बिलासपुर में भाकियू कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन:विद्युत विभाग के खोला मोर्चा, एसडीएम की गैर-मौजूदगी में नायब तहसीलदार को सौंपा 4 सूत्रीय ज्ञापन

बिलासपुरएक महीने पहले
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भाकियू कार्यकर्ताओं ने तहसील में नारेबाजी कर विद्युत विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। एसडीएम की गैर मौजूदगी में नायब तहसीलदार को अपना चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। जिसमें विद्युत संबंधित व बकाया गन्ना भुगतान शीघ्र किए जाने की आदि मांगें है।

बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन
रामपुर जनपद के बिलासपुर में शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन अंबावता के कार्यकर्ता तहसील परिसर में एकत्र हुए और बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। बिजली विभाग द्वारा किसानों के साथ करे सौतेले व्यवहार एवं शोषण को लेकर उप जिलाधिकारी मयंक गोस्वामी की गैर-मौजूदगी में नायाब तहसीलदार अमरपाल सिंह को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर अमरजीत सिंह ढिल्लों,संतोष कुमार सिकदार,गुरपाल सिंह ढिल्लों,खुशनूद अली,भोगराज,अहमद अली,सफदर अली,सतनाम सिंह,जसवीर सिंह, राजवीर सिंह, फैसल खां,मनोज कुमार, विरेन्द्र कुमार आदि उपस्थित रहे।

सलीम वारसी ने कहा मंगलपुर को जाने वाली 11000 की लाइन जर्जर हालत में है
इससे पूर्व जिलाध्यक्ष मोहम्मद सलीम वारसी ने कहा कि तहसील क्षेत्र क अशोक नगर बिजली घर से ग्राम मंगलपुर को जाने वाली 11000 की लाइन सन 1960 में बनी थी जो कि आज पूरी तरह से जर्जर हालत में हो गई है।उन्होंने कहा यह लाईन तब बनी थी जब ग्राम मानपुर ओझा बसाया गया था। तब की लाइन है उस समय के खंभों पर जो एंगल लगे थें। उस समय लकड़ी के थें जो टूटकर आपस में जुड़ गए। उन्होंने कहा-आए दिन तार टूट कर गिर जाता है। हवा चलने से पहले से लाइन को बंद करना पड़ता है,नहीं तो आपस में तार मिलकर फाल्ट हो जाता है।

कहा- सिर्फ रात में सप्लाई दी जा रही है
उन्होंने कहा-ग्राम भैंसिया ज्वालापुर,सत्याना फार्म व फातिमा नगर में सिर्फ रात्रि को ही सप्लाई दी जा रही है। भीषण गर्मी में सरकार गरीब किसान मजदूर को राहत दे रही है।लेकिन अधिकारी कर्मचारी अपनी मनमानी तरीके से गरीब किसानों की बिजली काटकर फैक्ट्रियों को ब्लैक कर रहे हैं।शासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है,किसानों को मात्र 2 से 3 घंटे बिजली मिल पा रही है,उस पर भी कटौती की जाती है।किसान अपनी फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहा है।किसानों को गन्ने का भुगतान भी नहीं कराया गया है 15 फरवरी के बाद का बकाया भुगतान अभी तक रूद्र-बिलास चीनी मिल द्वारा नहीं दिया गया है।किसानों को गन्ने का भुगतान अति शीघ्र दिलाया जाए।

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