ऊंचाहार में तहसीलदार के विरोध में अधिवक्ताओं का धरना:तहसील परिसर में जमकर की नारेबाजी, तहसीलदार बोले-बेबुनियाद हैं आरोप

ऊँचाहार3 महीने पहले

ऊंचाहार में तहसील मुख्यालय पर उस समय गहमागहमी का माहौल हो गया जब तहसीलदार से नाराज अधिवक्ताओं ने हंगामा काटना शुरू कर दिया।

अधिवक्ताओं का आरोप था कि तहसीलदार द्वारा कार्यालय में प्राइवेट कर्मचारियों को रखकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है, उसी दौरान न्यायालय में बैठे तहसीलदार से बहस के बाद अधिवक्ता धरने पर बैठ गए। जिला अधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।

गुरुवार को दोपहर बाद तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार के खिलाफ हल्ला बोल प्रदर्शन शुरू कर दिया, अधिवक्ताओं ने तहसीलदार पर अधिवक्ताओं व उनके मुवक्किलों के साथ बदतमीजी से पेश होने का आरोप लगाया और परिसर में घूमकर अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन मुर्दाबाद के नारे भी लगाये।

तहसीलदार को हटाने की मांग भी की। इसी दौरान तहसीलदार अजय गुप्ता जैसे ही मुकदमों की सुनवाई के लिए न्यायालय पहुंचे वहां भी पहुंचकर अधिवक्ताओ ने नारेबाजी करते हुए सुनवाई बंद करने को कहा। दोनों पक्षों में हुई बहस के बाद अधिवक्ता तहसीलदार न्यायालय के बाहर ही धरने पर बैठ गये और डीएम जिलाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।

तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि तहसीलदार जब से आये हैं तब से तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। दो दिन पूर्व हमारे अधिवक्ता साथी विमल शुक्ला एक मुवक्किल के साथ गये थे जिन्हें तहसीलदार द्वारा धक्का मुक्की करके ऑफिस से भगा दिया गया।

इस अवसर पर एशोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष दिनेशचंद्र त्रिपाठी, शिवगोपाल सिंह, विजय सिंह,विमल शुक्ला, महेश द्विवेदी,सन्दीप सिंह, मेवालाल, राजनारायण मिश्रा आदि लोग उपस्थित रहे। तहसीलदार अजय गुप्ता ने बताया कि अधिवक्ताओं द्वारा लगाये गए आरोप निराधार है, अगर हमसे कोई भी शिकायत है तो उसकी जांच करवा लें।

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