ऊंचाहार में अधिवक्ताओं ने दिया धरना:तहसीलदार और एसडीएम के विरोध में की नारेबाजी

ऊँचाहार3 महीने पहले
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ऊंचाहार में तहसीलदार की कार्यशैली से नाराज तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को भी तहसीलदार कक्ष के समक्ष धरना दिया। इसके बाद एसडीएम व तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी की।

शुक्रवार को न्यायालय खुलने के बाद तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चंद्र उपाध्याय के साथ तहसील के सभी अधिवक्तागण इकट्ठे हो गए। सभी ने न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए तहसीलदार कक्ष के सामने दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए।

एसडीएम व तहसीलदार विरोधी नारे लगाते रहे। बार के अध्यक्ष राकेश चंद्र उपाध्याय का आरोप है कि तहसीलदार द्वारा दलालों के माध्यम से लेनदेन कर मनमानी ढंग से पत्रावलियों का निस्तारण किया जा रहा है। जिससे तहसील में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। तहसीलदार अधिवक्ताओं के प्रस्ताव के बावजूद भी कोर्ट में बैठकर मुकदमों की सुनवाई करते हैं।

सोमवार को अधिवक्ता विमल कुमार शुक्ल के साथ तहसीलदार द्वारा अमानवीय व्यवहार भी किया गया जो गलत है। धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से तहसील बार के महामंत्री राजेंद्र शुक्ल, पूर्व अध्यक्ष दिनेश चंद्र त्रिपाठी, महेश कुमार द्विवेदी, शिवजी पांडेय, शैलेंद्र शुक्ल, हरिश्चंद्र पांडेय, राज नारायन मिश्र, शिव गोपाल सिंह, श्याम जी त्रिपाठी, विपिन सिंह, राकेश पांडेय समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता गण मौजूद रहे।

अधिवक्ताओं के धरने के बीच मुकदमों की सुनवाई के लिए सैकड़ों की संख्या में आए हुए वादकारी चिलचिलाती धूप में खासे परेशान रहे। रोहनिया गांव की मालती देवी, जगतपुर के भीख गांव निवासी सावित्री देवी, सुदामापुर की निर्मला देवी तथा अनंतराम खालिक पुर कला गांव निवासी प्रेम कुमार ने बताया कि तारीख पेशी पर आए थे, वकीलों की हड़ताल के चलते परेशानी हुई।

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