालय बैंती में पीठ पर बैग लादेबच्चे एक हाथ में जूता तो दूसरे हाथ से पैंट संभाले स्कूल जाते दिखे। विशुनपुर के स्कूल में बरामदे और कक्षाओं तक पानी पहुंच जाने से स्कूल पहुंचे बच्चों के समक्ष पढ़ाई कहां करने की समस्या खड़ी हो गयी। गुमावां, चंदापुर, रामपुर पद्मनाथ समेत कई स्कूलों में कमोबेश ऐसी ही परेशानी दिखी।

बारिश में बच्चे नहीं पहुंच पाते स्कूल

ऊंचाहार के कंपोजिट विद्यालय हादीपुर में 284 बच्चे पढ़ते हैं। कुछ घंटों की बरसात से ही स्कूल परिसर में इतना जलभराव हो जाता है। कि बच्चों का स्कूल पहुंचना तक मुश्किल हो जाता है। जलनिकासी की व्यवस्था न होने से इस समय स्कूल परिसर पानी सीन से लबालब हैं। जैसे-तैसे कुछ बच्चे पानी से होकर स्कूल पहुंच पाते हैं, लेकिन पढ़ाई लिखाई का कार्य नहीं हो पाता।

स्कूल पहुंचना हुआ मुश्किल परिषदीय विद्यालयों में जलभराव की समस्या दूर कराने के तमाम दावे कागजों तक सिमटे हैं। इसके चलते ही हो रही बारिश के कारण प्राथमिक विद्यालय बछरावां में हुए जलभराव से बच्चों का स्कूल तक पहुंचना भी दुश्वार हो गया बीते 24 घंटे से है। कक्षा में पहुंचने के लिए बच्चों को जूते-चप्पल हाथ में लेकर जाना पड़ता है। प्राथमिक विद्यालय बिशुनपुर समेत कई अन्य स्कूलों में भी कुछ ऐसी ही परेशानी है।

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