धर्मस्थलों को निशाना बनाना सिर्फ राजनीतिक षडयंत्र:ऑल इण्डिया मुस्लिम फेडरेशन ने की बैठक, राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले- धर्मस्थलों को जानबूझ कर निशाना बनाया जा रहा है

रामपुर2 महीने पहले
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रामपुर में ऑल इण्डिया मुस्लिम फेडरेशन के राष्ट्रीय कार्यालय में पदाधिकारियों की मीटिंग हुई। मीटिंग की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबर खान ने की। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में पूरे भारत में हर जगह मुसलमान और मुसलमानों के धर्मस्थलों को जानबूझ कर निशाना बनाया जा रहा है, जो सिर्फ एक राजनीतिक षडयंत्र है।

सभी भारत में रहने वाले हमारे भाई चाहें वो किसी भी धर्म से संबंध रखते हों, मौजूदा हालात और राजनीति से वाकिफ हैं। बार-बार मुसलमानों के धर्मस्थलों को निशाना बनाकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश अपने आप में न्यायालय और कानून द्वारा बनाए गए पूजा स्थल अधिनियम 1991 की खुली अवमानना है।

उपासना स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम 1991 देश के प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की कांग्रेस सरकार के समय बनाया गया था। इस कानून के अनुसार 15 अगस्‍त 1947 से पहले मौजूद किसी भी धर्म की उपासना स्‍थल को किसी दूसरे धर्म के उपासना स्‍थल में नहीं बदला जा सकता।

हमे श्रीलंका से सबक लेना चाहिए
अगर कोई ऐसा करने की कोश‍िश करता है तो उसे जेल भी हो सकती है। बाबर खान ने देश के सभी लोगो से अपील की है कि सभी लोग संविधानिक कार्यों के निस्तारण में धर्म को बीच में न लाएं। वो दिन दूर नहीं कि हमारा हाल भी श्रीलंका जैसा हो जाए। हमे सबक लेना चाहिए श्रीलंका से।

मीटिंग का संचालन राष्ट्रीय सचिव खान शोएब यूनुस ​​​​​​​ने किया। उन्होंने कहा कि देश में जो प्राइवेट सेनाएं बनाई जा रही है, उन्हें सरकार द्वारा रोक लगाना चाहिए। यहां पर राहत जान खां राष्ट्रीय प्रोपोगेंडा सचिव, मोहसिन खान, अब्दुल मोअज्जम खां प्रदेश सचिव, मौलाना शादाब कदीरी जिला मीडिया प्रभारी, असलम खान जिला अध्यक्ष मौजूद रहे।

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