अब्दुल्ला को मिल सकती रिहाई, आजम के आसार नहीं:रामपुर से सांसद आजम खान के 16 और बेटे अब्दुल्ला के 17 रिहाई परवाने सीतापुर जेल भेजे गए

रामपुर4 महीने पहले
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एमपी एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल ) ने आजम खान के 16 मामलों में रिहाई परवाने, जबकि अब्दुल्ला आजम के 17 रिहाई परवाने जिला कारागार सीतापुर भेजे हैं। - Dainik Bhaskar
एमपी एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल ) ने आजम खान के 16 मामलों में रिहाई परवाने, जबकि अब्दुल्ला आजम के 17 रिहाई परवाने जिला कारागार सीतापुर भेजे हैं।

रामपुर से सांसद आजम खान के रिहाई के आसार नहीं दिख रहे हैं, जबकि उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की जल्द ही रिहाई हो सकती है। करीब 2 साल से सीतापुर जेल में बंद सांसद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम ने बड़ी संख्या में जमानती भरे हैं।

एमपी एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल ) ने आजम खान के 16 मामलों में रिहाई परवाने, जबकि अब्दुल्ला आजम के 17 रिहाई परवाने जिला कारागार सीतापुर भेजे हैं। आजम खान पर करीब 98 और अब्दुल्ला आजम पर 43 मुकदमे दर्ज हैं। अब्दुल्ला आजम के खिलाफ 43 मामलों में जमानत भी मंजूर हो चुकी है। वहीं, आजम खान को कुछ मामलों में अभी जमानत नहीं मिली है।

चुनावी माहौल के चलते बढ़ीं सरगर्मियां

इतनी बड़ी संख्या में परवाने पहुंचने पर जिला रामपुर सहित उत्तर प्रदेश का राजनीतिक घटनाक्रम बड़े पैमाने पर बदलता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसके चलते आजम खान और बेटे के जमानती भरे गए हैं। आजम खान समाजवादी पार्टी में मुस्लिम चेहरा और समाजवादी पार्टी के फायर ब्रांड नेता माने जाते हैं।

जल्द बाहर आ सकते हैं अब्दुल्लाह आजम

पिछले करीब 2 साल से जिला कारागार सीतापुर में आजम खान और अब्दुल्ला आजम बंद हैं। कुछ मामलों में जमानत नहीं होने के चलते आजम खान का अभी जेल से बाहर आना मुश्किल दिखाई दे रहा है। अब्दुल्ला आजम जल्दी जेल से बाहर आ सकते हैं और सपा में कमान संभाल सकते हैं ।

यतीमखाना प्रकरण में 19 को होगी सुनवाई

सांसद आजम खां के खिलाफ यतीमखाना प्रकरण के चार मुकदमों में 19 जनवरी को सुनवाई होगी। ये मामले वर्ष 2019 के हैं, जो शहर कोतवाली में दर्ज हुए थे। मुहल्ला घोसियान यतीमखाना बस्ती में रहने वाले लोगों ने सांसद समेत अन्य सपा नेताओं के खिलाफ 12 मुकदमे कराए थे, जिसमें लोगों से मारपीट, लूटपाट व घरों पर बुलडोजर चलाकर तोड़ने का आरोप है।

इन मामलों में सांसद की जमानत मंजूर हो चुकी है। आरोप तय होने हैं। सांसद के अधिवक्ता की ओर से पुलिस की चार्जशीट पर डिस्चार्ज एप्लीकेशन दी गई थी, जिस पर अभियाेजन की ओर से आपत्ति दी जानी है। अभियोजन की ओर से 19 जनवरी को आपत्ति दाखिल की जा सकती है।

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